असम: पुलिसकर्मी ने AK-47 से साथियों पर चलाई गोलियाँ, दो जवान शहीद, दो घायल
सारांश
मुख्य बातें
असम के कामरूप जिले में बुधवार की देर रात गामेरिमुरा पुलिस चौकी पर एक पुलिसकर्मी ने AK-47 राइफल से अपने ही साथियों पर अंधाधुंध गोलियाँ बरसा दीं, जिसमें दो जवानों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। 3 सितंबर को पुलिस अधिकारियों ने इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की।
घटनाक्रम
यह घटना बोको पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित गामेरिमुरा पुलिस चौकी पर घटी। मृतकों की पहचान फजरुल अली और इंद्रजीत बोरा के रूप में हुई है, जो घटना के समय उस चौकी पर प्रभारी अधिकारी के रूप में तैनात थे। गोलीबारी करने वाले पुलिसकर्मी की पहचान चिरंजीव चौधरी के रूप में हुई है।
जाँच जारी, मकसद अज्ञात
अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी के पीछे के हालात अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि घटना चौकी परिसर के भीतर ही हुई, लेकिन कथित गोलीबारी से पहले कोई कहासुनी हुई थी या नहीं, यह आधिकारिक तौर पर अभी तक सामने नहीं आया है। जाँच दल मौके पर मौजूद कर्मियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने में जुटा है।
पिछली समान घटना से तुलना
यह ऐसे समय में आया है जब असम में सुरक्षाबलों के भीतर हिंसा की एक और गंभीर घटना की यादें अभी ताज़ी हैं। 4 अगस्त को नगांव जिले में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के एक कैंप में एक सहायक उपनिरीक्षक ने अंधाधुंध फायरिंग कर दो जवानों की हत्या कर दी थी और एक को गंभीर रूप से घायल करने के बाद खुद को भी गोली मार ली थी। आरोपी की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी एसआई/जीडी बल्लानी प्रेमाबरम के रूप में हुई थी, जो मुख्य द्वार पर ड्यूटी पर तैनात था। अधिकारियों के अनुसार, वह अपनी निर्धारित सर्विस राइफल के बिना पाया गया, जिसके बाद वह गार्ड रूम से एक इंसास राइफल उठाकर क्वार्टर गार्ड के पीछे चला गया था। उसने 171वीं बटालियन के एएसआई माने गोविंद श्रीपुल पर गोली चलाई, जिन्हें गंभीर हालत में ड्यू केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सुरक्षाबलों में मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
गौरतलब है कि एक महीने के भीतर असम में यह दूसरी बड़ी 'फ्रेट्रिसाइड' (साथी-हत्या) घटना है। आलोचकों का कहना है कि सुरक्षाबलों में तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी इस तरह की घटनाओं की पृष्ठभूमि बन सकती है, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक इस कोण पर कोई टिप्पणी नहीं की है। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।