सीएम योगी का सिंगापुर दौरा: जेवर एयरपोर्ट में 4,458 करोड़ का निवेश
सारांश
Key Takeaways
- जेवर एयरपोर्ट पर 4,458 करोड़ रुपए का निवेश।
- कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना।
- निर्यात-आयात गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए हब के रूप में विकसित होगा।
- नई रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सिंगापुर/लखनऊ, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को एक और महत्वपूर्ण वैश्विक निवेश प्राप्त हुआ है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनी सैट्स के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत, कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्थापना करेगी। पहली परियोजना एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स होगी और दूसरी एक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कंपनी का निवेश 4,458 करोड़ रुपए होगा।
एमओयू के अनुसार, सैट्स लिमिटेड जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण करेगी। यह कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभर सकेगा।
एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा।
विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर अधिक मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।