15 सितंबर 2026
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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: भाजपा ने 4,026 वार्ड जीते, PM मोदी और अमित शाह ने बताया सुशासन की जीत

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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: भाजपा ने 4,026 वार्ड जीते, PM मोदी और अमित शाह ने बताया सुशासन की जीत

सारांश

राजस्थान के 9,900 निकाय वार्डों में भाजपा ने 4,026 सीटें जीतकर बड़ा जनादेश हासिल किया। PM मोदी ने इसे 'झूठ पर सत्य की विजय' बताया, तो गृह मंत्री अमित शाह ने 'घणी-घणी बधाइयां' कहकर प्रतिक्रिया दी। यह जीत 2023 विधानसभा जनादेश की निरंतरता मानी जा रही है।

मुख्य बातें

राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजे 14 सितंबर 2026 को घोषित हुए।
भाजपा ने 309 निकायों के 9,900 वार्डों में से 4,026 वार्ड जीते; कांग्रेस 3,438 वार्डों तक सिमटी।
2,436 वार्डों में निर्दलीय व अन्य प्रत्याशी विजयी रहे।
PM नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत दर्जनों नेताओं ने एक्स पर बधाई दी।
नेताओं ने जीत को डबल इंजन सरकार की सुशासन व विकास नीतियों पर जनसमर्थन का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व को विशेष रूप से श्रेय दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 14 सितंबर 2026 को घोषित राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। राज्य के 309 निकायों के 9,900 वार्डों में से भाजपा ने 4,026 वार्डों पर कब्ज़ा किया, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) केवल 3,438 वार्डों तक सिमट गई और शेष 2,436 वार्डों में निर्दलीय व अन्य प्रत्याशियों ने बाज़ी मारी। इस जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं ने मतदाताओं का आभार जताते हुए इसे डबल इंजन सरकार की विकास नीतियों पर जनता की मुहर करार दिया।

PM मोदी की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत दिलाने के लिए जनता-जनार्दन का हृदय से आभार। यह झूठ की गूंज के सामने सत्य की विजय का प्रमाण है। यहां के मेरे परिवारजनों के इस जनादेश से एक बार फिर साफ हो गया है कि डबल इंजन सरकार की सुशासन एवं विकास की नीतियों को उनका पूरा समर्थन है।' उन्होंने सभी विजयी प्रत्याशियों और समर्पित कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जनादेश राज्य को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाने के संकल्प को और सशक्त करेगा।

अमित शाह और नितिन नवीन की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'घणी-घणी बधाइयां राजस्थान!' कहते हुए एक्स पर लिखा कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के सुशासन और विकास कार्यों पर जनता की स्वीकृति है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कुशासन व भ्रष्टाचार से प्रदेश को मुक्त कर भाजपा सरकार हर क्षेत्र में विकास को नई गति दे रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा, 'भ्रम फैलाने वालों और क्रोधित फूफाओं को चकमा देकर राजस्थान ने जन कल्याण, विकास और सुशासन पर अपनी मुहर लगा दी है।' नवीन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह विजय 'पंचायत से संसद' तक सेवा और संकल्प की यात्रा को और बढ़ावा देगी।

अन्य वरिष्ठ नेताओं की बधाइयाँ

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि राजस्थान में भाजपा को मिला अपार जनसमर्थन डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और लोककल्याणकारी योजनाओं पर जनता की मुहर है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकारें पंचायत से लेकर संसद तक देश की पहली पसंद बन चुकी हैं।

वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने 'वीरभूमि राजस्थान को प्रणाम' कहते हुए इस जनादेश को मोदी के मार्गदर्शन, नितिन नवीन के नेतृत्व और मुख्यमंत्री भजनलाल के सुशासन पर जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण बताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी जीत पर बधाई देते हुए इसे मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री भजनलाल की नीतियों पर जनता के भरोसे का प्रतिफल बताया।

नतीजों का राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि राजस्थान में भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराकर सत्ता वापस हासिल की थी। निकाय चुनाव का यह परिणाम उस जनादेश की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष राज्य सरकार पर विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर सवाल उठा रहा था।

भाजपा की 4,026 वार्डों की जीत कांग्रेस के 3,438 वार्डों से करीब 588 वार्ड अधिक है, जो स्पष्ट बहुमत तो नहीं, किंतु निकाय स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा की स्थिति मजबूत करती है। निर्दलीय प्रत्याशियों की 2,436 वार्डों में जीत भी उल्लेखनीय है, जो स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक राजनीति की उपस्थिति को रेखांकित करती है।

आगे की राह

नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ-ग्रहण और नगर परिषद अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया आने वाले सप्ताहों में होने की संभावना है। भाजपा नेतृत्व अब इस जीत को आधार बनाकर आगामी पंचायत और विधानसभा उपचुनावों की तैयारी में जुटने की रणनीति बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

026 वार्डों की जीत प्रभावशाली है, लेकिन पूरी तस्वीर यह भी बताती है कि 9,900 में से शेष 5,874 वार्डों में पार्टी को जीत नहीं मिली — यानी विपक्ष और निर्दलीय मिलकर अभी भी बड़े हिस्से पर काबिज़ हैं। 'ऐतिहासिक' शब्द का उत्साहपूर्ण इस्तेमाल उन 2,436 वार्डों को ओझल कर देता है जहाँ निर्दलीय जीते — जो प्रायः स्थानीय असंतोष का संकेत होता है। डबल इंजन की कथा सियासी दृष्टि से कारगर है, पर असली कसौटी होगी कि नवनिर्वाचित पार्षद नागरिक सुविधाओं — सड़क, पानी, सफाई — पर कितने खरे उतरते हैं।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 में भाजपा को कितनी सीटें मिलीं?
राजस्थान के 309 निकायों के 9,900 वार्डों में भाजपा ने 4,026 वार्ड जीते। कांग्रेस 3,438 वार्डों पर सिमटी रही और 2,436 वार्डों में निर्दलीय व अन्य प्रत्याशी विजयी रहे।
PM मोदी ने राजस्थान निकाय चुनाव नतीजों पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि यह 'झूठ की गूंज के सामने सत्य की विजय का प्रमाण है' और जनादेश डबल इंजन सरकार की सुशासन व विकास नीतियों पर जनता के समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने विजयी प्रत्याशियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के नतीजे कब घोषित हुए?
राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजे 14 सितंबर 2026, सोमवार को घोषित किए गए।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राजस्थान जीत पर क्या कहा?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा कि राजस्थान की जनता ने PM मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है और 'भ्रम फैलाने वालों को चकमा देकर' जन कल्याण व सुशासन पर मुहर लगाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को बधाई दी।
राजस्थान निकाय चुनाव नतीजों का राजनीतिक महत्त्व क्या है?
यह जीत 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा की वापसी के बाद पहली बड़ी निकाय परीक्षा में मिला जनादेश है, जिसे डबल इंजन शासन की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। हालाँकि, 2,436 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत स्थानीय स्तर पर सत्तारूढ़ दल की सीमाओं की ओर भी इशारा करती है।
राष्ट्र प्रेस
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