13 सितंबर 2026
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वाराणसी जलजमाव साजिश: मेयर अशोक तिवारी का दावा — सीवर में बालू की 12 बोरियाँ भरकर किया जाम

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वाराणसी जलजमाव साजिश: मेयर अशोक तिवारी का दावा — सीवर में बालू की 12 बोरियाँ भरकर किया जाम

सारांश

वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी का बड़ा दावा — जलजमाव कोई लापरवाही नहीं, बल्कि साजिश है। सीवर में 12 बालू भरी बोरियाँ मिलीं, पुलिस शिकायत दर्ज। SP प्रमुख अखिलेश यादव की एक्स पोस्ट भी विवाद के केंद्र में।

मुख्य बातें

वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने 13 सितंबर 2026 को जलजमाव को 'सोची-समझी साजिश' करार दिया।
जाँच में सीवर लाइनों में शीशा, बुरादा, प्लाई और बालू भरी बोरियाँ मिलीं; एक स्थान पर 12 बोरियाँ पकड़ी गईं।
दुर्गा कुंड और सिवाला वार्ड समेत कई इलाकों में सीवर जाम पाई गई।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक्स पोस्ट पर मेयर ने कहा — 'वाराणसी की जानकारी देने वाले कम हैं।' अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज; जाँच जारी।
28 अप्रैल को 22 वार्डों में ₹2,000 करोड़ की पानी-सीवर परियोजना का लोकार्पण हो चुका है।

वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने 13 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि शहर में हाल के दिनों में दिखे जलजमाव के पीछे एक 'सोची-समझी साजिश' है, जिसमें सीवर लाइनों को जानबूझकर शीशा, बुरादा, प्लाई और बालू से भरी बोरियों से बंद किया गया। उनके अनुसार, नगर निगम की जाँच में यह तथ्य सामने आया और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।

क्या है आरोप

मेयर तिवारी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर वाराणसी में जलजमाव के वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जाँच करवाई तो पता चला कि वहाँ सीवर लाइन को शीशा, बुरादा, प्लाई और बोरे भरकर बंद कर दिया गया था।' दुर्गा कुंड क्षेत्र में भी इसी प्रकार की शिकायत मिली, जहाँ बालू से सीवर जाम पाई गई।

उन्होंने आगे बताया कि जलकल के कर्मचारियों ने एक स्थान पर सफाई के दौरान 12 बोरियों में बालू भरकर नाली जाम करने का मामला पकड़ा। तिवारी का दावा है कि जहाँ-जहाँ से सोशल मीडिया पर शिकायत आई, वहाँ जाँच में यही सामग्री मिली।

अखिलेश यादव की पोस्ट पर प्रतिक्रिया

मेयर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कथित तौर पर तीन दिन पहले एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सिवाला वार्ड में सीवर ओवरफ्लो का वीडियो पोस्ट किया था। तिवारी ने कहा, 'शायद अखिलेश यादव को वाराणसी के बारे में जानकारी देने वालों की संख्या कम है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सिवाला वार्ड गंगा किनारे बसा है और उसका पानी जल्लिगम घाट से होते हुए कुनिया एसटीपी तक जाता है, जहाँ से पंपिंग द्वारा भगवानपुर भेजा जाता है। उनका कहना था कि बारिश के उस दिन आधे घंटे में पानी निकल गया था।

पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक संदेश

मेयर तिवारी ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा, 'राजनीति करिए, विरोध करिए — लेकिन विकास पर भी बात करिए।' उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने को अपना अधिकार मानते हुए भी आधारहीन अभियानों की आलोचना की।

₹2,000 करोड़ की बुनियादी ढाँचा परियोजना का संदर्भ

मेयर ने याद दिलाया कि 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी के 22 वार्डों में पानी और सीवर की ₹2,000 करोड़ की परियोजना का लोकार्पण किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर निवेश पहले कभी नहीं हुआ। इस परियोजना को वे मौजूदा बुनियादी ढाँचे की प्रगति का प्रमाण बताते हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस जाँच जारी है और अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास हो रहे हैं। मेयर ने संकेत दिया कि जिन वार्डों से भी ऐसी शिकायतें आएँगी, वहाँ नगर निगम जाँच जारी रखेगा। यह विवाद वाराणसी की शहरी प्रशासन व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को एक नया आयाम देता है — आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई ही तय करेगी कि दावे कितने ठोस हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे खारिज करना भी जल्दबाज़ी होगी — क्योंकि नाली में बोरियाँ मिलना एक भौतिक तथ्य है, न कि महज़ आरोप। असली सवाल यह है कि अगर ₹2,000 करोड़ की परियोजना लागू हो चुकी है, तो क्या निगम के पास पर्याप्त निगरानी तंत्र नहीं है जो ऐसी 'साजिश' को रोक सके? और क्या हर बार बुनियादी ढाँचे की विफलता को विपक्ष की करतूत बताना, जवाबदेही से बचने का राजनीतिक शॉर्टकट तो नहीं? पुलिस जाँच के नतीजे ही इस विवाद में तथ्य और आरोप की रेखा स्पष्ट करेंगे।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में जलजमाव साजिश का मामला क्या है?
वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने 13 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि शहर की सीवर लाइनों में जानबूझकर शीशा, बुरादा, प्लाई और बालू से भरी बोरियाँ ठूँसकर जलजमाव कराया गया। एक स्थान पर 12 बोरियाँ बरामद हुईं और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की गई है।
अखिलेश यादव का इस विवाद से क्या संबंध है?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कथित तौर पर तीन दिन पहले एक्स पर सिवाला वार्ड में सीवर ओवरफ्लो का वीडियो पोस्ट किया था। मेयर तिवारी ने इस पर कहा कि अखिलेश को वाराणसी की भौगोलिक वास्तविकता की पूरी जानकारी नहीं दी जा रही, क्योंकि सिवाला वार्ड गंगा किनारे है और वहाँ का पानी पंपिंग से निकाला जाता है।
वाराणसी में ₹2,000 करोड़ की सीवर परियोजना क्या है?
28 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने वाराणसी के 22 वार्डों में पानी और सीवर की ₹2,000 करोड़ की परियोजना का लोकार्पण किया था। मेयर तिवारी इसे शहर के बुनियादी ढाँचे में ऐतिहासिक निवेश बताते हैं।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मेयर के अनुसार, अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस जाँच जारी है। दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।
वाराणसी में जलजमाव की समस्या कितनी पुरानी है?
मेयर तिवारी के अनुसार, जहाँ पहले भी पानी लगता था, उन्हीं जगहों के वीडियो सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे हैं। ₹2,000 करोड़ की परियोजना के बावजूद पुरानी जगहों पर बारिश में पानी भरना अभी पूरी तरह नहीं रुका है, हालाँकि नगर निगम का दावा है कि अधिकांश स्थानों पर स्थिति में सुधार हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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