गोरेगांव नेस्को ड्रग केस: मुख्य आरोपी आयुष के पास मिलीं 933 MDMA गोलियां, 15 लाख की खेप से बड़े नेटवर्क का शक
सारांश
Key Takeaways
- मुख्य आरोपी आयुष विक्की (24 वर्ष) के पास से 933 MDMA गोलियां बरामद की गई हैं।
- बरामद ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है।
- आयुष को रायगढ़ के पोलादपुर से गिरफ्तार किया गया, वह गोवा भागने की कोशिश में था।
- गोरेगांव नेस्को सेंटर में हुए कॉन्सर्ट में एक्स्टसी ड्रग के ओवरडोज से दो युवकों की मौत हो चुकी है।
- इस मामले में अब तक छह से अधिक आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और और गिरफ्तारियां संभव हैं।
- पुलिस सप्लाई चेन, CDR और Financial Trail की जांच कर बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को बेनकाब करने में जुटी है।
मुंबई, 23 अप्रैल। गोरेगांव नेस्को कॉन्सर्ट ड्रग मामले में पुलिस की जांच अब और तेज हो गई है। मुख्य आरोपी आयुष विक्की (24 वर्ष) के पास से 933 MDMA (एक्स्टसी) गोलियां बरामद हुई हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है। यह बरामदगी इस मामले को एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जोड़ने की ओर इशारा कर रही है।
मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी
पिछले हफ्ते पुलिस ने आयुष विक्की को रायगढ़ जिले के पोलादपुर से गिरफ्तार किया था। वह अपने दो साथियों के साथ कार से गोवा भागने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे दबोच लिया और वनराई पुलिस को सौंप दिया।
आरोप है कि आयुष ने मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान युवाओं को 'एक्स्टसी' ड्रग वितरित की थी। इस ड्रग के ओवरडोज से दो युवकों की मौत हो गई, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया।
बरामदगी और सप्लाई चेन की जांच
आरोपी के पास से मिली 933 MDMA गोलियों की बरामदगी ने पुलिस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यह मामला महज एक स्थानीय घटना नहीं है। पुलिस अब पूरी सप्लाई चेन को खंगाल रही है — माल किसने दिया, कहां से आया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस रैकेट के तार मुंबई के अन्य इलाकों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), तकनीकी निगरानी और वित्तीय लेनदेन (Financial Trail) की भी बारीकी से जांच कर रही है।
अब तक की गिरफ्तारियां और आगे की कार्रवाई
इस मामले में अब तक छह से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह मामला केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। वनराई पुलिस और अन्य विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है ताकि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।
MDMA ड्रग और इसका खतरा
MDMA (3,4-मेथिलेनेडिऑक्सीमेथैम्फेटामाइन) को आमतौर पर 'एक्स्टसी' या 'मॉली' के नाम से जाना जाता है। यह एक अत्यंत खतरनाक साइकोएक्टिव पदार्थ है जो युवाओं में तेजी से फैल रहा है, खासकर संगीत समारोहों और रेव पार्टियों में।
इसके ओवरडोज से हृदय गति असामान्य हो जाती है और मृत्यु तक हो सकती है, जैसा कि नेस्को कॉन्सर्ट में हुआ। यह मामला मुंबई में बढ़ते पार्टी ड्रग कल्चर पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।
आगे क्या होगा
पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। जांच के दौरान यदि अंतरराज्यीय कनेक्शन साबित होता है, तो नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी इस मामले में शामिल हो सकता है। यह केस मुंबई पुलिस के लिए एक बड़ी परीक्षा है कि वे ड्रग सप्लाई नेटवर्क को कितनी गहराई तक तोड़ पाते हैं।