गुवाहाटी में CJP के 35 नेता हिरासत में, सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका सहित 35 नेताओं और सदस्यों को गुवाहाटी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में पार्टी ने 27 सितंबर 2026 को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया। पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए गए नेताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
घटनाक्रम: कैसे हुई हिरासत
पार्टी के मुताबिक, यह समूह रविवार की सुबह CJP के पूर्व निर्धारित क्षेत्रीय संगठनात्मक कार्यक्रम के लिए एकत्र हुआ था। कथित तौर पर गुवाहाटी पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर बैरिकेड लगाकर पहुँच को अवरुद्ध कर दिया और समूह के सदस्यों को हिरासत में ले लिया, जिसके कारण बैठक नहीं हो सकी।
भूख हड़ताल का नेतृत्व आशुतोष रांका, पूर्व एवं पूर्वोत्तर प्रभारी अंकित भारद्वाज, संयुक्त सचिव प्रेमकाश गोलू और असम समन्वयक साहिल के साथ-साथ हिरासत में लिए गए अन्य स्वयंसेवक कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम में राजनीतिक गतिविधियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर तनाव चर्चा में है।
पार्टी की मुख्य मांगें
CJP ने अधिकारियों के समक्ष कई तत्काल माँगें रखी हैं। पार्टी ने हिरासत में लिए गए सभी 35 सदस्यों की बिना शर्त रिहाई, हिरासत के कानूनी आधार का खुलासा और तत्काल कानूनी सलाहकार तक पहुँच सुनिश्चित करने की माँग की है।
इसके अतिरिक्त, पार्टी ने अधिकारियों से भूख हड़ताल में शामिल सभी लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने तथा उनके परिवारों और कानूनी प्रतिनिधियों को समय पर जानकारी देने की भी अपील की है।
चिकित्सा सुविधाओं पर चिंता
CJP ने हिरासत में लिए गए नेताओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी का आरोप है कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू होने के बावजूद आशुतोष रांका सहित किसी भी हिरासती की कोई चिकित्सकीय जाँच नहीं की गई है। गौरतलब है कि भूख हड़ताल की स्थिति में चिकित्सीय निगरानी न होना स्वास्थ्य के लिहाज़ से गंभीर जोखिम हो सकता है।
पार्टी का पक्ष
CJP ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'यह लोकतांत्रिक संवाद को दबाने और जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए एकजुट हुए स्वयंसेवकों को डराने का प्रयास है। हमारे नेता और स्वयंसेवक एक पूर्व निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे और ऐसा करने के लिए उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। हम कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों से इसे आगे भी उठाते रहेंगे।'
हिरासत के संबंध में गुवाहाटी पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आगे की घटनाएँ इस बात पर निर्भर करेंगी कि अधिकारी पार्टी की माँगों पर क्या रुख अपनाते हैं।