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बोलपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष चंदन भल्ला की गोली मारकर हत्या, बीरभूम में सनसनी

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बोलपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष चंदन भल्ला की गोली मारकर हत्या, बीरभूम में सनसनी

सारांश

पश्चिम बंगाल के बोलपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष चंदन भल्ला की रात दो बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी। परिवार ने पार्टी के भीतर के लोगों पर शक जताया है। बीरभूम में यह कथित तौर पर सत्ता-परिवर्तन के बाद पहली राजनीतिक हत्या है।

मुख्य बातें

चंदन भल्ला (47) , भाजपा मंडल अध्यक्ष, बोलपुर के त्रिशूलपट्टी इलाके में रविवार रात गोली मारकर हत्या का शिकार हुए।
दो बाइक सवारों ने सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए।
मृतक के भाई गौरा चंद्र भल्ला ने नानूर के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं पर संदेह जताया है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है; अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही पुलिस का आधिकारिक बयान आया है।
सूत्रों के अनुसार बीरभूम ज़िले में राजनीतिक बदलाव के बाद यह पहली कथित राजनीतिक हत्या है।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के बोलपुर में रविवार रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंडल अध्यक्ष चंदन भल्ला (47) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वार्ड नंबर 12 के त्रिशूलपट्टी इलाके में दो बाइक सवारों ने उन्हें सड़क पर पास से निशाना बनाया और फरार हो गए। इस हत्या के बाद इलाके में भारी तनाव है और पुलिस बड़ी संख्या में मौके पर तैनात है।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

परिवार के अनुसार चंदन भल्ला भूमि दलाली का काम करते थे और रविवार रात किसी को ज़मीन दिखाने के लिए अपनी बाइक लेकर घर से निकले थे। उसी दौरान दो बाइक सवार उनके पास आए और सीधे सिर में गोली मारकर भाग गए। गोली लगने के बाद उनकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी श्यामोली भल्ला ने बताया कि चंदन जिस उद्देश्य से निकले थे, उसके बारे में पूरी जानकारी परिवार के पास नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्हें कौन बुलाने आया था — परिवार और पुलिस दोनों इस बिंदु पर अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाए हैं।

परिवार का बयान और शक की सुई

मृतक के बड़े भाई गौरा चंद्र भल्ला ने कहा, 'उन्होंने मेरे भाई को बुलाया और उसे गोली मार दी। दो लोग बाइक पर आए और उसे गोली मारकर भाग गए। गोली सीधे उसके सिर में जा लगी। मेरा भाई भाजपा का बूथ प्रेसिडेंट था। सुबह नानूर पुलिस स्टेशन से कुछ भाजपा वाले घर आए थे। मुझे शक है कि यह उनका काम हो सकता है। हम चाहते हैं कि दोषियों को सज़ा मिले।'

उल्लेखनीय है कि परिवार ने नानूर के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं पर संदेह जताया है — यानी आरोप किसी बाहरी दल पर नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर की कड़वाहट की ओर संकेत करते हैं। हालाँकि, यह महज़ संदेह है और जाँच में इसकी पुष्टि होना बाकी है।

भाजपा नेता और पुलिस की प्रतिक्रिया

बोलपुर भाजपा नेता सुमित मंडल ने कहा, 'यह बहुत बुरी घटना है। वह लंबे समय से हमारा कार्यकर्ता था। यह घटना किसने की, यह जाँच का विषय है। राज्य में भाजपा की सरकार है, तो पार्टी में शामिल होने पर उसे कैसे मारा जा सकता है? इसलिए जाँच की ज़रूरत है। मैं पुलिस प्रशासन से सही जाँच करने की माँग करूँगा।'

पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात किया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है। हालाँकि, घटना के बाद से अब तक किसी भी पुलिस अधिकारी ने सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

बीरभूम में राजनीतिक हिंसा का संदर्भ

सूत्रों के अनुसार राज्य में राजनीतिक परिवर्तन के बाद से बीरभूम ज़िले में यह पहली कथित राजनीतिक हत्या बताई जा रही है। गौरतलब है कि बीरभूम अतीत में राजनीतिक हिंसा के लिए चर्चित रहा है, और इस घटना ने एक बार फिर उस इतिहास को ताज़ा कर दिया है।

यह ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में सत्ता-परिवर्तन के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस चल रही है। हत्या के पीछे की असल वजह — चाहे वह पार्टी के भीतरी विवाद हो, भूमि संबंधी झगड़ा हो या कुछ और — अभी जाँच के दायरे में है।

आगे क्या होगा

पुलिस मामले की जाँच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाइक सवारों की पहचान की उम्मीद जताई जा रही है। भाजपा नेतृत्व ने त्वरित और निष्पक्ष जाँच की माँग की है। परिवार न्याय के लिए आवाज़ उठा रहा है और उम्मीद करता है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पार्टी के भीतरी खेमे पर जा रही है — यह पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद भाजपा के भीतर गुटीय तनाव की बड़ी कहानी की ओर इशारा करता है। बीरभूम, जो अतीत में राजनीतिक हिंसा का केंद्र रहा है, एक बार फिर सुर्खियों में है — लेकिन इस बार आरोप दूसरे दल पर नहीं है। पुलिस का बयान न आना और जाँच में पारदर्शिता की कमी चिंताजनक है। असली सवाल यह है कि क्या इस मामले की जाँच निष्पक्ष रूप से उन तक पहुँचेगी जो सत्ता के करीब हैं — चाहे वे किसी भी दल के हों।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोलपुर में किसकी हत्या हुई और कब?
बोलपुर के त्रिशूलपट्टी इलाके में रविवार रात भाजपा के मंडल अध्यक्ष चंदन भल्ला (47) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक सवारों ने उन्हें सीधे सिर में गोली मारी और फरार हो गए।
चंदन भल्ला की हत्या में किस पर शक है?
मृतक के बड़े भाई गौरा चंद्र भल्ला ने नानूर के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं पर संदेह जताया है। हालाँकि, यह अभी केवल परिवार का संदेह है और पुलिस जाँच में इसकी पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात किया है और सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। हालाँकि, घटना के बाद से अब तक किसी पुलिस अधिकारी ने सार्वजनिक बयान नहीं दिया है और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
क्या बीरभूम में पहले भी राजनीतिक हत्याएँ हुई हैं?
बीरभूम जिला अतीत में राजनीतिक हिंसा के लिए चर्चित रहा है। सूत्रों के अनुसार राज्य में हालिया राजनीतिक परिवर्तन के बाद यह ज़िले में पहली कथित राजनीतिक हत्या बताई जा रही है।
भाजपा ने इस हत्या पर क्या माँग की है?
बोलपुर भाजपा नेता सुमित मंडल ने मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा कि घटना के दोषियों की पहचान जाँच के बाद ही होगी और उन्होंने पुलिस प्रशासन से सही जाँच का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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