एसोचैम पर्यटन सम्मेलन 2026: 2047 तक ₹1 ट्रिलियन टूरिज्म इकोनॉमी का लक्ष्य, 10 करोड़ नई नौकरियों का विजन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 30 सितंबर 2026 को आयोजित एसोचैम राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन 2026 में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा और इनमोबी की चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स एवं पब्लिक पॉलिसी ऑफिसर सुबी चतुर्वेदी ने भाग लिया। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन के तहत भारत को ₹1 ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इकोनॉमी बनाने की दिशा में रणनीतिक चर्चा हुई।
सम्मेलन में क्या हुआ
हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सम्मेलन में ग्रामीण पर्यटन, एनसीआर में पर्यटन की संभावनाएँ और डिजिटल टूरिज्म जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'कॉन्क्लेव टूरिज्म से जुड़ा था। निर्मल मिंडा समेत अन्य सदस्यों ने कई विषयों पर चर्चा की। इसी तरह विकसित भारत यानी 2047 तक विकसित भारत बनाने पर चर्चा हुई।' मुख्य अतिथि के रूप में आए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को कैबिनेट बैठक के कारण बीच में ही जाना पड़ा।
पर्यटन की आर्थिक भूमिका
गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स पर पोस्ट में उल्लेख किया कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन की हिस्सेदारी 12 फीसदी है। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' की यात्रा में पर्यटन को प्रमुखता देने और 2047 तक भारत को ₹1 ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इकोनॉमी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि शासन-व्यवस्था, उद्योग, निवेशकों और टेक्नोलॉजी से जुड़े सभी हितधारकों की साझेदारी इस लक्ष्य के लिए ज़रूरी है।
टेक्नोलॉजी और टूरिज्म: सुबी चतुर्वेदी का नज़रिया
इनमोबी की सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि भारत का पहला यूनिकॉर्न इनमोबी के पास 55 करोड़ (550 मिलियन) डिवाइस हैं और टेक्नोलॉजी के ज़रिए पर्यटक यातायात को अलग-अलग गंतव्यों पर बाँटा जा सकता है। उन्होंने हिमालय में हुई त्रासदियों और नेपाल में हुई जनहानि का हवाला देते हुए यह सवाल उठाया कि क्या चार-पाँच मशहूर जगहों पर ही सारी भीड़ केंद्रित रहेगी या वैकल्पिक गंतव्यों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पर्यटन क्षेत्र से 8 करोड़ (80 मिलियन) नौकरियाँ पैदा होती हैं और प्रधानमंत्री का विजन है कि 2047 तक इसमें 10 करोड़ (100 मिलियन) और नौकरियाँ जोड़ी जाएँ।
हरियाणा में पर्यटन की स्थिति
मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि '80 के दशक में हरियाणा पर्यटन में सबसे ऊपर था। अभी भी प्रदेश पर्यटन में आगे है। हम कोशिश कर रहे हैं कि हरियाणा में पर्यटन को बढ़ाया जाए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार राज्यों को पर्यटन अवसंरचना में निवेश के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। यदि पर्यटन में 'विकसित भारत 2047' का यह लक्ष्य हासिल होता है, तो यह देश की जीडीपी और रोज़गार दोनों पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सरकार, उद्योग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के बीच यह त्रिकोणीय साझेदारी भविष्य की नीतियों की दिशा तय करेगी।