पंजाब BJP संगठन बैठक: नितिन नवीन और अमित शाह करेंगे अध्यक्षता, 12 जून शाम 6 बजे दिल्ली में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और गृह मंत्री अमित शाह 12 जून 2026 को शाम 6 बजे BJP मुख्यालय, नई दिल्ली में पंजाब BJP नेताओं के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक पंजाब में पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से बुलाई गई है।
बैठक में कौन-कौन शामिल होंगे
पंजाब BJP के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और प्रदेश संगठन मंत्री श्रीनिवास इस बैठक में भाग लेंगे। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से नितिन नवीन, अमित शाह, संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और वरिष्ठ नेता तरुण चुघ बैठक में उपस्थित रहेंगे।
तमिलनाडु बैठक का पैटर्न
गौरतलब है कि इसी क्रम में 11 जून को गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन ने शाम 6 बजे तमिलनाडु BJP टीम के साथ भी इसी प्रकार की बैठक की थी। उस बैठक में राज्य की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी को जड़ तक मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई थी। यह ऐसे समय में आया है जब BJP दक्षिण और उत्तर — दोनों राज्यों में संगठनात्मक पुनर्गठन पर जोर दे रही है।
किसान खाद संकट: ढिल्लों का नड्डा को पत्र
बैठक से इतर, पंजाब BJP के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर पंजाब में डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और यूरिया की पर्याप्त एवं समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की माँग की है। पत्र में उन्होंने 6 जून को जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि धान की बुआई का मौसम शुरू हो चुका है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कदम उठाना आवश्यक है।
ढिल्लों के अनुसार, हर साल जून-जुलाई में धान की बुआई के दौरान राज्य के कई जिलों और खुदरा केंद्रों पर खाद की कमी हो जाती है, जिससे किसानों को सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों पर घंटों — कभी-कभी कई दिनों तक — लंबी कतारों में प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इससे बुआई में देरी होती है, जिसका सीधा असर फसल उत्पादन, जल उपयोग दक्षता और सरकारी खरीद व्यवस्था पर पड़ता है।
कालाबाजारी और किसानों की आर्थिक मार
ढिल्लों ने यह भी रेखांकित किया कि खाद की कमी के दौरान जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ जाती है, जिसके कारण किसानों को निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक दाम पर खाद खरीदने पर मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब की निर्णायक भूमिका का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
आगे क्या होगा
12 जून की बैठक के बाद पंजाब BJP के संगठनात्मक ढाँचे और चुनावी रोडमैप पर स्पष्टता आने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस श्रृंखला में अन्य राज्यों की बैठकें भी आने वाले दिनों में निर्धारित हैं।