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बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में तैनात सीआरपीएफ जवान ने आत्महत्या का प्रयास किया

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बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में तैनात सीआरपीएफ जवान ने आत्महत्या का प्रयास किया

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक सीआरपीएफ जवान ने चुनाव ड्यूटी के दौरान आत्महत्या का प्रयास किया है। यह घटना एक गंभीर चिंता का विषय है।

मुख्य बातें

सीआरपीएफ जवान ने आत्महत्या का प्रयास किया घायल जवान का इलाज चल रहा है पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात थे मौजूदा स्थिति पर नजर रखी जा रही है सुरक्षा बलों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता

कोलकाता, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान ने सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले में आत्महत्या करने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, जवान को रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के शक्तिपुर पुलिस थाने के इलाके से सुरक्षित निकाला गया है। वर्तमान में उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

चुनाव ड्यूटी पर शक्तिपुर पहुंचे केंद्रीय बल के कुछ जवानों को बाजारसौ हायर सेकेंडरी हाई स्कूल में ठहराया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 142वीं बटालियन के एक हेड कांस्टेबल ने वहां आत्महत्या का प्रयास किया।

यह जवान दक्षिण भारत के एक राज्य का निवासी है और उसने एक महीने पहले असम में भी चुनाव ड्यूटी की थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उसने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जो उसके बाएं कंधे पर लगी। खून से लथपथ जवान को उसके साथियों ने तुरंत बचाया।

बहरामपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में घायल जवान का उपचार चल रहा है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन उन्हें अभी निगरानी में रखा गया है।

इस घटना से पहले, 14 अप्रैल की रात को दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय बल का एक जवान रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया। मृतक की पहचान कनक कोच के रूप में की गई। वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, वह सीढ़ियों से गिर गए और गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।

इसके दो दिन बाद, उत्तरी 24 परगना जिले के हिंगलगंज में सीमा सुरक्षा बल की 77वीं बटालियन के कैंप में आग लगने से एक जवान की जान चली गई। मृतक का नाम ज्योतिराम सिंह था, जो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। ज्योतिराम जब कैंप के ईंधन भंडारण कक्ष में गए, तभी अचानक आग लग गई।

इस आग ने इतनी तेजी से फैलाव किया कि सीमा सुरक्षा बल के जवान को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला, जिसके परिणामस्वरूप वह कमरे में ही फंस गए और जलने से उनकी मृत्यु हो गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हमारे सुरक्षा बलों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता को दर्शाती है। यह जरूरी है कि हम इस मुद्दे को गंभीरता से लें और जवानों के लिए बेहतर समर्थन व्यवस्था स्थापित करें।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस जवान की हालत अब ठीक है?
हां, घायल जवान की स्थिति स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है।
कौन से बल के जवान ने आत्महत्या का प्रयास किया?
यह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान ने आत्महत्या का प्रयास किया।
इससे पहले क्या कोई अन्य घटना हुई थी?
हां, 14 अप्रैल को एक जवान रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया था।
क्या सरकार इस मुद्दे पर ध्यान दे रही है?
यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, और उम्मीद है कि सरकार इस पर ध्यान देगी।
राष्ट्र प्रेस
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