असम के श्रीभूमि में भाजपा बूथ अध्यक्ष बिकाश रंजन धर की हत्या, छह गिरफ्तार; धारा 163 लागू
सारांश
मुख्य बातें
असम के श्रीभूमि जिले में 15 अगस्त को उस समय तनाव की लहर फैल गई जब चागलमोवा गांव के 52 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) बूथ अध्यक्ष बिकाश रंजन धर का शव असम-त्रिपुरा सीमा के निकट जोगीछारा में एक तालाब के पास से बरामद किया गया। धर 12 अगस्त को मोटरसाइकिल से घर से निकले थे और तब से लापता थे। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड की जांच के आधार पर शव की बरामदगी के साथ ही छह संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
बिकाश रंजन धर के परिजनों ने जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया तो उन्होंने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड खंगाले और शुक्रवार को जोगीछारा में तालाब के पास से शव बरामद किया। हिरासत में लिए गए छह संदिग्धों में 24 और 30 वर्ष की आयु के दो कथित मुख्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, एक संदिग्ध ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि धर की हत्या धारदार हथियार से की गई थी।
पुलिस हिरासत में नाटकीय मोड़
जांच उस समय और चर्चा में आई जब एक आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया और एक कांस्टेबल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) त्रिनयन भुयान ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिससे आरोपी के बाएं पैर में चोट आई। उसे काबू में कर वापस हिरासत में ले लिया गया।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
धर का शव मिलते ही चागलमोवा, बाजारीचेरा और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। कई स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं — दुकानों में आग लगाई गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।
जांच की दिशा
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़ी हुई है, न कि किसी राजनीतिक षड्यंत्र से। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। यह ऐसे समय में हुआ है जब असम में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सुर्खियों में रही हैं। जांच जारी है और आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
आम जनता पर असर
निषेधाज्ञा लागू होने से श्रीभूमि जिले के प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस बल की तैनाती बनाए रखी गई है। हत्या और उसके बाद भड़की हिंसा के कारणों की जांच जारी रहने के साथ आने वाले दिनों में स्थिति पर सभी की नजर टिकी रहेगी।