झारखंड कांग्रेस अनुशासन समिति का पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को नोटिस, CM सोरेन पर टिप्पणी पड़ी भारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) की अनुशासन समिति ने 20 सितंबर 2026 को पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसकी वजह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ कथित अवांछित टिप्पणी बताई गई है। अनुशासन समिति ने साव से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने और स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
नोटिस में क्या कहा गया
अनुशासन समिति के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की ओर से जारी इस नोटिस में साव के हालिया मीडिया बयानों को गंभीरता से लिया गया है। समिति का कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की घोषित नीति या नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत दिए गए बयान संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन माने जाते हैं। साव का कथित आचरण पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत करार दिया गया है।
पुराना निष्कासन और वापसी
गौरतलब है कि योगेंद्र साव को इससे पहले भी अनुशासन के उल्लंघन को लेकर पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है। हालांकि, उनके लंबे संगठनात्मक योगदान को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने बाद में निष्कासन का निर्णय वापस ले लिया था। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी है और आंतरिक अनुशासन बनाए रखना उसकी प्राथमिकता बनी हुई है।
पार्टी का रुख
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने रविवार को इस नोटिस की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को विचार रखने की स्वतंत्रता देती है, परंतु संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं होगा। पार्टी के अनुसार, संगठन के मंच से बाहर दिए गए ऐसे बयान जो उसकी नीति या नेतृत्व निर्देशों से अलग हों, स्वीकार्य नहीं हैं।
आगे क्या होगा
साव को तय समयसीमा में लिखित जवाब के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर समिति के सामने अपना पक्ष रखना होगा। यदि उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो पार्टी संविधान के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। झारखंड कांग्रेस के आंतरिक समीकरणों पर इस कदम का असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा।