पर्यटन बनेगा भारत की अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत, GDP में 10% योगदान का लक्ष्य: गजेंद्र सिंह शेखावत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 11 जुलाई 2026 को जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक उल्लेखनीय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, और आने वाले वर्षों में पर्यटन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ बनेगा। शेखावत के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति रुझान और दृष्टिकोण में स्पष्ट बदलाव आया है, जिसका सीधा असर विदेशी और घरेलू पर्यटकों की बढ़ती संख्या पर दिख रहा है।
भारत की बदलती छवि और वैश्विक रुचि
शेखावत ने कहा कि जिस गति से भारत प्रगति कर रहा है, उसने देश को वैश्विक हित का विषय बना दिया है। उन्होंने बताया कि 2014 की तुलना में देश की अर्थव्यवस्था दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। प्रति व्यक्ति आय और किसानों की आय में वृद्धि के कारण लोगों के पास बचत बढ़ी, जिसका सीधा लाभ घरेलू पर्यटन को मिला। उनके अनुसार, सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने से 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
घरेलू पर्यटन में उछाल
मंत्री ने बताया कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए देश के भीतर से आने वाले पर्यटकों की संख्या विदेशी पर्यटकों की तुलना में कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह घरेलू पर्यटन की बढ़ती ताकत का प्रमाण है, जो आर्थिक समृद्धि और बेहतर बुनियादी ढाँचे का परिणाम है।
GDP में पर्यटन का योगदान और 2047 का लक्ष्य
शेखावत ने बताया कि वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र का योगदान लगभग 6 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य है कि 2047 तक इसे वैश्विक औसत के अनुरूप 10 प्रतिशत तक पहुँचाया जाए — जो कि वर्तमान में विश्व की GDP में पर्यटन का औसत योगदान है। इस दिशा में एक मध्यवर्ती लक्ष्य के रूप में 7 प्रतिशत तक पहुँचने का लक्ष्य 2023 के लिए निर्धारित किया गया था।
रोजगार सृजन में पर्यटन की भूमिका
केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि पर्यटन वह क्षेत्र है जिसके लाभ सबसे अधिक लोगों तक पहुँचते हैं। उनके अनुसार, जब भारत पर्यटन के जरिए GDP में 10 प्रतिशत का योगदान देने लगेगा, तो यह क्षेत्र कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार पैदा करने वाला क्षेत्र बन जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार बुनियादी ढाँचे, विरासत स्थलों के संरक्षण और 'अतुल्य भारत' अभियान के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने में निवेश बढ़ा रही है। आने वाले समय में इस क्षेत्र की नीतिगत दिशा और क्रियान्वयन की गति यह तय करेगी कि ये लक्ष्य कहाँ तक साकार होते हैं।