महासमुंद में कांग्रेस पदाधिकारी को अनुशासन भंग के चलते 6 वर्षों के लिए निष्कासित किया गया
सारांश
Key Takeaways
- महासमुंद में अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई हुई है।
- एक पदाधिकारी को 6 वर्षों के लिए निष्कासित किया गया है।
- पार्टी का अनुशासन सर्वोपरि है।
- अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- यह कार्रवाई पीसीसी के निर्देशानुसार की गई है।
महासमुंद, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी ने अनुशासन बनाए रखने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने पार्टी अनुशासन भंग के एक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एक पदाधिकारी को 6 वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल को जिला कांग्रेस कार्यालय के परिसर में पार्टी के पदाधिकारी विजय साव ने मारपीट, तोड़फोड़ और गंभीर अनुशासनहीनता का प्रदर्शन किया। इस घटना को कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक मर्यादाओं के विपरीत माना गया है। इससे पार्टी की छवि को गंभीर क्षति पहुंची है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए संबंधित पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन विजय साव ने निर्धारित समय में कोई उत्तर नहीं दिया। पार्टी संविधान और अनुशासनात्मक नियमों के तहत प्राप्त शिकायतों और तथ्यों पर विचार करते हुए, जिला कांग्रेस कमेटी ने कठोर निर्णय लिया।
द्वारिकाधीश यादव के निर्देश पर विजय साव को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इस आदेश के बाद वह पार्टी के किसी भी पद, मंच या गतिविधि का उपयोग करने के लिए अधिकृत नहीं रहेंगे।
जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी स्तर का पदाधिकारी क्यों न हो।
यह कार्रवाई पीसीसी के निर्देशानुसार की गई है। महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अनुशासन बनाए रखें और संगठन की गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करें।
वर्तमान में कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रही है। महासमुंद जैसी घटनाएं पार्टी के अनुशासन बनाए रखने के सख्त रुख को दर्शाती हैं।