मुजतबा खामेनेई का प्रतिशोध का संकल्प: 'पिता के खून का बदला लिया जाएगा'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अपने दिवंगत पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद 11 जुलाई को एक कड़ा सार्वजनिक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रतिशोध का खुला ऐलान किया। टेलीग्राम और आधिकारिक वेबसाइट 'रहबर डॉट आईआर' पर पोस्ट किए गए इस संदेश में उन्होंने कहा, 'मैं अपने पिता के खून का बदला जरूर लूंगा; बदला ही हमारे देश की भी इच्छा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच तनाव अपने चरम पर है।
जनाजे में करोड़ों की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताया
मुजतबा खामेनेई ने अंतिम संस्कार में शामिल हुए लाखों लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे 'ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व' करार दिया। उन्होंने कहा, 'मैं ईरान और इराक के शहरों और गांवों — विशेष रूप से तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला और मशहद — में करोड़ों लोगों की उपस्थिति की सराहना करता हूं।' उन्होंने इस जन-समागम को दुश्मनों को 'करारा जवाब' देने वाला भी बताया।
इस्लामिक क्रांति के मार्ग पर चलने का संकल्प
अपने संदेश में मुजतबा खामेनेई ने इस्लामिक क्रांति में अयातुल्ला खामेनेई के योगदान को याद किया और प्रतिबद्धता जताई कि उनके दिखाए मार्ग से विचलित नहीं होंगे। उन्होंने कहा, 'हम यह संकल्प लेते हैं कि आपके दिखाए मार्ग पर दृढ़ता से चलेंगे, कठिनाइयों से नहीं डरेंगे और ईश्वर के वचनों पर विश्वास बनाए रखेंगे।' उन्होंने इराक, ईरान और अन्य देशों से भी इस संघर्ष में साथ आने का आह्वान किया।
मुख्य न्यायाधीश ने अमेरिका-इजरायल पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया
इसी बीच, ईरान के मुख्य न्यायाधीश हुज्जतुल इस्लाम गुलामहुसैन मोहसनी एजेई ने तेहरान में अंतरराष्ट्रीय वकीलों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ एक बैठक में कहा कि अमेरिका और इजरायल को ईरान के विरुद्ध कथित युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अमेरिका और जियोनिस्ट शासन ने हमारे देश और हमारे लोगों के खिलाफ युद्ध अपराध किए हैं। हम युद्ध अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने और उन्हें सजा दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।' एजेई ने यह भी कहा कि 'अपराधियों को उनके अपराध के अनुरूप दंड मिलना चाहिए और क्षतिपूर्ति भी करनी चाहिए।'
कानूनी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजीकरण की तैयारी
ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, इस बैठक में ईरानी न्यायिक अधिकारियों और विदेशी कानूनी विशेषज्ञों ने हालिया संघर्ष के दौरान कथित उल्लंघनों के दस्तावेजीकरण और अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी विकल्पों पर चर्चा की। एजेई ने बताया कि ईरान का अटॉर्नी जनरल कार्यालय और न्यायपालिका के अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विभाग इन मामलों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वकीलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, 'सत्य की आवाज और न्याय की मांग को दबाया नहीं जा सकता।'
क्या होगा आगे
एजेई ने अमेरिका और इजरायल पर दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अपराध करने का आरोप लगाया और कहा कि इन घटनाओं का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनसे अवगत हो सकें। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने शहीदों को नहीं भूलेगा और कथित अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखेगा। गौरतलब है कि ईरान-इजरायल तनाव के इस नए अध्याय में मुजतबा खामेनेई की भाषा और रणनीति, आने वाले हफ्तों में मध्य-पूर्व की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।