वाराणसी जलजमाव साजिश: मेयर अशोक तिवारी का दावा — सीवर में बालू की 12 बोरियाँ भरकर किया जाम
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने 13 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि शहर में हाल के दिनों में दिखे जलजमाव के पीछे एक 'सोची-समझी साजिश' है, जिसमें सीवर लाइनों को जानबूझकर शीशा, बुरादा, प्लाई और बालू से भरी बोरियों से बंद किया गया। उनके अनुसार, नगर निगम की जाँच में यह तथ्य सामने आया और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
क्या है आरोप
मेयर तिवारी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर वाराणसी में जलजमाव के वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जाँच करवाई तो पता चला कि वहाँ सीवर लाइन को शीशा, बुरादा, प्लाई और बोरे भरकर बंद कर दिया गया था।' दुर्गा कुंड क्षेत्र में भी इसी प्रकार की शिकायत मिली, जहाँ बालू से सीवर जाम पाई गई।
उन्होंने आगे बताया कि जलकल के कर्मचारियों ने एक स्थान पर सफाई के दौरान 12 बोरियों में बालू भरकर नाली जाम करने का मामला पकड़ा। तिवारी का दावा है कि जहाँ-जहाँ से सोशल मीडिया पर शिकायत आई, वहाँ जाँच में यही सामग्री मिली।
अखिलेश यादव की पोस्ट पर प्रतिक्रिया
मेयर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कथित तौर पर तीन दिन पहले एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सिवाला वार्ड में सीवर ओवरफ्लो का वीडियो पोस्ट किया था। तिवारी ने कहा, 'शायद अखिलेश यादव को वाराणसी के बारे में जानकारी देने वालों की संख्या कम है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सिवाला वार्ड गंगा किनारे बसा है और उसका पानी जल्लिगम घाट से होते हुए कुनिया एसटीपी तक जाता है, जहाँ से पंपिंग द्वारा भगवानपुर भेजा जाता है। उनका कहना था कि बारिश के उस दिन आधे घंटे में पानी निकल गया था।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक संदेश
मेयर तिवारी ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा, 'राजनीति करिए, विरोध करिए — लेकिन विकास पर भी बात करिए।' उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने को अपना अधिकार मानते हुए भी आधारहीन अभियानों की आलोचना की।
₹2,000 करोड़ की बुनियादी ढाँचा परियोजना का संदर्भ
मेयर ने याद दिलाया कि 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी के 22 वार्डों में पानी और सीवर की ₹2,000 करोड़ की परियोजना का लोकार्पण किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर निवेश पहले कभी नहीं हुआ। इस परियोजना को वे मौजूदा बुनियादी ढाँचे की प्रगति का प्रमाण बताते हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस जाँच जारी है और अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास हो रहे हैं। मेयर ने संकेत दिया कि जिन वार्डों से भी ऐसी शिकायतें आएँगी, वहाँ नगर निगम जाँच जारी रखेगा। यह विवाद वाराणसी की शहरी प्रशासन व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को एक नया आयाम देता है — आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई ही तय करेगी कि दावे कितने ठोस हैं।