क्या वीर लचित सेना की गिरफ्तारियों के बाद असम के मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा की?
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी, 27 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। विवादास्पद वीर लचित सेना से जुड़ी कई गिरफ्तारियों के बाद, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि 'हर चीज पर कानून का राज हो।'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने लिखा, "एक सुरक्षित असम सर्वोपरि है। आज मैंने वरिष्ठ एसपी के साथ असम में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की और निर्देश दिए कि हर चीज पर कानून का पालन होना चाहिए।"
यह बैठक वीर लचित सेना की गतिविधियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हो रही है, जिस पर कई जिलों में धमकाने, जबरन वसूली और सार्वजनिक अशांति फैलाने का आरोप है।
गुवाहाटी के बोरबारी क्षेत्र से राहुल मिश्रा के हालिया अपहरण में कथित तौर पर इस संगठन के सदस्यों की संलिप्तता ने जांच को और तेज कर दिया है।
दिसपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मिश्रा को बचाया और आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें से कई का संबंध शिवसेना से होने का अनुमान है।
पुलिस जांच जारी है, और मुख्यमंत्री सरमा ने पहले ही संकेत दिया है कि अगर इस संगठन की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता साबित होती है, तो सरकार इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकती है।
गृह विभाग के सूत्रों का कहना है कि बैठक में उन उभरते समूहों से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया गया जो अवैध गतिविधियों के लिए सांस्कृतिक या सामाजिक मंचों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अधिकारियों को खुफिया जानकारी जुटाने और जिलों के बीच समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने अपने प्रशासन की शून्य-सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को असम में शांति और सद्भाव को भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।