सीएम योगी ने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन को दिया 'एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग' का भरोसा, ₹775 करोड़ की परियोजना को मिला पात्रता प्रमाणपत्र
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन (SBF) के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार 'एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग' और 'ग्राउंडब्रेकिंग से प्रोडक्शन' तक हर चरण में उनके साथ खड़ी रहेगी। बैठक में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और शहरी नियोजन समेत छह प्राथमिक क्षेत्रों में साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में हुए प्रमुख समझौते
बैठक के दौरान मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र सौंपा गया। सिंगापुर स्थित यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज समूह से जुड़ी इस कंपनी को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-8डी में ₹775 करोड़ की लागत से 'यूनिवर्सल पैकेजिंग हब' स्थापित करने के लिए 50 एकड़ भूमि के सापेक्ष यह प्रमाणपत्र दिया गया। इस परियोजना में सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है और इससे 1,880 प्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त वैश्विक कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। यह कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए आधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र की वैश्विक कंपनी ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी MoU हुआ — यह कंपनी नोएडा के सेक्टर-145 में करीब 7.5 लाख टन पुराने कचरे के उपचार और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन क्षमता का ताज़ा कचरा प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करेगी। इन परियोजनाओं में ₹250 से ₹350 करोड़ तक निवेश का अनुमान है और करीब 100 से 120 लोगों को रोज़गार मिलने की संभावना है।
फरवरी 2026 की सिंगापुर यात्रा से जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 में अपनी सिंगापुर यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि उस दौरान करीब ₹60,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सुरक्षा, स्थिरता और तेज़ी से काम पूरा कराने का जो भरोसा दिया गया था, सरकार उसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक प्रशांत मुखर्जी ने कहा कि फरवरी में हुए समझौतों को आगे बढ़ाने में उत्तर प्रदेश सरकार की टीम ने उल्लेखनीय तत्परता दिखाई है।
गौरतलब है कि SBF-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी के अनुसार, मार्क ली के नेतृत्व में यह सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन का पहला उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल है जो सिंगापुर से बाहर किसी भारतीय राज्य के दौरे पर आया है — जो उत्तर प्रदेश की बढ़ती निवेश साख का संकेत है।
जेवर में 'सिंगापुर सिटी' का प्रस्ताव
बैठक में मुख्यमंत्री ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट समर्पित 'सिंगापुर सिटी' और एक हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि जेवर क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और पूर्वी-पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारों से जुड़ाव इसे उत्तर भारत के प्रमुख आपूर्ति शृंखला केंद्र के रूप में विकसित करने की क्षमता देता है।
प्रदेश में निवेश के लिए 75 हज़ार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट स्थित छह केंद्रों को ₹35,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का ब्यौरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के कुल मोबाइल उत्पादन का करीब 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में होता है। कृषि मोर्चे पर राज्य की देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की खाद्य प्रसंस्करण, उच्च गुणवत्ता वाली पैकेजिंग और निर्यात विशेषज्ञता के साथ साझेदारी की व्यापक संभावनाएँ हैं।
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की प्रबंधन दक्षता को प्रदर्शित किया। उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट में विश्वस्तरीय होटल, सम्मेलन केंद्र और पर्यटन सुविधाएँ विकसित करने में सिंगापुर की कंपनियों के लिए अवसर रेखांकित किए।
प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया और आगे की राह
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली ने उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग, औद्योगिक पार्क और प्रगतिशील नीतियों की सराहना करते हुए इन्हें सिंगापुर की कंपनियों के लिए नए अवसर बताया। प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा भी किया और फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क तथा सेमीकंडक्टर क्लस्टर को अंतरराष्ट्रीय निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और राज्य सरकार की रणनीति केवल MoU दर्ज करने की नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उत्पादन और रोज़गार में बदलने की है।