मणिपुर के उखरुल में असम राइफल्स के दो जवान शहीद, संदिग्ध नागा सशस्त्र समूह का घात
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के उखरुल जिले के नुंगशांग कोंग में सोमवार, 6 जुलाई 2026 को संदिग्ध नागा सशस्त्र समूह ने असम राइफल्स के गश्ती दल पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कम से कम दो जवान शहीद हो गए। इंफाल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह हमला उखरुल पुलिस स्टेशन से लगभग 16 किलोमीटर पूर्व में नुंगशांग कोंग पुल के निकट हुआ।
हमले का घटनाक्रम
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अज्ञात नागा सशस्त्र हमलावरों ने दोपहर के समय 40 असम राइफल्स के काफिले को निशाना बनाया। हमले में दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया। इलाके में लगभग दो घंटे तक रुक-रुक कर भारी गोलीबारी और विस्फोट होते रहे। स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की तीव्रता के कारण उखरुल पुलिस स्टेशन की टीम घटनास्थल तक समय पर नहीं पहुँच सकी।
गोलीबारी तेज होते देख पास के धान के खेतों में काम कर रहे किसान सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए, और आसपास के गाँवों में दहशत फैल गई। हताहतों की सटीक संख्या और हमलावरों की पहचान तत्काल पुष्ट नहीं की जा सकी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने एक बयान में कहा कि मणिपुर सरकार उखरुल के नुंगशांग कोंग में उग्रवादियों के घात लगाकर किए गए हमले में दो असम राइफल्स कर्मियों की हत्या की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस हमले को 'बर्बर हिंसा का कृत्य' बताया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'राज्य सरकार ऐसे जघन्य कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसी क्रूरता की मूक दर्शक नहीं बनी रहेगी।' उन्होंने आश्वासन दिया कि इस हत्या के लिए जिम्मेदार अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।
गृह मंत्री की निंदा
मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने भी हमले की कड़ी निंदा की। अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि वे इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले से बेहद दुखी हैं और ऐसी घटनाएँ राज्य की जनता द्वारा सामूहिक रूप से बनाए रखी जाने वाली शांति और सद्भाव को भंग करती हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।'
आम जनता पर असर
यह हमला उखरुल जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर के क्षेत्र में हुआ, जहाँ ग्रामीण आबादी खेती पर निर्भर है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल है। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है।
क्या होगा आगे
सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच जारी है। राज्य सरकार ने केंद्र से समन्वय कर त्वरित कार्रवाई का संकेत दिया है। घटना की पूरी परिस्थितियाँ अभी जाँच के दायरे में हैं।