बेंगलुरु ड्रग्स रैकेट भंडाफोड़: ₹20 करोड़ का MDMA और हाइड्रो गांजा जब्त, 6 गिरफ्तार

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बेंगलुरु ड्रग्स रैकेट भंडाफोड़: ₹20 करोड़ का MDMA और हाइड्रो गांजा जब्त, 6 गिरफ्तार

सारांश

बेंगलुरु पुलिस ने यशवंतपुर और नंदिनी लेआउट में एक साथ कई छापे मारकर ₹20 करोड़ से अधिक के नशीले पदार्थ जब्त किए और 6 लोगों को गिरफ्तार किया। खास बात यह है कि आरोपी कॉलेज छात्रों को निशाना बना रहे थे — जो इस रैकेट को महज तस्करी नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकट बनाता है।

मुख्य बातें

बेंगलुरु पुलिस ने 5 मई 2026 को यशवंतपुर और नंदिनी लेआउट में छापेमारी कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
जब्त सामग्री में 8 किलो 58 ग्राम एमडीएमए और 5 किलो 700 ग्राम हाइड्रो गांजा शामिल; बाजार मूल्य ₹20.10 करोड़ ।
आरोपी खासतौर पर कॉलेज छात्रों और आम जनता को निशाना बना रहे थे।
ऑपरेशन डीसीपी बी.एस.
नेमागौड़ा, आईपीएस की देखरेख में; सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में।
अज्ञात अंतर-राज्यीय और स्थानीय सप्लायरों की तलाश जारी; NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज।

बेंगलुरु पुलिस ने मंगलवार, 5 मई 2026 को शहर के यशवंतपुर और नंदिनी लेआउट इलाकों में छापेमारी कर एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया और 6 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 किलो 58 ग्राम एमडीएमए और 5 किलो 700 ग्राम हाइड्रो गांजा जब्त किया, जिसका बाजार मूल्य कथित तौर पर ₹20.10 करोड़ बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में दो अंतर-राज्यीय ऑपरेटिव और चार स्थानीय लोग शामिल हैं।

ऑपरेशन का विवरण

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिरों से मिली विश्वसनीय जानकारी के आधार पर की गई। यशवंतपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत दो अलग-अलग मामलों में और नंदिनी लेआउट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एक मामले में, अलग-अलग तारीखों पर कई छापे मारे गए। कार्रवाई शुरू करने से पहले नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट के प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए।

छापेमारी के दौरान नशीले पदार्थों के अलावा चार मोबाइल फोन और एक कार भी जब्त की गई, जिनका उपयोग कथित तौर पर ड्रग्स के व्यापार में संपर्क के लिए किया जाता था। जब्त सामग्री का कुल मूल्य ₹10.05 करोड़ आंका गया है, जबकि बाजार मूल्य लगभग ₹20.10 करोड़ बताया जा रहा है।

आरोपियों का तरीकाकार

पुलिस के अनुसार, आरोपी एमडीएमए और हाइड्रो गांजा जैसी प्रतिबंधित दवाएं अज्ञात अंतर-राज्यीय और स्थानीय सप्लायरों से कम कीमतों पर खरीदते थे और उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचते थे। गौरतलब है कि आरोपी खासतौर पर कॉलेज छात्रों और आम जनता को निशाना बनाकर अवैध मुनाफा कमाते थे, जो इस रैकेट के सामाजिक खतरे को और गंभीर बनाता है।

नेतृत्व और जाँच टीम

यह ऑपरेशन पुलिस उपायुक्त (उत्तरी संभाग) बी.एस. नेमागौड़ा, आईपीएस की देखरेख में और सहायक पुलिस आयुक्त (यशवंतपुर उप-संभाग) मैरी शैलजा के नेतृत्व में चलाया गया। यशवंतपुर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक मंजूनाथ एस. और नंदिनी लेआउट पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक गणपति आर.एल. तथा उनकी टीमों ने भी इस अभियान में सहयोग किया।

सभी 6 आरोपियों को अलग-अलग तारीखों पर अदालत में पेश किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात सप्लायरों — स्थानीय और अंतर-राज्यीय दोनों — का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

अन्य पुलिस सफलताएँ

इसी बीच, बेंगलुरु पूर्वी संभाग पुलिस ने इंदिरा नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक घर में चोरी के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक अंतर-राज्यीय आरोपी भी शामिल है। पुलिस ने चोरी की गई लगभग ₹1.15 करोड़ की संपत्ति बरामद की और इस मामले के साथ-साथ चोरी के 18 अन्य मामलों का भी खुलासा किया।

यह मामला 25 दिसंबर 2024 को दर्ज हुआ था, जब एक निवासी ने शिकायत की कि उनके केरल जाने के दौरान घर में सोने के गहने और नकदी चोरी हो गई। जांच में 22 मार्च को एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जिसके कबूलनामे के आधार पर 855 ग्राम सोने के गहने और बार के साथ नकदी बरामद की गई।

इसके अतिरिक्त, बेंगलुरु उत्तर-पूर्वी डिवीजन के 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में पुलिस ने 692 चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कुल कीमत ₹1.75 करोड़ है। जांच आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकेत देती है कि आपूर्ति श्रृंखला अभी भी सक्रिय और संगठित है। चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी कॉलेज परिसरों के आसपास नेटवर्क बना रहे थे, जो युवाओं को लक्षित करने की एक सुनियोजित रणनीति को दर्शाता है। जब तक अंतर-राज्यीय सप्लाई चेन को नहीं तोड़ा जाता, खुदरा स्तर की गिरफ्तारियाँ रैकेट की जड़ पर प्रहार नहीं कर पाएंगी। असली परीक्षा अब उन अज्ञात सप्लायरों तक पहुँचने की है जिनकी तलाश अभी जारी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु ड्रग्स रैकेट भंडाफोड़ में क्या जब्त किया गया?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 किलो 58 ग्राम एमडीएमए और 5 किलो 700 ग्राम हाइड्रो गांजा जब्त किया, जिसका बाजार मूल्य कथित तौर पर ₹20.10 करोड़ है। इसके अलावा चार मोबाइल फोन और एक कार भी जब्त की गई।
बेंगलुरु ड्रग्स मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और उन पर क्या आरोप हैं?
कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है — दो अंतर-राज्यीय ऑपरेटिव और चार स्थानीय लोग। उन पर NDPS एक्ट के तहत अवैध नशीले पदार्थ बेचने के आरोप में मामले दर्ज हैं और सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
क्या बेंगलुरु ड्रग्स रैकेट में कॉलेज छात्र भी निशाने पर थे?
हाँ, पुलिस के अनुसार आरोपी खासतौर पर कॉलेज छात्रों और आम जनता को निशाना बनाकर प्रतिबंधित नशीले पदार्थ बेचते थे। यह इस रैकेट के सामाजिक खतरे को और गंभीर बनाता है।
यह ऑपरेशन किसकी देखरेख में चलाया गया?
यह ऑपरेशन पुलिस उपायुक्त (उत्तरी संभाग) बी.एस. नेमागौड़ा, आईपीएस की देखरेख में और सहायक पुलिस आयुक्त मैरी शैलजा के नेतृत्व में चलाया गया। यशवंतपुर और नंदिनी लेआउट पुलिस स्टेशनों की टीमों ने मिलकर यह कार्रवाई की।
क्या बेंगलुरु ड्रग्स मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ होंगी?
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अज्ञात अंतर-राज्यीय और स्थानीय सप्लायरों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जाँच अभी चल रही है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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