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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर PM मोदी का संदेश: '140 करोड़ का सपना ही हमारा संकल्प है'

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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर PM मोदी का संदेश: '140 करोड़ का सपना ही हमारा संकल्प है'

सारांश

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर PM मोदी का संदेश महज़ शुभकामना नहीं था — यह 140 करोड़ भारतीयों के सपने को 2047 के विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का आह्वान था। इसरो की सफलता से प्रेरित युवा पीढ़ी को मोदी ने देश के अंतरिक्ष भविष्य की धुरी बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और एक वीडियो संदेश जारी किया।
मोदी ने कहा — 'हाथ में तिरंगा है, अंतरिक्ष है और 140 करोड़ देशवासियों का सपना है — यही हमारा संकल्प है।' 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में अंतरिक्ष क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका पर ज़ोर दिया।
जेन-जी इंजीनियरों, डिजाइनरों, कोडरों और वैज्ञानिकों को प्रोपल्शन सिस्टम, सैटेलाइट प्लेटफॉर्म और रॉकेट तकनीक में अग्रणी बताया।
भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बताया; इसरो की सफलताओं को युवाओं की प्रेरणा का स्रोत कहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हाथ में तिरंगा है, अंतरिक्ष है और 140 करोड़ देशवासियों का सपना है — यही हम सबका संकल्प है। उन्होंने देशवासियों से बड़े सपने देखने, नई चीजें बनाने और नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया।

एक्स पर संदेश और वीडियो जारी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं। आइए, और भी बड़े सपने देखें, अधिक नई चीजें बनाएं और नई सीमाओं को पार करें।' इसके साथ ही उन्होंने एक विशेष वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

नए कालचक्र में भारत का बढ़ता कद

अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अयोध्या में एक नए कालचक्र की शुरुआत का उल्लेख किया था और इस नए काल में वैश्विक व्यवस्था (Global Order) में भारत अपनी जगह लगातार बड़ी बना रहा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका को मोदी ने केंद्रीय बताया।

युवा पीढ़ी और तकनीकी नवाचार

मोदी ने भारत की युवा प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज की जेन-जी इंजीनियर, डिजाइनर, कोडर और वैज्ञानिक नई-नई तकनीकें विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'प्रोपल्शन सिस्टम हो, कंपोजिट मटेरियल हो, रॉकेट स्टेजेज हो या सैटेलाइट प्लेटफॉर्म्स — भारत का युवा आज उन क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिनकी कुछ साल पहले कल्पना भी संभव नहीं थी।'

निजी क्षेत्र और वैश्विक निवेशकों का आकर्षण

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र (Private Space Sector) पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है और वैश्विक निवेशकों के लिए यह एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने इसरो की सफलताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रेरित होकर असंख्य बच्चे वैज्ञानिक बनने का सपना देखते हैं।

प्रेरणा और भविष्य की दिशा

मोदी ने कहा कि रॉकेट का काउंटडाउन लाखों बच्चों को प्रेरित करता है और हर घर में कागज के हवाई जहाज उड़ाने वाला बच्चा भविष्य में एयरोनॉटिकल इंजीनियर या वैज्ञानिक बनने का सपना देखता है। यह राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस न केवल चंद्रयान-3 की सफलता की स्मृति में मनाया जाता है, बल्कि यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में उभरती नई पीढ़ी के योगदान का उत्सव भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत का निजी अंतरिक्ष उद्योग अभी भी शैशव अवस्था में है और नियामक स्पष्टता तथा दीर्घकालिक वित्त पोषण के मामले में चुनौतियाँ बनी हुई हैं। युवा पीढ़ी को 'जेन-जी साइंटिस्ट' के रूप में प्रस्तुत करना प्रेरक है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या सरकारी नीतियाँ उन्हें देश में रोककर रख सकती हैं — अन्यथा यह प्रतिभा वैश्विक अंतरिक्ष कंपनियों की ओर पलायन करती रहेगी।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता की स्मृति में मनाया जाता है, जब भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने वाला पहला देश बनने का गौरव प्राप्त किया था।
PM मोदी ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि बड़े सपने देखें, नई चीजें बनाएं और नई सीमाओं को पार करें। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि 'हाथ में तिरंगा है, अंतरिक्ष है और 140 करोड़ देशवासियों का सपना है — यही हम सबका संकल्प है।'
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं की क्या भूमिका है?
PM मोदी के अनुसार, आज की जेन-जी इंजीनियर, कोडर, डिजाइनर और वैज्ञानिक प्रोपल्शन सिस्टम, कंपोजिट मटेरियल, रॉकेट स्टेजेज और सैटेलाइट प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं जो कुछ साल पहले कल्पना से परे थे।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में अंतरिक्ष क्षेत्र का क्या योगदान होगा?
PM मोदी ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका बहुत बड़ी है। भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बन रहा है और वैश्विक व्यवस्था में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।
इसरो की सफलताओं का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
PM मोदी के अनुसार, इसरो की सफलताएं देखकर असंख्य बच्चों के मन में वैज्ञानिक बनने की इच्छा जागती है। रॉकेट का काउंटडाउन लाखों बच्चों को प्रेरित करता है और हर घर में कागज के हवाई जहाज उड़ाने वाला बच्चा एयरोनॉटिकल इंजीनियर या वैज्ञानिक बनने का सपना देखता है।
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