19 अक्टूबर 2026
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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके का भावुक संदेश: 'आशुतोष और सौरव के बिना आधी सफलता भी नहीं'

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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके का भावुक संदेश: 'आशुतोष और सौरव के बिना आधी सफलता भी नहीं'

सारांश

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने जेल में बंद सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका के लिए सोशल मीडिया पर दिल छू लेने वाला संदेश लिखा। 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कथित अनधिकृत प्रवेश और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में दोनों जेल में हैं और उनकी रिहाई का इंतज़ार है।

मुख्य बातें

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर जेल में बंद सौरव दास और आशुतोष रांका को भावुक संदेश लिखा।
दिपके ने माना कि दोनों के बिना सीजेपी अपनी उपलब्धियों का आधा भी हासिल नहीं कर पाती।
13 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर कथित अनधिकृत प्रवेश और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में दोनों को हिरासत में लिया गया था।
हिरासत के बाद दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
दिपके ने दोनों के परिवारों से भी माफी माँगी और जल्द रिहाई की उम्मीद जताई।

सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जेल में बंद अपने सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावनापूर्ण और विस्तृत संदेश साझा किया है। दिपके ने लिखा कि दोनों के बिना संगठन अपनी मौजूदा उपलब्धियों का आधा भी हासिल नहीं कर पाता, और उनकी एकमात्र इच्छा है कि दोनों जल्द जेल से बाहर आएं।

दिपके का भावुक संदेश

दिपके ने सोशल मीडिया पर आशुतोष रांका और सौरव दास को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'आज आप दोनों का जेल में छठा दिन है। मैं बता नहीं सकता कि मुझे तुम्हारी कितनी याद आ रही है।' उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले तीन महीनों में दोनों की लगातार आने वाली कॉलों और संदेशों को वे अक्सर अनदेखा कर देते थे, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि दोनों हर परिस्थिति को संभाल लेंगे।

दिपके ने आगे लिखा कि भले ही लोगों ने उन्हें सीजेपी का चेहरा माना हो, लेकिन असल में आशुतोष और सौरव ही इस संगठन को चला रहे थे और उसे एकजुट रखे हुए थे। उनके शब्दों में, 'हो सकता है कि सीजेपी की शुरुआत मुझसे अनजाने में हुई हो, लेकिन यह तुम्हारी समझदारी, लगन और हिम्मत ही थी जिसने इसे आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।'

संगठन में योगदान को स्वीकारा

दिपके ने अपने संदेश में कहा, 'मुझे सच में नहीं लगता कि तुम दोनों के बिना सीजेपी अपनी मौजूदा उपलब्धियों का आधा भी हासिल कर पाता।' उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि दोनों ने आंदोलन के लिए जो बलिदान दिए, वे आम लोगों की नज़रों से ओझल रहे और कभी कोई श्रेय भी नहीं मांगा।

संस्थापक ने परिवारों से भी माफी माँगी। उन्होंने लिखा, 'मैं तुम्हारे परिवारों से भी माफी मांगना चाहता हूं, जिन्हें इस दर्द, चिंता और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा है। मुझे पता है कि माफी मांगने से हालात आसान नहीं हो जाएंगे।'

हिरासत का पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सीजेपी एक उभरते राजनीतिक संगठन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है और इसके नेताओं की गिरफ्तारी ने पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा छेड़ दी है।

आगे क्या

दिपके ने अपने संदेश के अंत में उम्मीद जताई कि दोनों जल्द रिहा होंगे। उन्होंने लिखा, 'मुझे बस अपने भाई वापस चाहिए।' 19 अक्टूबर 2026 तक दोनों की रिहाई या ज़मानत को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कई उभरते राजनीतिक आंदोलनों की साझा सच्चाई है। साथ ही, जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने जैसे प्रतीकात्मक कृत्य पर हिरासत यह सवाल भी उठाती है कि सार्वजनिक स्थलों पर विरोध की सीमाएँ कहाँ खींची जा रही हैं। इस मामले की न्यायिक परिणति, दोनों की रिहाई या दीर्घकालिक मुकदमेबाज़ी, आगे चलकर सीजेपी की दिशा और गति तय करेगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों गिरफ्तार किया गया?
कथित तौर पर 13 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में दोनों को हिरासत में लिया गया। अदालत में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
दिपके ने अपने संदेश में कहा कि आशुतोष और सौरव के बिना सीजेपी अपनी उपलब्धियों का आधा भी हासिल नहीं कर पाती। उन्होंने दोनों के परिवारों से माफी माँगी और जल्द रिहाई की उम्मीद जताई।
सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) क्या है?
सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी एक उभरता भारतीय राजनीतिक संगठन है, जिसकी स्थापना अभिजीत दिपके ने की है। संगठन में सौरव दास और आशुतोष रांका सह-संयोजक की भूमिका में कार्यरत हैं।
दोनों की रिहाई कब होगी?
19 अक्टूबर 2026 तक दोनों की रिहाई या ज़मानत को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। दिपके ने अपने संदेश में 'हिरासत के आखिरी दिन' का उल्लेख किया था, लेकिन कानूनी स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है।
दिपके ने परिवारों से माफी क्यों माँगी?
दिपके ने माना कि दोनों के परिवारों को इस गिरफ्तारी के कारण दर्द, चिंता और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा है। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि उन्हें और उनके परिवारों को इस परिस्थिति से गुज़रना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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