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भाजपा की 28 अक्टूबर को 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा, दिल्ली में अमित शाह और नितिन नवीन होंगे शामिल

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भाजपा की 28 अक्टूबर को 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा, दिल्ली में अमित शाह और नितिन नवीन होंगे शामिल

सारांश

भाजपा 28 अक्टूबर को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत देशभर में पदयात्रा निकालेगी। दिल्ली में लाल किले से चांदनी चौक तक 15,000 से अधिक लोगों के मार्च की उम्मीद है — यह सब तब, जब इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मेगा रैली प्रस्तावित है।

मुख्य बातें

भाजपा 28 अक्टूबर 2026 को देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्राएँ आयोजित करेगी।
दिल्ली में मार्च दोपहर 2 बजे लाल किले से शुरू होकर चांदनी चौक टाउन हॉल तक जाएगा; 15,000 से अधिक प्रतिभागियों की उम्मीद।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन , गृह मंत्री अमित शाह और CM रेखा गुप्ता के दिल्ली मार्च में शामिल होने की संभावना।
उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा — अभियान के ज़रिए 'कांग्रेस के झूठ को तथ्यों से उजागर' किया जाएगा।
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मेगा रैली प्रस्तावित; SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग होगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) 28 अक्टूबर 2026 को अपने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के अंतर्गत देशभर में एक साथ पदयात्राएँ आयोजित करेगी। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में यह मार्च लाल किले से आरंभ होकर चांदनी चौक के टाउन हॉल तक जाएगा, जिसमें 15,000 से अधिक लोगों की भागीदारी की उम्मीद है। यह कार्यक्रम विपक्ष के उन आरोपों के जवाब में आयोजित किया जा रहा है जो लोकतंत्र और चुनावी संस्थाओं से जुड़े हैं।

कार्यक्रम का स्वरूप और समयसारिणी

दिल्ली में यह पदयात्रा दोपहर 2 बजे लाल किले से शुरू होगी और चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल पर समाप्त होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस मार्च का नेतृत्व करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष और पार्टी के कई वरिष्ठ सांसदों के भी इस रैली में सम्मिलित होने की संभावना जताई जा रही है।

राज्यों में भाजपा नेताओं की भूमिका

दिल्ली के अतिरिक्त, भाजपा-शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित पदयात्राओं में शामिल होंगे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान को लेकर कहा कि पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी 'कांग्रेस के झूठ और फेक नैरेटिव को तथ्यों के साथ उजागर करेगी' तथा 'लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के प्रति जनविश्वास को और मजबूत करेगी।'

भाजपा के अनुसार, इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करना है और जनता के बीच पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखना है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: इंडिया ब्लॉक की प्रतिरैली

गौरतलब है कि भाजपा का यह अभियान उस समय शुरू हो रहा है जब इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक मेगा रैली प्रस्तावित की है। विपक्ष इस रैली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग उठाने की योजना बना रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी प्रक्रियाओं की निष्पक्षता को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। दोनों पक्षों की एक साथ बड़ी राजनीतिक गतिविधियाँ आगामी हफ्तों में सड़क-स्तरीय राजनीति को और तेज़ करने का संकेत देती हैं।

आम जनता पर असर

दिल्ली के चांदनी चौक जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में 15,000 से अधिक प्रतिभागियों की पदयात्रा के कारण यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। प्रशासन से संबंधित अधिकारियों की ओर से इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक परामर्श जारी नहीं किया गया है।

भाजपा की यह पहल आगामी दिनों में पार्टी की संगठनात्मक ताकत का परीक्षण भी मानी जा रही है — जब विपक्ष की बड़ी रैली महज चार दिन बाद निर्धारित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित प्रति-आक्रमण है — ठीक चार दिन पहले, जब इंडिया ब्लॉक रामलीला मैदान में चुनाव आयोग को घेरने की तैयारी कर रहा है। दोनों पक्षों की यह समानांतर सड़क-राजनीति दर्शाती है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं — विशेषकर चुनाव आयोग — की विश्वसनीयता अब खुले मैदान की लड़ाई बन चुकी है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि 'लोकतंत्र बचाओ' जैसे नारे तभी जनमानस में उतरते हैं जब वे ठोस मुद्दों से जुड़े हों — केवल संगठनात्मक प्रदर्शन से नहीं। आगामी हफ्तों में जनता की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि किस पक्ष का संदेश अधिक प्रभावी रहा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान क्या है?
यह भाजपा की एक राष्ट्रव्यापी राजनीतिक मुहिम है जिसके तहत 28 अक्टूबर 2026 को देशभर में पदयात्राएँ आयोजित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य विपक्ष के लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रियाओं संबंधी आरोपों का सार्वजनिक रूप से जवाब देना और पार्टी का पक्ष जनता तक पहुँचाना है।
दिल्ली में पदयात्रा कब और कहाँ से शुरू होगी?
दिल्ली में पदयात्रा 28 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे लाल किले से शुरू होकर चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल पर समाप्त होगी। इसमें 15,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस पदयात्रा में कौन-कौन से नेता शामिल होंगे?
दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ सांसदों के शामिल होने की संभावना है। भाजपा-शासित अन्य राज्यों में वहाँ के मुख्यमंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पदयात्राओं का नेतृत्व करेंगे।
इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली किस मुद्दे पर है?
इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मेगा रैली करने की योजना बना रहा है। यह रैली विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रस्तावित है।
भाजपा की इस राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच चुनावी संस्थाओं की स्वायत्तता और निष्पक्षता को लेकर तीखी राजनीतिक बहस चल रही है। भाजपा और इंडिया ब्लॉक दोनों लगभग एक साथ बड़े जन-कार्यक्रम आयोजित कर अपनी-अपनी जनाधार क्षमता का प्रदर्शन करना चाहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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