बेंगलुरु पुलिस का अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क पर प्रहार: ₹30.43 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त, 8 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु सिटी पुलिस ने 11 जुलाई 2026 को अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ₹30.43 करोड़ मूल्य के प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त किए और 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई कई संयुक्त ऑपरेशनों के तहत अंजाम दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने कुल 29 किलो एमडीएमए, 20 ग्राम कोकीन और 1,000 एक्स्टसी टैबलेट जब्त किए। इन नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत ₹30.43 करोड़ है, जबकि खुले बाज़ार में इनकी कीमत लगभग ₹60.86 करोड़ बताई जा रही है। इन ऑपरेशनों के सिलसिले में कुल पाँच अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
ऑपरेशन का विवरण
पहला ऑपरेशन उत्तरी बेंगलुरु के हेब्बल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चलाया गया, जिसमें एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार कर 17.282 किलो एमडीएमए जब्त किया गया — जिसकी कीमत ₹17.28 करोड़ आँकी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस आरोपी से जुड़े अंतर-राज्यीय सप्लाई नेटवर्क की जाँच अभी जारी है।
दूसरे ऑपरेशन में सेंट्रल क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स विंग ने 6.718 किलो एमडीएमए और 20 ग्राम कोकीन जब्त की, जिसकी कीमत ₹7.15 करोड़ है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया और जाँचकर्ता ड्रग्स के स्रोत तथा तस्करी के पीछे के वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रहे हैं।
गिरिनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अलग मामले में, अधिकारियों ने 5 किलो एमडीएमए और 1,000 एक्स्टसी टैबलेट ज़ब्त किए, जिनकी कीमत ₹6 करोड़ बताई गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने दोहराया कि कर्नाटक सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर अडिग है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, बिक्री या सेवन में शामिल किसी भी व्यक्ति के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। खड़गे ने यह भी बताया कि बेंगलुरु सिटी पुलिस ने हाल के हफ्तों में ड्रग से जुड़े सैकड़ों मामले दर्ज किए हैं और कई करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ ज़ब्त किए हैं।
आम जनता पर असर और अपील
गृह मंत्री ने जनता — विशेष रूप से माता-पिता और शिक्षण संस्थानों — से आग्रह किया कि वे ड्रग्स के दुरुपयोग के विरुद्ध इस लड़ाई में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने नागरिकों से कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना दें, ताकि कर्नाटक को ड्रग-मुक्त राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
क्या होगा आगे
जाँचकर्ता अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के तार खंगाल रहे हैं। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब देश के कई महानगरों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी तेज़ी से बढ़ी है। कर्नाटक भर की पुलिस इकाइयाँ आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।