ओलेश्की में रूस-यूक्रेन का क्षेत्रीय युद्धविराम, मानवीय मिशन शुरू; कीव पर हमले जारी
सारांश
मुख्य बातें
रूस और यूक्रेन ने 27 अक्टूबर 2026 को ओलेश्की शहर में मानवीय सहायता अभियान चलाने के लिए एक 'क्षेत्रीय संघर्ष विराम' लागू किया। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख किरिलो बुडानोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि करते हुए जानकारी दी। हालाँकि, यह युद्धविराम सीमित और स्थानीय है — राजधानी कीव सहित अन्य स्थानों पर संघर्ष अभी भी जारी बताया गया है।
मानवीय मिशन का ब्यौरा
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के करीबी और कार्यालय प्रमुख बुडानोव ने एक्स पर लिखा, 'ओलेश्की में एक महत्वपूर्ण मानवीय मिशन शुरू हो गया है। जिस इलाके में यह मिशन चल रहा है, वहाँ दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की घोषणा की गई है।' उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेनी संसद के मानवाधिकार आयुक्त दमित्रो लुबिनेट्स घटनास्थल पर पहुँच गए हैं और समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
बुडानोव ने इस मिशन को आम नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, 'यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हमारे लोगों को बचाने का यह मिशन सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से पूरा हो। इस अभियान को चलाने और इसमें सहयोग देने वाले सभी लोगों का मैं दिल से आभारी हूँ।'
रूस की पुष्टि और गोलाबारी का समय
रूस के रक्षा मंत्रालय ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि उन्होंने यूक्रेन के खेरसॉन शहर की दिशा में सुबह 4 बजे मॉस्को समय (0100 GMT) से गोलाबारी रोक दी। यह कदम ओलेश्की में मानवीय तैयारियों के लिए उठाया गया, जो नीपर नदी के उस पार खेरसॉन के ठीक सामने स्थित है।
लुबिनेट्स ने अपनी फेसबुक पोस्ट में स्वतंत्र रूप से रूसी पक्ष द्वारा युद्धविराम के समय की पुष्टि की और कहा कि यूक्रेनी पक्ष अपने वादों का पालन कर रहा है।
समझौते में किसकी भूमिका रही
लुबिनेट्स के अनुसार, यह समझौता रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा के सहयोग और अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की मदद से संभव हो पाया। यह उल्लेखनीय है कि किसी अमेरिकी प्रतिनिधि की सीधी भूमिका इस स्थानीय युद्धविराम व्यवस्था में सामने आना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्यापक संघर्ष की स्थिति
गौरतलब है कि यह युद्धविराम केवल ओलेश्की क्षेत्र तक सीमित है। अन्य मोर्चों पर, विशेष रूप से कीव और पूर्वी यूक्रेन में, हमले जारी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युद्ध की समाप्ति को लेकर दबाव बढ़ रहा है, लेकिन व्यापक संघर्ष विराम के संकेत अभी भी दूर हैं।
आगे क्या होगा
मानवाधिकार आयुक्त लुबिनेट्स इस मिशन के सफलतापूर्वक पूरा होने की देखरेख कर रहे हैं। इस सीमित युद्धविराम के परिणामों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें टिकी हैं — विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मिशन सफल रहा, तो यह भविष्य में बड़े मानवीय समझौतों की राह खोल सकता है।