पंजाब नगर निकाय चुनाव 2026: शुरुआती रुझानों में 'आप' ने 178 वार्ड जीते, कांग्रेस-अकाली में कड़ी टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के 102 नगर निकाय चुनावों की 29 मई 2026 को शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने स्पष्ट बढ़त बना ली है। सुबह 11 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार, AAP ने 178 वार्ड जीते, जबकि मुख्य विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) 58 और शिरोमणि अकाली दल (SAD) 53 वार्डों पर आगे था। इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले AAP सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।
मतदान और उम्मीदवारों का ब्यौरा
राज्य में 26 मई 2026 को 1,897 वार्डों में मतदान हुआ, जिसमें 63.94 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इन चुनावों में 8 नगर निगम — अबोहर, मोहाली, मोगा, बठिंडा, बरनाला, बटाला, कपूरथला और पठानकोट — के साथ-साथ 75 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतें शामिल थीं।
मैदान में कुल 7,554 उम्मीदवार थे, जिनमें AAP के 1,801, कांग्रेस के 1,550, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 1,316, SAD के 1,251, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 96, 1,528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार शामिल थे।
श्रेणीवार मतदान प्रतिशत
राज्य निर्वाचन आयोग के आँकड़ों के अनुसार, नगर पंचायतों में सबसे अधिक 76.18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नगर परिषदों में 65.06 प्रतिशत और नगर निगमों में 59.91 प्रतिशत मतदान रहा।
नगर निगमों में 10.71 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 6.41 लाख ने वोट डाला। नगर परिषदों में 22.87 लाख से अधिक मतदाताओं में से लगभग 14.88 लाख मत पड़े। नगर पंचायतों में 1.41 लाख मतदाताओं में से 1.07 लाख से अधिक ने मतदान किया।
हिंसा और बूथ कैप्चरिंग के आरोप
मतदान के दिन कई स्थानों पर विभिन्न दलों के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं और बूथ कैप्चरिंग के आरोप भी सामने आए। रायकोट के वार्ड 4 से कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर कथित तौर पर कुछ लोगों के समूह ने धारदार हथियारों से हमला किया।
बरनाला में वार्ड 15 से BJP उम्मीदवार दीपेंद्र कौर के पति पर कथित तौर पर फर्जी मतदान का विरोध करने के बाद हमला किया गया। मुक्तसर जिले के गिद्दरबाहा में वार्ड 18 और 19 में AAP और SAD समर्थकों के बीच भी झड़प की खबरें आईं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने हिंसा की घटनाओं की कड़ी निंदा की और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर AAP सरकार पर निशाना साधा। आलोचकों का कहना है कि चुनाव के दौरान हुई इन घटनाओं से पंजाब में शासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
आगे क्या
मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आने के बाद स्पष्ट होगा कि AAP अपनी सत्ता को नगर निकायों में भी मज़बूती से स्थापित कर पाती है या नहीं। गौरतलब है कि ये नतीजे सीधे तौर पर 2027 के विधानसभा चुनावों की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।