बेंगलुरु पुलिस का ड्रग्स नेटवर्क पर प्रहार: ₹5.70 करोड़ के 35 किलो नशीले पदार्थ जब्त, 11 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु पुलिस ने 7 जुलाई 2026 को एक बड़े संयुक्त अभियान में ₹5.70 करोड़ से अधिक मूल्य के 35 किलोग्राम से ज़्यादा प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त किए और 11 कथित ड्रग तस्करों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नौ अन्य राज्यों के निवासी और दो स्थानीय लोग शामिल हैं।
ऑपरेशन का दायरा और जब्त सामग्री
यह अभियान विद्यारण्यपुरा, जेबी नगर, देवनहल्ली और हेब्बागोडी पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में एक साथ चलाया गया। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, ऑपरेशन में कुल 2 किलो एमडीएमए, 1.767 किलो हाइड्रो गांजा और 32.920 किलो गांजा बरामद किया गया।
इसके अतिरिक्त आरोपियों के पास से ₹5.90 लाख नकद, दो आईफोन और एक दोपहिया वाहन भी ज़ब्त किया गया।
थाना-वार बरामदगी का ब्यौरा
विद्यारण्यपुरा पुलिस ने लगभग ₹4 करोड़ मूल्य का 2 किलो एमडीएमए बरामद किया — जो इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी एकल बरामदगी है। जेबी नगर पुलिस ने 1.767 किलो हाइड्रो गांजा के साथ नकदी, दो आईफोन और एक दोपहिया वाहन ज़ब्त किया, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹1.37 करोड़ आंकी गई है।
देवनहल्ली पुलिस ने 16.920 किलो गांजा (अनुमानित मूल्य ₹16.70 लाख) और हेब्बागोडी पुलिस ने 16 किलो गांजा (अनुमानित मूल्य ₹16 लाख) बरामद किया।
आरोपियों ने पूछताछ में क्या बताया
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने आसान पैसे की लालच में नशीले पदार्थों की तस्करी शुरू की थी। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि वे अन्य राज्यों के आपूर्तिकर्ताओं से कम दामों पर नशीले पदार्थ खरीदते थे और उन्हें कॉलेज छात्रों सहित आम लोगों को कई गुना ऊँचे दामों पर बेचते थे। गौरतलब है कि युवाओं को निशाना बनाने का यह तरीका शहरी ड्रग नेटवर्क की एक जानी-पहचानी रणनीति है।
नेतृत्व और जांच की स्थिति
पुलिस बयान के अनुसार, इस संयुक्त ऑपरेशन का नेतृत्व डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (नॉर्थ ईस्ट) जी.के. मिथुन कुमार, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ईस्ट) विक्रम अम्टे और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी) एम. नारायण ने किया। सभी 11 आरोपियों को संबंधित न्यायालयों में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि उन अज्ञात आपूर्तिकर्ताओं की तलाश जारी है जिन्होंने आरोपियों को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराए थे। जांच के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
घरेलू सहायिका द्वारा चोरी का मामला भी सुलझा
एक अलग मामले में बेंगलुरु पुलिस ने जयनगर के 5वें ब्लॉक में अपने नियोक्ता के घर से चोरी करने के आरोप में एक घरेलू सहायिका को गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता ने 9 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया कि उनके घर में करीब 18 वर्षों से काम कर रही सहायिका पर उन्हें संदेह था।
पुलिस ने 22 जून को सहायिका को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, जिसमें उसने चोरी कबूल कर ली। उसके पूर्णा प्रज्ञा लेआउट स्थित घर से 262 ग्राम सोने के गहने, 2.366 किलो चांदी के बिस्कुट और चांदी की वस्तुएं, ₹65,000 नकद और पाँच रेशमी साड़ियाँ बरामद की गईं — कुल मूल्य लगभग ₹50 लाख। आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
बेंगलुरु पुलिस के इन दोनों अभियानों से स्पष्ट है कि शहर में संगठित अपराध के विरुद्ध प्रवर्तन एजेंसियाँ सक्रिय हैं — आने वाले दिनों में ड्रग नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश जांच की दिशा तय करेगी।