बारुईपुर में भाजपा कार्यकर्ता बापी प्रमाणिक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार — निलंबित नेता भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता बापी प्रमाणिक की कथित हत्या के मामले में बारुईपुर पुलिस ने मंगलवार, 26 अगस्त को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, हत्या रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को पुरानी दुश्मनी के चलते अंजाम दी गई।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
प्रमाणिक के परिजनों के बयान के अनुसार, रविवार रात उन्हें एक फोन आया और उन्हें घर से बाहर बुलाया गया। जैसे ही वे बाहर निकले, कथित तौर पर उन पर हमला किया गया और धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी गई। परिवार के एक सदस्य ने दावा किया कि हमले के वक्त मुख्य आरोपी सुजान मंडल घटनास्थल पर मौजूद था।
पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर बारुईपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। जाँचकर्ताओं ने पहले कृष्णा मंडल, कनक मंडल और अनिल नाइया को सोमवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर तीनों के साथ सुजान मंडल को भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी: कौन हैं ये चारों
गिरफ्तार आरोपियों में सबसे उल्लेखनीय नाम सुजान मंडल का है, जो BJP के पूर्व स्थानीय नेता रहे हैं। BJP के जिला नेताओं ने पुष्टि की कि मंडल को हाल ही में पार्टी विरोधी और अनैतिक गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निलंबित किया गया था। अन्य तीन आरोपी — कृष्णा मंडल, कनक मंडल और अनिल नाइया — की पहचान जाँच के दौरान सामने आई।
बारुईपुर पुलिस जिले के एक अधिकारी ने कहा, 'अब बापी की हत्या के पीछे के सटीक कारणों और अपराध में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जाँच की जा रही है।'
पृष्ठभूमि: एक दशक का विस्थापन
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि बापी प्रमाणिक को कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पिछली सरकार के दौरान BJP से जुड़े होने के कारण लगभग 10 वर्षों तक अपना घर छोड़कर कहीं और रहने पर मजबूर होना पड़ा था। वे इस वर्ष की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद ही अपने घर लौटे थे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
पुलिस जाँच की स्थिति
पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे स्थानीय संगठन के दो गुटों के बीच की पुरानी दुश्मनी का संदेह है। प्रमाणिक के परिवार ने सुजान मंडल को हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। जाँच अभी जारी है और पुलिस प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है।
आने वाले दिनों में आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने की उम्मीद है, जबकि BJP ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाने के संकेत दिए हैं।