हैदराबाद: तीन दिनों में दूसरी टेक कर्मचारी की मौत, राजेश ने दुर्गम चेरुवु झील में लगाई छलांग
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के माधापुर इलाके में 27 अक्टूबर 2026 को एक और दुखद घटना सामने आई, जब विशाखापत्तनम के 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी राजेश ने कथित तौर पर हाईटेक सिटी के केबल ब्रिज से दुर्गम चेरुवु झील में छलांग लगा दी। यह घटना साइबराबाद आईटी हब में पिछले तीन दिनों में टेक कर्मचारियों से जुड़ी आत्महत्या का दूसरा मामला है।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह दुखद घटना
राजेश नाचारम के एक हॉस्टल में रहता था और हैदराबाद की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत था। सोमवार को वह अपने एक मित्र से मिलने माधापुर की अयप्पा सोसाइटी आया था। इसके बाद वह केबल ब्रिज पर गया और कथित तौर पर झील में कूद गया।
पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। राजेश की बहन की शिकायत पर माधापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बचाव अभियान: NDRF और SDRF की तैनाती
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमें दुर्गम चेरुवु झील में राजेश के शव की तलाश में जुट गई हैं। झील में तलाशी अभियान जारी है।
तीन दिन में दूसरा मामला: अर्चना चौधरी मलिक की मौत
इससे पहले रविवार की तड़के, उत्तर प्रदेश की रहने वाली 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी अर्चना चौधरी मलिक अपने घर में फंदे से लटकी मिली थीं, जो हैदराबाद की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती थीं।
पुलिस के अनुसार, अर्चना ने रात करीब 2:30 बजे अपने एक सहकर्मी को वीडियो कॉल किया था। उस सहकर्मी ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुबह करीब 5:30 बजे जब वह उसके फ्लैट पर पहुंचा, तो दरवाजा अंदर से बंद था।
पुलिस को सूचना देने पर पेट्रोलिंग टीम ने दरवाजा तोड़कर अर्चना को फंदे से लटका पाया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, अर्चना और उनका सहकर्मी — जो उत्तराखंड का रहने वाला है — कथित तौर पर पिछले चार वर्षों से रिलेशनशिप में थे।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
माधापुर पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। अर्चना के मामले में पुलिस उनकी मौत से पहले के हालात, उनका रिलेशनशिप और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। राजेश के मामले में आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।
गौरतलब है कि हैदराबाद के आईटी हब में टेक कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर यह घटनाएँ चिंताजनक संकेत दे रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब आईटी उद्योग में कार्यस्थल के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी पर बहस तेज हो रही है।