27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत का स्पेस सेक्टर 10 वर्षों में ₹45 अरब डॉलर तक पहुँचेगा: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत का स्पेस सेक्टर 10 वर्षों में ₹45 अरब डॉलर तक पहुँचेगा: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

सारांश

भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अगले दशक में पाँच गुना विस्तार की राह पर है — 9 अरब से 45 अरब डॉलर तक। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अहमदाबाद में यह संकेत दिया और FDI, स्टार्टअप इकोसिस्टम तथा ब्रह्मोस जैसे रक्षा निर्यात को इस छलाँग की धुरी बताया।

मुख्य बातें

जितेंद्र सिंह ने 11 जून को अहमदाबाद में कहा कि भारत का स्पेस सेक्टर अगले 10 वर्षों में 9 अरब डॉलर से बढ़कर 45 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।
पाँच वर्ष पहले स्पेस सेक्टर के निजीकरण के बाद देश में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप सक्रिय हो चुके हैं।
मंत्री ने देश-विदेश से अधिकतम निवेश और FDI छूट का पूरा लाभ उठाने पर ज़ोर दिया।
ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात हो रहा है; इंडोनेशिया , वियतनाम , फ्रांस और कनाडा प्रमुख खरीदारों में शामिल।
यह विस्तार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से सीधे जुड़ा बताया गया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार, 11 जून को अहमदाबाद में आयोजित 'आत्मनिर्भर अंतरिक्ष अभियान' कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अगले 10 वर्षों में मौजूदा 9 अरब डॉलर से बढ़कर 45 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। उन्होंने इस वृद्धि को देश के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से सीधे जोड़ा।

निजीकरण से मिली नई रफ्तार

डॉ. सिंह ने कार्यक्रम की साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग पाँच वर्ष पहले स्पेस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोलकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया था। इस निर्णय के परिणामस्वरूप देश में आज 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो युवाओं के लिए रोज़गार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारत का स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम 2020 से पहले लगभग नगण्य था।

निवेश की ज़रूरत और FDI की भूमिका

निवेश से जुड़े एक सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए पर्याप्त पूँजी अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'हम पैसे का इंतज़ाम कैसे करते हैं, कितनी कुशलता से ऐसा कर पाते हैं और किस हद तक कर पाते हैं, इससे ही उस लक्ष्य तक पहुँचने की हमारी क्षमता तय होगी, जिसकी हम कल्पना कर रहे हैं।' उन्होंने देश-विदेश से अधिकतम निवेश आकर्षित करने पर ज़ोर दिया — चाहे वह दान के रूप में हो, फाउंडेशन के माध्यम से हो या व्यावसायिक भागीदारी से। साथ ही उन्होंने कहा कि स्पेस सेक्टर को मिली FDI छूट का पूरा लाभ उठाने के लिए ठोस रणनीति बनाने की ज़रूरत है।

रक्षा निर्यात में भी बढ़ती पहचान

रक्षा क्षेत्र पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. सिंह ने कहा कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रक्षा क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि ब्रह्मोस मिसाइल का अब निर्यात किया जा रहा है और इंडोनेशियावियतनाम जैसे देश भारतीय मिसाइल प्रणालियों को लेकर उत्साहित हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय उपकरण कनाडा, फ्रांस और कई यूरोपीय देशों को भी भेजे जा रहे हैं।

विकसित भारत 2047 से जुड़ाव

मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्पेस सेक्टर की यह वृद्धि महज़ आर्थिक आँकड़ों तक सीमित नहीं है — यह भारत की तकनीकी संप्रभुता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रतीक है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था तेज़ी से विस्तार पा रही है और अमेरिका, चीन तथा यूरोपीय देश इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में स्पेस स्टार्टअप्स को और अधिक नीतिगत समर्थन और वित्तीय प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 400 स्टार्टअप्स में से कितने वाणिज्यिक रूप से टिकाऊ बन पाएँगे — क्योंकि स्टार्टअप की संख्या और उनकी राजस्व-क्षमता दो अलग पैमाने हैं। FDI छूट की घोषणा पहले भी हो चुकी है, लेकिन अंतरिक्ष क्षेत्र में विदेशी पूँजी का वास्तविक प्रवाह अभी भी सीमित है। ब्रह्मोस निर्यात एक ठोस उपलब्धि है, परंतु नागरिक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था — उपग्रह सेवाएँ, अर्थ ऑब्ज़र्वेशन, स्पेस लॉजिस्टिक्स — के लिए स्पष्ट नीतिगत रोडमैप और स्वतंत्र नियामक ढाँचे की कमी अभी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का स्पेस सेक्टर 45 अरब डॉलर तक कब पहुँचेगा?
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, भारत का स्पेस सेक्टर अगले 10 वर्षों में मौजूदा 9 अरब डॉलर से बढ़कर 45 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। यह अनुमान 11 जून को अहमदाबाद में 'आत्मनिर्भर अंतरिक्ष अभियान' कार्यक्रम में दिया गया।
भारत में कितने स्पेस स्टार्टअप हैं?
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, वर्तमान में भारत में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप सक्रिय हैं। यह संख्या स्पेस सेक्टर के निजीकरण के बाद पिछले पाँच वर्षों में तेज़ी से बढ़ी है।
ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात किन देशों को हो रहा है?
मंत्री के बयान के अनुसार, ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों को हो रहा है, जो इसे लेकर उत्साहित हैं। इसके अलावा, भारतीय रक्षा उपकरण कनाडा, फ्रांस और कुछ अन्य यूरोपीय देशों को भी भेजे जा रहे हैं।
स्पेस सेक्टर में FDI की क्या स्थिति है?
डॉ. सिंह ने कहा कि स्पेस सेक्टर को FDI में छूट मिली हुई है, लेकिन इसका पूरा लाभ उठाने के लिए ठोस रणनीति बनाने की अभी भी ज़रूरत है। उन्होंने देश और विदेश दोनों से अधिकतम निवेश आकर्षित करने पर ज़ोर दिया।
स्पेस सेक्टर का विकसित भारत 2047 से क्या संबंध है?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अंतरिक्ष क्षेत्र विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह क्षेत्र युवाओं के लिए रोज़गार सृजन, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक निर्यात — तीनों मोर्चों पर योगदान दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले