4 अगस्त 2026
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असम के नगांव में सीआरपीएफ कैंप में गोलीबारी: एएसआई ने 2 जवानों को मारा, फिर खुद को गोली मारी

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असम के नगांव में सीआरपीएफ कैंप में गोलीबारी: एएसआई ने 2 जवानों को मारा, फिर खुद को गोली मारी

सारांश

असम के नगांव जिले में सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन के कैंप में एक एएसआई ने इंसास राइफल से 2 जवानों की हत्या कर दी और एक को घायल किया — फिर खुद को भी गोली मार ली। तीन मौतें, एक जाँच, और अर्धसैनिक बलों में मानसिक स्वास्थ्य पर उठते गंभीर सवाल।

मुख्य बातें

4 अगस्त को असम के नगांव जिले के कटीमारी स्थित सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन के कैंप में गोलीबारी हुई।
आरोपी एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने इंसास राइफल से हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल और एसआई रामनवल सिंह यादव की हत्या की।
एएसआई माने गोविंद श्रीपुल गंभीर रूप से घायल, ड्यू केयर अस्पताल में उपचाराधीन।
आरोपी प्रेमाबरम ने वारदात के बाद खुद को भी गोली मार ली , मौके पर मृत्यु।
घटना के पीछे का मकसद अज्ञात; सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने विस्तृत जाँच शुरू की।

असम के नगांव जिले के कटीमारी स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 34वीं बटालियन के कैंप में मंगलवार, 4 अगस्त को एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) ने कथित तौर पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दो जवानों की हत्या कर दी और एक तीसरे को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि एक घायल जवान का अस्पताल में उपचार जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

आरोपी की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी एसआई/जीडी बल्लानी प्रेमाबरम के रूप में हुई है। वह मुख्य द्वार पर ड्यूटी पर तैनात था। अधिकारियों के मुताबिक, उसे उसकी निर्धारित सर्विस राइफल के बिना पाया गया। इसके बाद वह कैंप के गार्ड रूम में गया, वहाँ से एक इंसास राइफल उठाई और क्वार्टर गार्ड के पीछे की ओर चला गया।

पुलिस के अनुसार, प्रेमाबरम ने सबसे पहले हेड कांस्टेबल (एचवी/जीडी) विष्णु प्रसाद बघेल पर गोली चलाई, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने दस्तावेजों के सत्यापन के लिए कैंप पहुँचे सब-इंस्पेक्टर (एसआई/जीडी) रामनवल सिंह यादव को निशाना बनाया, जिन्होंने भी गंभीर रूप से घायल होने के बाद दम तोड़ दिया।

इसके बाद आरोपी ने 171वीं बटालियन के एएसआई माने गोविंद श्रीपुल पर भी गोली चला दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल ड्यू केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

आरोपी की मौत और परिसर में अफरा-तफरी

वारदात को अंजाम देने के बाद प्रेमाबरम 171वीं बटालियन की बैरक में गया और उसी इंसास राइफल से खुद को गोली मार ली। उसकी भी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे कैंप परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल चाक-चौबंद किया गया।

जाँच और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। जाँच में फायरिंग की परिस्थितियों, घटनाक्रम के क्रम और आरोपी के मकसद का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

मृतकों की पहचान

इस घटना में जान गँवाने वाले तीन लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है: सब-इंस्पेक्टर रामनवल सिंह यादव, हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल और कथित हमलावर एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम। यह घटना अर्धसैनिक बलों में आंतरिक सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लंबे समय तक घर से दूरी और पर्याप्त काउंसलिंग की अनुपस्थिति इस तरह की त्रासदियों की पृष्ठभूमि बनती है। सवाल यह है कि क्या जाँच केवल 'क्या हुआ' तक सीमित रहेगी, या 'क्यों हुआ' — यानी आरोपी की मनोवैज्ञानिक स्थिति और कैंप की आंतरिक परिस्थितियों — की भी गहरी पड़ताल होगी। बिना प्रणालीगत सुधार के, ऐसी घटनाएँ महज़ आँकड़ा बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम के नगांव सीआरपीएफ कैंप में क्या हुआ?
4 अगस्त को नगांव जिले के कटीमारी स्थित सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन के कैंप में एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने इंसास राइफल से दो जवानों की हत्या कर दी और एक को घायल किया। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
इस घटना में कौन-कौन से जवान मारे गए?
इस घटना में सब-इंस्पेक्टर रामनवल सिंह यादव और हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल की मौत हुई। आरोपी एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने भी खुद को गोली मारकर जान दे दी। एएसआई माने गोविंद श्रीपुल गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।
आरोपी एएसआई ने फायरिंग कैसे की?
अधिकारियों के अनुसार, प्रेमाबरम मुख्य द्वार पर ड्यूटी पर था और उसे उसकी निर्धारित सर्विस राइफल के बिना पाया गया। वह गार्ड रूम से इंसास राइफल उठाकर क्वार्टर गार्ड के पीछे गया और एक के बाद एक जवानों पर गोलियाँ चलाईं।
घटना के पीछे क्या कारण बताया जा रहा है?
अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त जाँच शुरू कर दी है, जिसमें परिस्थितियों और आरोपी के इरादे का पता लगाया जा रहा है।
घटना के बाद क्या कार्रवाई हुई?
घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। घायल एएसआई माने गोविंद श्रीपुल को ड्यू केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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