नीट विरोध प्रदर्शन: दिल्ली सरकार ने रद्द की कार्रवाई, 13 FIR पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में नीट यूजी परीक्षा की कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 30 जुलाई 2026 को बड़ी राहत मिली, जब दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के 28 जुलाई 2026 के उस आदेश के बाद आया है जो 'शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ और अन्य' मामले में दिया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली के प्रधान सचिव (गृह) संतोष डी. वैद्य द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 29 जुलाई को शाम 6 बजे तक नीट यूजी विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दिल्ली पुलिस कुल 13 एफआईआर दर्ज कर चुकी थी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद एनसीटी दिल्ली सरकार ने इन सभी एफआईआर और संबंधित पहलुओं की समीक्षा की और तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
तीन बड़े फैसले
पहला निर्णय यह है कि एनसीटी दिल्ली के भीतर किसी भी पुलिस प्राधिकरण द्वारा विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे व्यक्तियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कदम नहीं उठाया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले को अंतिम रूप से बंद माना जाएगा और भविष्य में इसी आधार पर कोई नई कार्रवाई संभव नहीं होगी।
दूसरा, यह राहत उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी जिनका पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है। ऐसे मामलों में कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही की जाएगी।
तीसरा, प्रदर्शन के दौरान जिन व्यक्तियों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उनके मामलों की व्यक्तिगत समीक्षा होगी। पात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों की रिहाई की प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी की जाएगी।
आदेश का दायरा और प्राधिकार
यह आदेश दिल्ली के उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी हुआ है। इसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव (एनसीटी दिल्ली), पुलिस आयुक्त दिल्ली और अभियोजन निदेशालय को भेजी गई है। प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि सरकार विरोध प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कोई और प्रतिकूल कार्रवाई करने का प्रस्ताव नहीं रखती।
विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद दिल्ली के कई इलाकों में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। छात्रों की मुख्य माँग थी कि परीक्षा की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कदम उठाए थे, जिसके परिणामस्वरूप 13 एफआईआर दर्ज हुई थीं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
आगे क्या होगा
सरकारी आदेश के अनुसार, हिरासत में लिए गए पात्र व्यक्तियों की रिहाई की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू होगी। यह ऐसे समय में आया है जब नीट यूजी परीक्षा को लेकर देशभर में न्यायिक और राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई पहले से कर रहा है, और यह आदेश उसी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है।