30 सितंबर 2026
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एसोचैम पर्यटन सम्मेलन 2026: 2047 तक ₹1 ट्रिलियन टूरिज्म इकोनॉमी का लक्ष्य, 10 करोड़ नई नौकरियों का विजन

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एसोचैम पर्यटन सम्मेलन 2026: 2047 तक ₹1 ट्रिलियन टूरिज्म इकोनॉमी का लक्ष्य, 10 करोड़ नई नौकरियों का विजन

सारांश

एसोचैम के राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन 2026 में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 2047 तक भारत को ₹1 ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इकोनॉमी बनाने का संकल्प दोहराया। फिलहाल पर्यटन से 8 करोड़ नौकरियाँ हैं, लक्ष्य है 10 करोड़ और जोड़ने का — यानी एक दशक में दोगुना।

मुख्य बातें

30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एसोचैम राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन 2026 का आयोजन हुआ।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 2047 तक भारत को ₹1 ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इकोनॉमी बनाने का विजन साझा किया।
अर्थव्यवस्था में पर्यटन की हिस्सेदारी 12% बताई गई; वर्तमान में 8 करोड़ नौकरियाँ इस क्षेत्र से जुड़ी हैं।
प्रधानमंत्री के विजन के तहत 2047 तक 10 करोड़ अतिरिक्त नौकरियाँ जोड़ने का लक्ष्य।
इनमोबी की सुबी चतुर्वेदी ने टेक्नोलॉजी के ज़रिए पर्यटक यातायात के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया।
हरियाणा के मंत्री अरविंद शर्मा ने ग्रामीण पर्यटन और डिजिटल टूरिज्म को सम्मेलन के प्रमुख विषय बताया।

नई दिल्ली में 30 सितंबर 2026 को आयोजित एसोचैम राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन 2026 में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा और इनमोबी की चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स एवं पब्लिक पॉलिसी ऑफिसर सुबी चतुर्वेदी ने भाग लिया। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन के तहत भारत को ₹1 ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इकोनॉमी बनाने की दिशा में रणनीतिक चर्चा हुई।

सम्मेलन में क्या हुआ

हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सम्मेलन में ग्रामीण पर्यटन, एनसीआर में पर्यटन की संभावनाएँ और डिजिटल टूरिज्म जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'कॉन्क्लेव टूरिज्म से जुड़ा था। निर्मल मिंडा समेत अन्य सदस्यों ने कई विषयों पर चर्चा की। इसी तरह विकसित भारत यानी 2047 तक विकसित भारत बनाने पर चर्चा हुई।' मुख्य अतिथि के रूप में आए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को कैबिनेट बैठक के कारण बीच में ही जाना पड़ा।

पर्यटन की आर्थिक भूमिका

गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स पर पोस्ट में उल्लेख किया कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन की हिस्सेदारी 12 फीसदी है। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' की यात्रा में पर्यटन को प्रमुखता देने और 2047 तक भारत को ₹1 ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इकोनॉमी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि शासन-व्यवस्था, उद्योग, निवेशकों और टेक्नोलॉजी से जुड़े सभी हितधारकों की साझेदारी इस लक्ष्य के लिए ज़रूरी है।

टेक्नोलॉजी और टूरिज्म: सुबी चतुर्वेदी का नज़रिया

इनमोबी की सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि भारत का पहला यूनिकॉर्न इनमोबी के पास 55 करोड़ (550 मिलियन) डिवाइस हैं और टेक्नोलॉजी के ज़रिए पर्यटक यातायात को अलग-अलग गंतव्यों पर बाँटा जा सकता है। उन्होंने हिमालय में हुई त्रासदियों और नेपाल में हुई जनहानि का हवाला देते हुए यह सवाल उठाया कि क्या चार-पाँच मशहूर जगहों पर ही सारी भीड़ केंद्रित रहेगी या वैकल्पिक गंतव्यों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पर्यटन क्षेत्र से 8 करोड़ (80 मिलियन) नौकरियाँ पैदा होती हैं और प्रधानमंत्री का विजन है कि 2047 तक इसमें 10 करोड़ (100 मिलियन) और नौकरियाँ जोड़ी जाएँ।

हरियाणा में पर्यटन की स्थिति

मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि '80 के दशक में हरियाणा पर्यटन में सबसे ऊपर था। अभी भी प्रदेश पर्यटन में आगे है। हम कोशिश कर रहे हैं कि हरियाणा में पर्यटन को बढ़ाया जाए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार राज्यों को पर्यटन अवसंरचना में निवेश के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। यदि पर्यटन में 'विकसित भारत 2047' का यह लक्ष्य हासिल होता है, तो यह देश की जीडीपी और रोज़गार दोनों पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सरकार, उद्योग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के बीच यह त्रिकोणीय साझेदारी भविष्य की नीतियों की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — भारत का पर्यटन ढाँचा अभी भी कुछ ही शहरों और गंतव्यों पर केंद्रित है, जबकि ग्रामीण और पहाड़ी पर्यटन की अपार संभावना अनछुई है। हिमालयी त्रासदियों की पृष्ठभूमि में ओवर-टूरिज्म और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी की चुनौती को सम्मेलन ने उठाया, लेकिन ठोस नीतिगत रोडमैप का अभाव नज़र आया। यदि 10 करोड़ नई नौकरियों का लक्ष्य पाना है, तो डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और ग्रामीण होमस्टे नीति को महज़ चर्चा से आगे बढ़ाना होगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसोचैम राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन 2026 में क्या हुआ?
30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में ग्रामीण पर्यटन, डिजिटल टूरिज्म, एनसीआर में पर्यटन संभावनाएँ और 'विकसित भारत 2047' के तहत पर्यटन की भूमिका पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, हरियाणा के मंत्री अरविंद शर्मा और उद्योग जगत के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।
विकसित भारत 2047 में पर्यटन का क्या लक्ष्य है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत 2047 तक भारत को ₹1 ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य है। साथ ही मौजूदा 8 करोड़ पर्यटन नौकरियों में 10 करोड़ और जोड़ने की योजना है।
भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की कितनी हिस्सेदारी है?
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की हिस्सेदारी 12 फीसदी है। वर्तमान में इस क्षेत्र से 8 करोड़ (80 मिलियन) लोगों को रोज़गार मिलता है।
टेक्नोलॉजी का पर्यटन में क्या योगदान हो सकता है?
इनमोबी की सुबी चतुर्वेदी के अनुसार टेक्नोलॉजी के ज़रिए पर्यटक यातायात को कुछ चुनिंदा जगहों से हटाकर वैकल्पिक गंतव्यों पर बाँटा जा सकता है। इससे ओवर-टूरिज्म की समस्या कम होगी और नए पर्यटन केंद्रों का विकास होगा।
हरियाणा की पर्यटन क्षेत्र में क्या स्थिति है?
हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा के अनुसार 80 के दशक में हरियाणा पर्यटन में देश में सबसे ऊपर था और अभी भी राज्य इस क्षेत्र में आगे है। सरकार हरियाणा में पर्यटन को और विस्तार देने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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