पंजाब नगर निकाय चुनाव 2026: AAP ने 862 वार्ड जीते, 102 निकायों में दर्ज की बड़ी जीत
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने 29 मई 2026 को नगर निकाय चुनावों में निर्णायक बढ़त हासिल की, जहाँ 1,765 वार्डों की मतगणना में पार्टी ने 862 वार्डों पर कब्ज़ा जमाया। 26 मई को 102 नगर निकायों के 1,977 वार्डों में हुए मतदान में 63.94% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह जीत 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले AAP के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत मानी जा रही है।
मुख्य चुनाव परिणाम
प्रमुख विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) 348 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही। 242 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने 169 वार्ड अपने नाम किए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 138 वार्ड मिले और बहुजन समाज पार्टी (BSP) केवल 6 वार्ड ही जीत सकी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह निर्वाचन क्षेत्र धुरी में AAP ने 21 में से 20 सीटें जीतकर अपना दबदबा साबित किया।
AAP की प्रतिक्रिया
पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने जीत के बाद मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने 'ईडी पार्टी' को करारा जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया कि BJP के 1,142 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है और कहा कि राज्य में 'विश्वासघात की राजनीति' सफल नहीं होगी। सिसोदिया ने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री मान पर भरोसा जताने के लिए मतदाताओं को धन्यवाद दिया।
विपक्ष का रुख
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने कहा कि पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर नगर निगम चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन सराहनीय रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ने के लिए बधाई दी। हालाँकि, वारिंग ने आरोप लगाया कि AAP ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान सत्ता और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया — जो आरोप AAP ने अस्वीकार किए हैं।
चुनाव का दायरा और महत्व
इन चुनावों में 8 नगर निगम — मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट — के साथ-साथ 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतें शामिल थीं। कुल 7,554 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना 29 मई की सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई।
गौरतलब है कि इन चुनावों को AAP के लिए एक अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, क्योंकि ये 2027 विधानसभा चुनावों से पहले जनता की राय का पहला बड़ा पैमाना हैं। इस जीत से AAP की राज्य में पकड़ मज़बूत दिखती है, हालाँकि शहरी निकाय चुनावों के रुझान हमेशा विधानसभा परिणामों का सटीक पूर्वानुमान नहीं देते।