28 जुलाई 2026
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नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों को राहत: असम-बिहार ने वापस लिए मामले, 13 गिरफ्तारों की होगी रिहाई

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नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों को राहत: असम-बिहार ने वापस लिए मामले, 13 गिरफ्तारों की होगी रिहाई

सारांश

असम और बिहार सरकारों ने नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने का ऐलान किया। यह फैसला 26 जुलाई शाम 6 बजे तक के प्रदर्शनों पर लागू होगा — और संकेत देता है कि छात्रों का दबाव राज्य सरकारों को झुकाने में कामयाब रहा।

मुख्य बातें

असम और बिहार सरकारों ने 28 जुलाई 2026 को नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने की घोषणा की।
असम में 26 जुलाई शाम 6 बजे तक दर्ज 5 मामलों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
बिहार में 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज सभी एफआईआर , परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएंगे।
दोनों राज्यों ने गिरफ्तार और निरुद्ध सभी लोगों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दोनों सरकारों ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध भविष्य में भी कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं होगी।

नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देते हुए असम और बिहार सरकारों ने 28 जुलाई 2026 को घोषणा की कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएंगे और गिरफ्तार लोगों को शीघ्र रिहा किया जाएगा। दोनों राज्यों ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियाँ जारी कर स्पष्ट किया कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध भविष्य में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।

असम सरकार का फैसला

असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 26 जुलाई शाम 6 बजे तक राज्य में नीट-यूजी विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कुल पाँच मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

सरकार ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों की परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद और परीक्षा व्यवस्था तथा उच्च शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही एवं सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। असम पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि इन मामलों में शामिल किसी भी प्रदर्शनकारी के विरुद्ध कोई प्रतिकूल या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि दर्ज सभी मामले — चाहे वे किसी भी कानूनी चरण में हों — कानूनी प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द वापस लिए जाएंगे। सभी गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए लोगों की समीक्षा कर उनकी शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले को बंद माना जाएगा।

बिहार सरकार की घोषणा

बिहार सरकार ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदर्शनकारियों को राहत देने का ऐलान किया। सरकार ने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही की माँग को देखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

बिहार सरकार के अनुसार, 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले राज्य के किसी भी हिस्से में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस अवधि तक दर्ज सभी एफआईआर, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।

बिहार ने यह भी घोषणा की कि 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों में गिरफ्तार और निरुद्ध सभी लोगों को शीघ्र रिहा किया जाएगा। इन मामलों में नामित व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी किसी प्रकार की प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं होगी।

नीट-यूजी विवाद की पृष्ठभूमि

नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, निष्पक्ष जाँच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई थी। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे क्या होगा

दोनों राज्य सरकारों के इस फैसले से स्पष्ट है कि प्रशासन ने छात्रों की माँगों को वैध माना है। गौरतलब है कि यह निर्णय तब आया जब परीक्षा सुधार और उच्च शिक्षा में जवाबदेही की माँग राजनीतिक दबाव का रूप ले चुकी थी। अब सभी की नज़रें केंद्र सरकार पर हैं कि वह नीट-यूजी प्रणाली में सुधार को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राज्यों की यह 'राहत' एक अस्थायी शांति से ज़्यादा कुछ नहीं होगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम और बिहार ने नीट-यूजी प्रदर्शनकारियों के मामले क्यों वापस लिए?
दोनों राज्य सरकारों ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों की परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद और परीक्षा व्यवस्था में सुधार तथा उच्च शिक्षा में जवाबदेही की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। सरकारों ने माना कि प्रदर्शनकारियों की माँगें वैध थीं।
असम में नीट-यूजी विरोध प्रदर्शन में कितने लोग गिरफ्तार हुए थे?
असम में 26 जुलाई शाम 6 बजे तक नीट-यूजी विरोध प्रदर्शनों से जुड़े 5 मामले दर्ज हुए थे और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन सभी की शीघ्र रिहाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
बिहार में नीट प्रदर्शनकारियों को राहत कब से लागू होगी?
बिहार सरकार के अनुसार, 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल सभी लोगों पर यह राहत लागू होगी। इस अवधि तक दर्ज एफआईआर, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।
क्या भविष्य में इन प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई हो सकती है?
दोनों राज्य सरकारों ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में नामित या शामिल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध भविष्य में प्रत्यक्ष या परोक्ष कोई कार्रवाई नहीं होगी। असम सरकार ने तो इस पूरे मामले को 'बंद' घोषित कर दिया है।
नीट-यूजी विवाद क्या है और प्रदर्शन क्यों हुए?
नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, निष्पक्ष जाँच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी।
राष्ट्र प्रेस
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