पाकिस्तान में सुरक्षा संकट: 71% विदेशी कंपनियों ने कारोबारी चिंता में गिनाई, निवेश पर मंडराया खतरा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सुरक्षा हालात विदेशी निवेशकों के भरोसे को गहरी चोट पहुँचा रहे हैं। ओवरसीज इन्वेस्टर्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (OICCI) के सिक्योरिटी सर्वे-2026 के अनुसार, सदस्य कंपनियों के 71 प्रतिशत शीर्ष प्रबंधन अधिकारियों ने सुरक्षा को अपनी तीन सबसे बड़ी कारोबारी चिंताओं में शामिल किया है। कराची में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और बलूचिस्तान सहित पश्चिमी क्षेत्रों में जारी अस्थिरता ने कारोबारी गतिविधियों पर सीधा असर डाला है।
सर्वे के मुख्य निष्कर्ष
सर्वे के अनुसार, कराची में 42 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि शहर का सुरक्षा माहौल पहले से अधिक बिगड़ा है — जबकि 2025 में यह आँकड़ा 41 प्रतिशत था। स्थिति और गंभीर है क्वेटा में, जहाँ 81 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सुरक्षा को खराब बताया, और बलूचिस्तान के अन्य हिस्सों में यह आँकड़ा 86 प्रतिशत तक पहुँच गया।
सड़क अपराध (स्ट्रीट क्राइम) सबसे बड़ी चिंता के रूप में उभरा है। कराची में 50 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सड़क अपराध बढ़ने की बात कही, जो पिछले वर्ष के 45 प्रतिशत से अधिक है। क्वेटा में यह आँकड़ा 24 प्रतिशत से उछलकर 37 प्रतिशत हो गया।
कारोबार पर सीधा असर
सर्वे में शामिल कुल 32 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि बिगड़ते सुरक्षा हालात से उनके कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा है — 2025 में यह अनुपात 28 प्रतिशत था। कर्मचारियों की दैनिक आवाजाही के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है: कराची में 45 प्रतिशत और क्वेटा में 83 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस पर गहरी चिंता जताई।
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से वित्तीय सहायता के सहारे आर्थिक स्थिरता की कोशिश कर रहा है और विदेशी निवेश आकर्षित करना उसकी प्राथमिकता है।
मध्य पूर्व संघर्ष का अतिरिक्त दबाव
सर्वे में शामिल 88 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर उनके संगठन पर भी पड़ा है। आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की सुरक्षा, कारोबार में कमी और कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी प्रमुख चिंताएँ बनकर उभरी हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति और पश्चिम एशिया से उसकी व्यापारिक निर्भरता इस दबाव को और बढ़ा देती है।
OICCI की सरकार से अपील
OICCI के महासचिव एम. अब्दुल अलीम ने कहा कि निवेश की रफ्तार बनाए रखने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा में लगातार सुधार अनिवार्य है। संस्था ने पाकिस्तान सरकार से लक्षित सुरक्षा उपायों को जारी रखने, पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने और संस्थागत सुधारों में तेजी लाने की अपील की है, ताकि कारोबार के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार किया जा सके।
आगे की राह
आँकड़ों के अनुसार, यदि सुरक्षा हालात में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो विदेशी कंपनियाँ पाकिस्तान में विस्तार योजनाओं पर पुनर्विचार कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कानून-व्यवस्था और निवेश माहौल के बीच सीधा संबंध है — और जब तक पश्चिमी क्षेत्रों की अस्थिरता पर काबू नहीं पाया जाता, पाकिस्तान का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित करने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।