बिहार, असम और राजस्थान में प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं: सरकार का आश्वासन, सीजेपी ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 28 जुलाई — कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार देर रात सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद घोषणा की कि बिहार, असम और राजस्थान में प्रदर्शन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। पार्टी के अनुसार, सरकारी प्रतिनिधियों ने दर्ज मामले वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और केंद्र तथा भाजपा/एनडीए शासित राज्यों की ओर से औपचारिक सुरक्षा अधिसूचनाएँ जारी करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
बैठक का घटनाक्रम
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि यह बैठक लगभग दो से तीन घंटे तक चली। उन्होंने कहा, 'हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटे बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की। उन्होंने बिहार और असम की अधिसूचनाओं की प्रतियाँ साझा कीं, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं करने और हिरासत में लिए गए तथा गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने की बात कही गई है।'
सरकार की प्रतिबद्धता
दास के अनुसार, सरकारी प्रतिनिधियों ने यह भी दोहराया कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा/एनडीए शासित राज्यों की ओर से अगले दिन तक अधिसूचनाएँ जारी की जाएंगी। उन्होंने कहा, 'किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी इस लड़ाई में साथ हैं।' गौरतलब है कि यह बयान उस चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद आया, जिसमें सीजेपी ने कथित 'समझौते के उल्लंघन' का आरोप लगाते हुए नए सिरे से आंदोलन शुरू करने की बात कही थी।
राजस्थान को लेकर नया आश्वासन
बाद में दास ने जानकारी दी कि राजस्थान को लेकर भी पार्टी को अलग से आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा, 'बिहार और असम की अधिसूचनाओं के बाद हमें यह भरोसा दिया गया है कि राजस्थान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करेगा। कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और न ही दर्ज की जाएगी।'
लिखित गारंटी की माँग
बैठक के बाद जारी एक वीडियो संदेश में दास ने बताया कि सीजेपी प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने यह आशंका जताई थी कि दिए गए आश्वासन बाद में लागू न हों, इसलिए उन्होंने लिखित गारंटी की माँग की। इसके जवाब में सरकारी पक्ष बिहार गृह विभाग की प्रेस विज्ञप्ति लेकर आया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रदर्शनकारियों की कानूनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे।
आगे क्या
सीजेपी के अनुसार, अन्य राज्यों से औपचारिक अधिसूचनाएँ आने का इंतज़ार है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी राज्यों से लिखित आश्वासन नहीं मिल जाते, वह स्थिति पर नज़र बनाए रखेगी। आंदोलन की अगली दिशा इन अधिसूचनाओं के आधार पर तय की जाएगी।