27 सितंबर 2026
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गुवाहाटी में CJP के 30 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में, आशुतोष रांका भी शामिल — असम पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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गुवाहाटी में CJP के 30 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में, आशुतोष रांका भी शामिल — असम पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सारांश

गुवाहाटी में CJP की क्षेत्रीय बैठक से पहले ही असम पुलिस ने 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया — जिनमें सह-संयोजक आशुतोष रांका भी शामिल हैं। पार्टी का आरोप है कि यह शांतिपूर्ण आयोजन को दबाने की कोशिश है, जबकि पुलिस ने अब तक कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया।

मुख्य बातें

असम पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में CJP के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए लोगों में सह-संयोजक आशुतोष रांका और केंद्रीय समिति के 4 सदस्य शामिल हैं।
बैठक पहले अठगांव के 'असम श्री परशुराम सेवा सदन' में और बाद में ' चौधरी टीला ' पर प्रस्तावित थी।
रांका का आरोप — मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा सरकारी स्कूलों की दशा और बाढ़ के मुद्दे उजागर होने से डरते हैं।
रविवार दोपहर तक असम पुलिस ने हिरासत की संख्या या कारण के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।

असम पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और केंद्रीय समिति के चार सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। पार्टी के अनुसार, ये सभी कार्यकर्ता क्षेत्रीय स्वयंसेवकों की एक बैठक के लिए एकत्रित हुए थे।

घटनाक्रम: कैसे हुई कार्रवाई

पार्टी नेताओं के अनुसार, बैठक शुरुआत में अठगांव के खड़गा चौधरी रोड पर स्थित 'असम श्री परशुराम सेवा सदन' में रविवार सुबह 10 बजे आयोजित होनी थी। आयोजकों का आरोप है कि मूल स्थान के प्रबंधन पर बुकिंग रद्द करने का दबाव डाला गया, जिसके बाद कार्यक्रम का स्थान बदलकर असम सचिवालय के सामने 'चौधरी टीला' कर दिया गया। रांका और अंकित भारद्वाज, आकाश प्रेम, वरुण अग्रवाल समेत अन्य सदस्य शनिवार को ही गुवाहाटी पहुँच गए थे।

रांका के गंभीर आरोप

हिरासत से पहले रांका ने कहा, 'पुलिस रविवार सुबह से ही गुंडों की तरह व्यवहार कर रही थी। यह एक निजी जगह पर हो रही शांतिपूर्ण बैठक थी, लेकिन पुलिस हमारी टीम के सदस्यों को एक-एक कर हिरासत में लेती रही और अब हम सभी को हिरासत में ले लिया गया है।' उन्होंने असम सरकार पर आरोप लगाया कि वह पार्टी को राज्य से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने से रोकने की कोशिश कर रही है।

रांका ने यह भी कहा, 'मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा को डर है कि हम यहाँ के स्कूलों की हालत, इंसानों की वजह से आई बाढ़ की सच्चाई और दूसरे मुद्दों को उजागर कर देंगे। इसीलिए वे हमें धमका रहे हैं। जब तक हम उनका पर्दाफाश नहीं कर देते, तब तक हम रुकेंगे नहीं।' उल्लेखनीय है कि ये आरोप एकतरफा हैं और असम सरकार का कोई आधिकारिक जवाब अब तक सामने नहीं आया है।

असम पुलिस का रुख

रविवार दोपहर तक असम पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की थी और न ही हिरासत के कारणों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी किया था। इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से किसी भी टिप्पणी का अभाव सवाल खड़े करता है।

व्यापक संदर्भ और असर

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब CJP असम में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तार करने की कोशिश कर रही है। क्षेत्रीय स्वयंसेवकों की यह बैठक राज्य में पार्टी के समर्थकों और सदस्यों को एकजुट करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। पार्टी का कहना है कि वह सरकारी स्कूलों की स्थिति, कथित मानव-निर्मित बाढ़ के प्रभाव और अन्य जन-मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहती है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों की बैठकों से पहले इस तरह की पुलिस कार्रवाई के आरोप पहले भी कई राज्यों में सामने आ चुके हैं।

आगे की स्थिति

हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई और पुलिस कार्रवाई की वैधता को लेकर कानूनी और राजनीतिक घमासान तेज होने की संभावना है। CJP नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे असम में अपनी गतिविधियाँ जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में पुलिस का आधिकारिक रुख और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कारण — पारदर्शिता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। गौरतलब है कि यह CJP जैसी छोटी पार्टी के बारे में नहीं, बल्कि उस प्रवृत्ति के बारे में है जिसमें सत्तारूढ़ सरकारें विपक्षी जमावड़े को प्रशासनिक और पुलिसिया दबाव से हतोत्साहित करती हैं। लोकतांत्रिक जवाबदेही तब खतरे में पड़ती है जब सरकारी स्कूलों की दशा या बाढ़ प्रबंधन जैसे जन-मुद्दे उठाने का प्रयास ही रोक दिया जाए।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुवाहाटी में CJP के कार्यकर्ताओं को हिरासत में क्यों लिया गया?
असम पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को CJP के क्षेत्रीय स्वयंसेवकों की बैठक से पहले 30 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। रविवार दोपहर तक पुलिस ने हिरासत के आधिकारिक कारण नहीं बताए; पार्टी का दावा है कि यह एक शांतिपूर्ण निजी बैठक थी।
आशुतोष रांका कौन हैं और उनकी क्या भूमिका है?
आशुतोष रांका 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सह-संयोजक हैं। वे असम दौरे पर पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के साथ शनिवार को गुवाहाटी पहुँचे थे और रविवार को हिरासत में लिए गए।
CJP की बैठक कहाँ होनी थी और स्थान क्यों बदला गया?
बैठक पहले गुवाहाटी के अठगांव स्थित 'असम श्री परशुराम सेवा सदन' में प्रस्तावित थी। पार्टी का आरोप है कि वेन्यू प्रबंधन पर बुकिंग रद्द करने का दबाव डाला गया, जिसके बाद स्थान बदलकर असम सचिवालय के सामने 'चौधरी टीला' किया गया।
CJP असम में किन मुद्दों को उठाना चाहती थी?
पार्टी नेताओं के अनुसार, CJP असम में सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति, कथित मानव-निर्मित बाढ़ के प्रभाव और अन्य जन-मुद्दों को उजागर करना चाहती थी। रांका ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर इन मुद्दों से बचने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया।
असम पुलिस ने हिरासत पर अब तक क्या कहा है?
रविवार दोपहर तक असम पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की थी और न ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया था। मामले पर पुलिस प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
राष्ट्र प्रेस
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