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पाकिस्तान में सुरक्षा संकट: 71% विदेशी कंपनियों ने कारोबारी चिंता में गिनाई, निवेश पर मंडराया खतरा

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पाकिस्तान में सुरक्षा संकट: 71% विदेशी कंपनियों ने कारोबारी चिंता में गिनाई, निवेश पर मंडराया खतरा

सारांश

पाकिस्तान में सुरक्षा संकट अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मसला नहीं — यह विदेशी निवेश की नींव हिला रहा है। OICCI के सर्वे में 71% विदेशी कंपनियों ने सुरक्षा को सबसे बड़ी चिंता बताया, कराची और बलूचिस्तान में हालात और बिगड़े हैं, और 32% कंपनियों के कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।

मुख्य बातें

OICCI सिक्योरिटी सर्वे-2026 के अनुसार, पाकिस्तान में 71% विदेशी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन ने सुरक्षा को तीन सबसे बड़ी कारोबारी चिंताओं में रखा।
कराची में 42% उत्तरदाताओं ने सुरक्षा माहौल को पहले से बदतर बताया; क्वेटा में 81% और बलूचिस्तान के अन्य हिस्सों में 86% ने स्थिति खराब बताई।
सड़क अपराध में वृद्धि: कराची में 50% (पिछले वर्ष 45% ), क्वेटा में 37% (पिछले वर्ष 24% )।
कुल 32% कंपनियों ने कहा कि बिगड़ती सुरक्षा से उनके कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा — 2025 में यह 28% था।
88% कंपनियों ने मध्य पूर्व संघर्ष का असर अपने संगठन पर महसूस किया।
अब्दुल अलीम ने सरकार से पुलिस सुधार और संस्थागत बदलाव में तेजी लाने की अपील की।

पाकिस्तान में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सुरक्षा हालात विदेशी निवेशकों के भरोसे को गहरी चोट पहुँचा रहे हैं। ओवरसीज इन्वेस्टर्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (OICCI) के सिक्योरिटी सर्वे-2026 के अनुसार, सदस्य कंपनियों के 71 प्रतिशत शीर्ष प्रबंधन अधिकारियों ने सुरक्षा को अपनी तीन सबसे बड़ी कारोबारी चिंताओं में शामिल किया है। कराची में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और बलूचिस्तान सहित पश्चिमी क्षेत्रों में जारी अस्थिरता ने कारोबारी गतिविधियों पर सीधा असर डाला है।

सर्वे के मुख्य निष्कर्ष

सर्वे के अनुसार, कराची में 42 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि शहर का सुरक्षा माहौल पहले से अधिक बिगड़ा है — जबकि 2025 में यह आँकड़ा 41 प्रतिशत था। स्थिति और गंभीर है क्वेटा में, जहाँ 81 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सुरक्षा को खराब बताया, और बलूचिस्तान के अन्य हिस्सों में यह आँकड़ा 86 प्रतिशत तक पहुँच गया।

सड़क अपराध (स्ट्रीट क्राइम) सबसे बड़ी चिंता के रूप में उभरा है। कराची में 50 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सड़क अपराध बढ़ने की बात कही, जो पिछले वर्ष के 45 प्रतिशत से अधिक है। क्वेटा में यह आँकड़ा 24 प्रतिशत से उछलकर 37 प्रतिशत हो गया।

कारोबार पर सीधा असर

सर्वे में शामिल कुल 32 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि बिगड़ते सुरक्षा हालात से उनके कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा है — 2025 में यह अनुपात 28 प्रतिशत था। कर्मचारियों की दैनिक आवाजाही के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है: कराची में 45 प्रतिशत और क्वेटा में 83 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस पर गहरी चिंता जताई।

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से वित्तीय सहायता के सहारे आर्थिक स्थिरता की कोशिश कर रहा है और विदेशी निवेश आकर्षित करना उसकी प्राथमिकता है।

मध्य पूर्व संघर्ष का अतिरिक्त दबाव

सर्वे में शामिल 88 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर उनके संगठन पर भी पड़ा है। आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की सुरक्षा, कारोबार में कमी और कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी प्रमुख चिंताएँ बनकर उभरी हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति और पश्चिम एशिया से उसकी व्यापारिक निर्भरता इस दबाव को और बढ़ा देती है।

OICCI की सरकार से अपील

OICCI के महासचिव एम. अब्दुल अलीम ने कहा कि निवेश की रफ्तार बनाए रखने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा में लगातार सुधार अनिवार्य है। संस्था ने पाकिस्तान सरकार से लक्षित सुरक्षा उपायों को जारी रखने, पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने और संस्थागत सुधारों में तेजी लाने की अपील की है, ताकि कारोबार के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार किया जा सके।

आगे की राह

आँकड़ों के अनुसार, यदि सुरक्षा हालात में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो विदेशी कंपनियाँ पाकिस्तान में विस्तार योजनाओं पर पुनर्विचार कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कानून-व्यवस्था और निवेश माहौल के बीच सीधा संबंध है — और जब तक पश्चिमी क्षेत्रों की अस्थिरता पर काबू नहीं पाया जाता, पाकिस्तान का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित करने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ कराची और बलूचिस्तान में ज़मीनी हालात निवेशकों को पीछे धकेल रहे हैं। 71% का आँकड़ा सिर्फ धारणा नहीं, कारोबारी निर्णयों पर असर डालने वाला तथ्य है। जब तक पश्चिमी क्षेत्रों की संरचनात्मक अस्थिरता को संबोधित नहीं किया जाता, पाकिस्तान का FDI आकर्षण महज़ कागज़ी वादा बना रहेगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

OICCI सिक्योरिटी सर्वे-2026 में पाकिस्तान के बारे में क्या सामने आया?
OICCI सिक्योरिटी सर्वे-2026 के अनुसार, पाकिस्तान में 71% विदेशी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन ने सुरक्षा को अपनी तीन सबसे बड़ी कारोबारी चिंताओं में शामिल किया। कराची, क्वेटा और बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात पिछले वर्ष की तुलना में और बिगड़े हैं।
पाकिस्तान में सुरक्षा संकट का विदेशी निवेश पर क्या असर पड़ रहा है?
सर्वे में 32% कंपनियों ने कहा कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति से उनके कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा है, जो 2025 के 28% से अधिक है। कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति पाकिस्तान में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बनी हुई है।
कराची और बलूचिस्तान में सुरक्षा की स्थिति कितनी खराब है?
कराची में 42% उत्तरदाताओं ने सुरक्षा माहौल को पहले से बदतर बताया और 50% ने सड़क अपराध बढ़ने की बात कही। क्वेटा में 81% और बलूचिस्तान के अन्य हिस्सों में 86% उत्तरदाताओं ने सुरक्षा स्थिति को खराब बताया।
मध्य पूर्व संघर्ष का पाकिस्तान में कारोबार पर क्या असर है?
सर्वे में शामिल 88% कंपनियों ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर उनके संगठन पर पड़ा है। आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा, कारोबार में कमी और कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी प्रमुख चिंताएँ रहीं।
OICCI ने पाकिस्तान सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
OICCI ने पाकिस्तान सरकार से लक्षित सुरक्षा उपायों को जारी रखने, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और संस्थागत सुधारों में तेजी लाने की अपील की है। महासचिव एम. अब्दुल अलीम ने कहा कि निवेश की रफ्तार बनाए रखने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा में निरंतर सुधार जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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