गुवाहाटी में सीएम सरमा के आवास की ओर मार्च, राइजोर दल का आरोप — पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर की ज़्यादती
सारांश
मुख्य बातें
राइजोर दल ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि गुवाहाटी में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आवास की ओर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने उसके कार्यकर्ताओं के साथ आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आईं, और बयान जारी होने तक कुछ को उचित चिकित्सा सुविधा भी नहीं मिली थी।
मार्च का घटनाक्रम
यह विरोध प्रदर्शन राइजोर दल के विधायक अखिल गोगोई के आह्वान पर आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक काले झंडे लेकर सड़कों पर उतरे और असम सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उक्त क्षेत्र में पहुँचने से पहले ही हिरासत में लेना शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
हिरासत और कथित चोटें
पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में राइजोर दल के नेता धैर्य कोंवर और विद्युत सैकिया शामिल थे। राइजोर दल ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ता अनंत अरंधारा के निजी अंगों में गंभीर चोट पहुँचाई — पार्टी के अनुसार हिरासत के दौरान उक्त हिस्से को जबरन दबाया गया। इसके अतिरिक्त, कई अन्य प्रदर्शनकारियों के सिर और छाती में चोटें आने का भी आरोप लगाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के समय तक असम पुलिस के अधिकारियों ने अत्यधिक बल प्रयोग या प्रदर्शनकारियों द्वारा बताई गई चोटों के संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। राज्य सरकार की ओर से भी इस मामले पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब असम में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हैं। राइजोर दल और अन्य विपक्षी दल मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार के विरुद्ध लगातार मोर्चा खोले हुए हैं। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब विपक्षी दलों ने गुवाहाटी में सरकार विरोधी रैलियों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई हो।
आगे की राह
राइजोर दल ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए हिरासत के दौरान लगी कथित चोटों के लिए जवाबदेही तय करने की माँग की है। पार्टी ने यह भी कहा कि घायल कार्यकर्ताओं को समय पर उचित उपचार दिलाने की माँग को लेकर वह आगे भी दबाव बनाती रहेगी। इस मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जाँच का रुख आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।