19 सितंबर 2026
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'विकसित भारत 2047' पर भारत मंडपम में बड़ा मंथन, गोवा CM सावंत बोले — केंद्र-राज्य एकजुटता से मिलेगी सफलता

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'विकसित भारत 2047' पर भारत मंडपम में बड़ा मंथन, गोवा CM सावंत बोले — केंद्र-राज्य एकजुटता से मिलेगी सफलता

सारांश

भारत मंडपम में 'विकसित भारत 2047' पर हुई यह कॉन्फ्रेंस महज एक बैठक नहीं — यह केंद्र-राज्य साझेदारी का नया ब्लूप्रिंट है। गोवा, महाराष्ट्र और तेलंगाना के नेताओं ने एकसुर में कहा: जब तक राज्यों के रोडमैप राष्ट्रीय विजन से नहीं जुड़ते, 2047 का सपना अधूरा रहेगा।

मुख्य बातें

भारत मंडपम, नई दिल्ली में 19 सितंबर 2026 को 'फाइनेंसिंग इंडियाज जर्नी टुवर्ड्स विकसित भारत' कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पहल पर बुलाए गए इस दो दिवसीय सत्र में देशभर के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री शामिल हुए।
गोवा CM प्रमोद सावंत ने केंद्र-राज्य एकजुटता को 'विकसित भारत 2047' लक्ष्य की मुख्य शर्त बताया।
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य दोहराया; शहरी, उप-नगरीय और ग्रामीण-कृषि — तीन हिस्सों में योजना बनाई गई।
महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने पूंजीगत निवेश और वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 19 सितंबर 2026 (शनिवार) को आयोजित 'फाइनेंसिंग इंडियाज जर्नी टुवर्ड्स विकसित भारत' कॉन्फ्रेंस में देशभर के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने के लिए एकजुट रोडमैप पर विचार-विमर्श किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पहल पर आयोजित इस दो दिवसीय सत्र में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्य घटनाक्रम

यह कॉन्फ्रेंस केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय समन्वय को मजबूत करने और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साझा लक्ष्य के इर्द-गिर्द आयोजित की गई। बैठक में बेस्ट प्रैक्टिसेज, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, राज्यों के पूंजीगत निवेश, आयात-निर्यात नियंत्रण, आर्थिक सुधार और विनियमन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर एक समेकित राष्ट्रीय विकास योजना तैयार करने पर जोर दे रही है, ताकि हर राज्य के विकास रोडमैप को राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बनाया जा सके।

गोवा CM सावंत की प्रतिक्रिया

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, 'जब देश और राज्य एक ही दिशा में सोचते हैं, तो विकसित भारत के साथ विकसित राज्य बनने में आसानी होती है। विकसित गोवा की बात करें तो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राज्य को इसका बहुत फायदा होगा।' उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे आर्थिक और कृषि निर्यात सहित सभी क्षेत्रों में मार्गदर्शन मिला है।

महाराष्ट्र और तेलंगाना का दृष्टिकोण

महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यों के रोडमैप को प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने वित्तीय संसाधनों के उपयोग, पूंजीगत निवेश की दिशा और हर सेक्टर में निवेश के प्रवाह की रणनीति पर काम करना होगा।

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने खुलासा किया कि उनके राज्य ने 25 दिसंबर को अपने वैश्विक शिखर सम्मेलन में 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य घोषित किया था। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य के लिए राज्य के विकास को तीन भागों — मुख्य शहरी क्षेत्र, उप-नगरीय क्षेत्र और ग्रामीण-कृषि अर्थव्यवस्था — में विभाजित कर रोडमैप तैयार किया गया है।

ब्रिक्स और वैश्विक संदर्भ

महाराष्ट्र के मंत्री जायसवाल ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वैश्विक संतुलन स्थापित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। उनके अनुसार, चीन जैसे देशों और अन्य ब्रिक्स राष्ट्रों के एक साथ आने से दुनिया के सामने एक नया विकल्प प्रस्तुत हुआ है।

आगे की राह

यह कॉन्फ्रेंस न केवल नीतिगत समन्वय का मंच बनी, बल्कि यह भी संकेत देती है कि केंद्र सरकार 2047 के लक्ष्य को लेकर राज्यों को साझेदार बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र-राज्य के बीच वित्तीय समन्वय जितना मजबूत होगा, राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों की प्राप्ति उतनी तेज़ होगी। आने वाले महीनों में इस सम्मेलन के निष्कर्षों के आधार पर राज्य-स्तरीय कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

साझा संकल्प, लेकिन बाध्यकारी प्रतिबद्धता का अभाव। असली परीक्षा यह है कि राज्य-स्तरीय रोडमैप को केंद्रीय विजन से जोड़ने की यह कवायद महज घोषणात्मक रहती है या इसमें मापने योग्य वित्तीय मील के पत्थर भी तय होते हैं। तेलंगाना का $3 ट्रिलियन लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन उसके लिए जिस गति से GDP वृद्धि चाहिए, वह अभी तक के राज्य के प्रदर्शन से कहीं आगे की बात है। केंद्र-राज्य समन्वय की भाषा सही है, पर जब तक इसे संसाधन-बँटवारे के ठोस ढाँचे में नहीं ढाला जाता, यह मंथन सुर्खियों तक ही सीमित रह सकता है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'फाइनेंसिंग इंडियाज जर्नी टुवर्ड्स विकसित भारत' कॉन्फ्रेंस क्या है?
यह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पहल पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन है, जिसमें देशभर के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों को प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' रोडमैप से राज्यों की योजनाओं को जोड़ने के लिए एक मंच पर बुलाया गया। 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इसका आयोजन हुआ।
गोवा के CM प्रमोद सावंत ने कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?
सावंत ने कहा कि जब केंद्र और राज्य एक ही दिशा में सोचते हैं तो विकसित राज्य बनने की राह आसान हो जाती है। उन्होंने आर्थिक और कृषि निर्यात समेत सभी क्षेत्रों में मार्गदर्शन मिलने की बात कही और निर्मला सीतारमण की इस पहल का अभिनंदन किया।
तेलंगाना का 2047 के लिए क्या लक्ष्य है?
तेलंगाना ने 2047 तक $3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसकी घोषणा 25 दिसंबर को राज्य के वैश्विक शिखर सम्मेलन में की गई थी। इस लक्ष्य के लिए राज्य ने शहरी, उप-नगरीय और ग्रामीण-कृषि — तीन क्षेत्रों में विकास की रणनीति बनाई है।
इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य एजेंडा क्या था?
कॉन्फ्रेंस में वित्तीय संसाधनों के उपयोग, राज्यों के पूंजीगत निवेश, आयात-निर्यात नियंत्रण, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, आर्थिक सुधार और विभिन्न राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज पर चर्चा हुई। मुख्य उद्देश्य था कि अलग-अलग राज्यों के रोडमैप को 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय रोडमैप के साथ संरेखित किया जाए।
क्या इस सम्मेलन में ब्रिक्स का भी उल्लेख हुआ?
हाँ, महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को वैश्विक संतुलन स्थापित करने के नज़रिए से अहम बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स राष्ट्रों के एकजुट होने से दुनिया को एक नया विकल्प मिला है।
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