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भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या 400 पार, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था $45 अरब के लक्ष्य की ओर: डॉ. जितेंद्र सिंह

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भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या 400 पार, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था $45 अरब के लक्ष्य की ओर: डॉ. जितेंद्र सिंह

सारांश

भारत का अंतरिक्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम एकल अंकों से 400 तक पहुँचा, एक यूनिकॉर्न भी उभरा। $9 अरब की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के $45 अरब तक पहुँचने का अनुमान है। डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, असली बदलाव तकनीकी नहीं — मनोवैज्ञानिक है।

मुख्य बातें

भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या कुछ वर्षों में एकल अंकों से बढ़कर लगभग 400 हो गई; एक ने यूनिकॉर्न दर्जा हासिल किया।
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का मूल्य अभी $9 अरब ; अगले 7–8 वर्षों में $45 अरब तक पहुँचने का अनुमान।
देश का समग्र स्टार्टअप इकोसिस्टम 2014 में 350–400 से बढ़कर अब 23 लाख+ ; लगभग 24–25 लाख रोज़गार सृजित।
लगभग आधे स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में; 35–39% महिलाओं द्वारा संचालित।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि 12 वर्षों में सबसे बड़ा परिवर्तन मनोवैज्ञानिक रहा है — 'मैं भी कर सकता हूँ' की भावना।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत का अंतरिक्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम कुछ वर्ष पहले मात्र एकल अंकों की संख्या में था, जो अब बढ़कर लगभग 400 हो गया है — इनमें से एक स्टार्टअप ने हाल ही में यूनिकॉर्न का दर्जा भी हासिल किया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का मौजूदा मूल्य लगभग $9 अरब है और अगले सात से आठ वर्षों में इसके $45 अरब तक पहुँचने का अनुमान है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार

डॉ. सिंह के अनुसार, देश का समग्र स्टार्टअप इकोसिस्टम 2014 में लगभग 350–400 स्टार्टअप से बढ़कर आज 23 लाख से अधिक हो गया है। इस विस्तार से लगभग 24–25 लाख रोज़गार सृजित हुए हैं। उल्लेखनीय यह है कि इनमें से लगभग आधे स्टार्टअप द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों में स्थित हैं, जबकि 35–39 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं — जो इनोवेशन के विकेंद्रीकरण का स्पष्ट संकेत है।

मानसिकता में बदलाव और महत्वाकांक्षी संस्कृति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सबसे गहरा परिवर्तन प्रक्रियात्मक नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक रहा है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में मानसिकता में जो बदलाव आया है, वह सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। 'मैं भी यह कर सकता हूँ' जैसी जो महत्वाकांक्षी भावना जागृत हुई है, वह पहले नहीं थी।"

यह बदलाव छोटे शहरों और गैर-महानगरीय पृष्ठभूमि से उभरने वाले सिविल सेवा परीक्षा के शीर्ष विजेताओं की बढ़ती संख्या में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जो प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के ज़रिए अवसरों के लोकतंत्रीकरण को दर्शाता है।

वैज्ञानिक उपलब्धियाँ और चंद्रयान का संदर्भ

डॉ. सिंह ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को इस व्यापक सामाजिक परिवर्तन से जोड़ा। चंद्रयान मिशनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ऐसी संस्कृति विकसित की है जिसमें नागरिक राष्ट्रीय वैज्ञानिक उपलब्धियों से गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं और इनोवेशन को एक साझा राष्ट्रीय प्रयास के रूप में देखते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असफलताओं के बाद वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया और उनकी सफलताओं का उत्सव मनाया, जिससे यह धारणा सामान्य हो गई कि विफलता इनोवेशन का एक स्वाभाविक हिस्सा है।

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का दीर्घकालिक उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि एक सशक्त और महत्वाकांक्षी समाज का निर्माण करना है जो 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में सक्षम हो। गवर्नेंस सुधार, प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण और नागरिक-केंद्रित नीतियों ने मिलकर भारतीयों के अपने भविष्य को देखने के नज़रिए को बुनियादी तौर पर बदल दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन $9 अरब से $45 अरब की छलांग के लिए महज़ संख्या नहीं, बल्कि नीतिगत निरंतरता और निजी पूंजी की गहरी भागीदारी चाहिए। गौरतलब है कि 23 लाख स्टार्टअप्स में से अधिकांश सूक्ष्म उद्यम हैं — 'रोज़गार सृजन' के आँकड़े तब तक अधूरे हैं जब तक गुणवत्ता और स्थायित्व की जाँच न हो। महिला-नेतृत्व (35–39%) और टियर-2/3 शहरों की हिस्सेदारी सकारात्मक संकेत हैं, पर इन्हें सत्यापन-योग्य डेटा से समर्थित करना ज़रूरी है। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब इनोवेशन की यह संस्कृति नीतिगत घोषणाओं से आगे बढ़कर मापनीय परिणामों में बदले।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या कितनी हो गई है?
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या कुछ वर्ष पहले एकल अंकों में थी जो अब बढ़कर लगभग 400 हो गई है। इनमें से एक स्टार्टअप ने हाल ही में यूनिकॉर्न का दर्जा भी हासिल किया है।
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का भविष्य क्या है?
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का मौजूदा मूल्य लगभग $9 अरब है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अगले सात से आठ वर्षों में इसके $45 अरब तक पहुँचने का अनुमान है।
भारत में कुल कितने स्टार्टअप हैं और कितने रोज़गार मिले हैं?
2014 में लगभग 350–400 स्टार्टअप से बढ़कर देश में अब 23 लाख से अधिक स्टार्टअप हो गए हैं। इनसे लगभग 24–25 लाख रोज़गार सृजित हुए हैं, जिनमें से आधे टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं।
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी कितनी है?
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, देश के 35–39 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। यह आँकड़ा इनोवेशन क्षेत्र में महिला उद्यमिता की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
विकसित भारत 2047 और इनोवेशन इकोसिस्टम का क्या संबंध है?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि एक सशक्त और महत्वाकांक्षी समाज बनाना है जो 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार कर सके। गवर्नेंस सुधार और प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण को इस दिशा में मुख्य साधन बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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