राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा की शुरुआती बढ़त पर भूपेंद्र यादव बोले — 'डबल इंजन पर जनता का भरोसा'
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुरुआती बढ़त दर्ज की है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में बयान देते हुए कहा कि यह परिणाम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार के विकास कार्यों की स्वीकृति है।
मुख्य घटनाक्रम
भूपेंद्र यादव ने कहा कि राजस्थान नगर निकाय, नगर निगम और नगर परिषद के चुनावों में भाजपा ने 'पहले दिन से ही बढ़त बनाए रखी।' उन्होंने बताया कि शुरुआती रुझानों के अनुसार 30 स्थानीय निकायों में भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। यादव के अनुसार, कांग्रेस के कार्यकाल में यह संख्या 'इसकी एक-तिहाई भी नहीं थी।'
विशेष रूप से उन्होंने डीग और भरतपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन जिलों में 90 प्रतिशत निकाय क्षेत्रों में भाजपा ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। अलवर में भी कई नगरपालिकाओं में निर्विरोध जीत होने की बात उन्होंने कही।
सरकार के कार्यों का दावा
यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान में तेज गति से विकास हुआ है। उनके अनुसार निवेश के अवसर बढ़े हैं, राज्यों के बीच पानी से जुड़े 'लंबे समय से लंबित मुद्दों' को सुलझाया गया है, कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और युवाओं को रोजगार के अवसर दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि 'लंबे समय से रिफाइनरी का जो प्रोजेक्ट बंद था, उसे रिफाइनरी देकर ठीक किया गया।' यह उल्लेख संभवतः बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना के संदर्भ में था, जो राजस्थान में वर्षों से विवाद का विषय रही है।
टीम की सराहना और 'ट्रिपल इंजन' का दावा
मंत्री यादव ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर समेत पूरी पार्टी टीम की जमीनी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा, 'यह चुनाव इस बात को बताता है कि राजस्थान में डबल इंजन की सरकार तो चल ही रही है, अब ट्रिपल इंजन लगकर राजस्थान के विकास की गति को और आगे बढ़ाने का काम करेंगे।'
कांग्रेस पर निशाना
भूपेंद्र यादव ने विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कांग्रेस ने कई तरह की गलतफहमियाँ, झूठ और गलत जानकारी फैलाई।' उनके अनुसार, चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझान दिखाते हैं कि 'कांग्रेस के खेमे में पूरी तरह भगदड़ है' और उनके नेता 'निराश और परेशान हैं।'
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार अपने कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे करने की कगार पर है और स्थानीय निकाय चुनाव सरकार की लोकप्रियता का एक महत्वपूर्ण पैमाना माने जाते हैं। शेष निकाय चुनावों के नतीजे भी आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे।