झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से तीन साल के लिए निकाला

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झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से तीन साल के लिए निकाला

सारांश

झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से निष्कासित किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ उनकी टिप्पणियों के कारण लिया गया। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • योगेंद्र साव को तीन वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया।
  • यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणियों के आधार पर की गई।
  • अनुशासन समिति ने इसे गंभीर उल्लंघन माना।
  • बड़कागांव में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विवाद उत्पन्न हुआ।
  • सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को निशाना बनाया गया।

रांची, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मंत्री और प्रमुख नेता योगेंद्र साव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तीन वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कदम सोशल मीडिया और फेसबुक लाइव के जरिए वर्तमान गठबंधन सरकार के नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ योगेंद्र साव की कड़ी टिप्पणियों के बाद उठाया गया है。

कांग्रेस की अनुशासन समिति ने इसे पार्टी की छवि को धूमिल करने और संगठनात्मक नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि योगेंद्र साव लगातार सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। चूंकि वर्तमान सरकार में कांग्रेस एक महत्वपूर्ण साझेदार है, ऐसे में सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री और सरकार की नीतियों की आलोचना करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

अनुशासन समिति ने इसे कांग्रेस के नियमों की धारा-04 के विभिन्न उपबंधों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से निष्कासन का आदेश जारी किया है। इस विवाद की जड़ गुरुवार को हजारीबाग के बड़कागांव में हुई वह प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसमें एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोल माइंस क्षेत्र में स्थित योगेंद्र साव के मकान को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया था।

प्रशासन का दावा है कि यह मकान खनन के लिए अधिग्रहित भूमि पर स्थित था और कई नोटिसों के बाद भी इसे खाली नहीं किया गया था। इस कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव की पुत्री और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर विरोध किया और आरोप लगाया कि बिना मुआवजा दिए और न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद 'तुगलकी' अंदाज में घर तोड़ा गया।

घर टूटने से आक्रोशित योगेंद्र साव ने सोशल मीडिया पर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाने पर लिया था। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बड़कागांव क्षेत्र में एनटीपीसी प्रबंधन और योगेंद्र साव के बीच गतिरोध चरम पर था। कंपनी के कर्मचारियों पर हमले और कार्य में बाधा डालने के आरोपों के बीच प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ ‘बुलडोजर कार्रवाई’ अभियान को अंजाम दिया था।

Point of View

NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

योगेंद्र साव को क्यों निकाला गया?
योगेंद्र साव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ की गई टिप्पणियों के कारण पार्टी से निष्कासित किया गया।
यह कार्रवाई कब की गई?
यह कार्रवाई 20 मार्च को की गई।
क्या योगेंद्र साव पहले भी विवाद में रहे हैं?
हाँ, योगेंद्र साव ने पहले भी सरकार के खिलाफ बयानबाजी की है।
क्या पार्टी के अनुशासनात्मक नियमों का उल्लंघन हुआ?
हां, अनुशासन समिति ने इसे पार्टी के नियमों का उल्लंघन माना है।
बड़कागांव में क्या हुआ था?
बड़कागांव में योगेंद्र साव का मकान प्रशासन द्वारा बुलडोजर से तोड़ा गया था।
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