केजरीवाल परिवार 2013 से पहले गाजियाबाद का वोटर था, दिल्ली SIR में मैपिंग संभव नहीं: हर्ष मल्होत्रा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 20 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल का परिवार 2013 से पहले गाजियाबाद जिले का मतदाता था, इसलिए दिल्ली की विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत उनकी मतदाता सूची में मैपिंग संभव नहीं है। मल्होत्रा ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज की प्रेस कॉन्फ्रेंस को 'नाटकीय' करार देते हुए उनके तर्कों को खारिज किया।
SIR व्यवस्था: क्या है मैपिंग का नियम
मल्होत्रा के अनुसार, SIR व्यवस्था के पहले चरण में दिल्ली की मतदाता सूची में केवल वे मतदाता शामिल रह सकते हैं, जिनकी 2002 की दिल्ली वोटर लिस्ट से मैपिंग हो सके। उन्होंने कहा कि चूँकि केजरीवाल परिवार 2013 से पहले गाजियाबाद का मतदाता था, इसलिए उनकी दिल्ली में स्वतः मैपिंग होना नियमानुसार संभव नहीं।
हालाँकि, मल्होत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली में नया मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया अब खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल परिवार सहित कोई भी व्यक्ति अपना वोट दिल्ली में बनवा सकता है, बशर्ते वह पहले जहाँ पंजीकृत है, वहाँ से मतदाता सूची में से नाम कटवाए — क्योंकि देश में प्रत्येक नागरिक का वोट केवल एक ही स्थान पर दर्ज हो सकता है।
सौरभ भारद्वाज की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पलटवार
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया था कि यदि 'तीन बार के मुख्यमंत्री और पढ़े-लिखे नेता के वोट पर सवाल उठ रहा है, तो आम आदमी का क्या होगा।' इस पर मल्होत्रा ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि नियम सबके लिए एक समान हैं — केजरीवाल हों या कोई सामान्य नागरिक, SIR में मैपिंग तभी होगी जब वह व्यक्ति 2002 में दिल्ली का मतदाता रहा हो।
छात्र संघ चुनाव के बाद बदली AAP की रणनीति
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले ढाई महीनों से AAP नेता चंडीगढ़ और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के चुनावों को ध्यान में रखते हुए छात्र मुद्दों पर सक्रिय थे। उनके अनुसार, दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा नकारे जाने के बाद AAP ने SIR का मुद्दा उठाना शुरू किया।
मल्होत्रा ने कहा कि AAP नेता 'खबरों में बने रहने के लिए' नए-नए मुद्दे खोजते हैं और 'नाटकीय अंदाज' से दिल्लीवासियों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।
आगे की स्थिति
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता पंजीकरण अभियान जारी है और जो नागरिक दिल्ली में वोट बनवाना चाहते हैं, उनके लिए प्रक्रिया सुलभ बताई जा रही है। राजनीतिक रूप से यह विवाद तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक SIR की अंतिम मतदाता सूची सामने नहीं आती।