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पंजाब निकाय चुनाव 2026: 1,896 वार्डों में मतदान जारी, 35.45 लाख मतदाता 7,555 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे

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पंजाब निकाय चुनाव 2026: 1,896 वार्डों में मतदान जारी, 35.45 लाख मतदाता 7,555 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे

सारांश

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में 1,896 वार्डों और 8 नगर निगमों में मतदान जारी है। 35.45 लाख मतदाता, 7,555 उम्मीदवार और 32,000 पुलिसकर्मी — यह चुनाव AAP, BJP, कांग्रेस और अकाली दल सभी के लिए एक अहम राजनीतिक थर्मामीटर है।

मुख्य बातें

पंजाब के 1,896 वार्डों में 26 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान।
कुल 35.45 लाख मतदाता — 18,33,712 पुरुष , 17,11,635 महिलाएँ और 220 अन्य ।
मैदान में 7,555 उम्मीदवार : AAP के 1,801 , कांग्रेस के 1,550 , BJP के 1,316 , अकाली दल के 1,251 ।
चुनाव 8 नगर निगमों , 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों में हो रहे हैं।
32,000 पुलिसकर्मी और 35,000 चुनाव कर्मचारी तैनात; बैलेट पेपर से मतदान पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की।
BJP ने 2021 की तुलना में इस बार 1,593 उम्मीदवार उतारे — पार्टी के लिए संगठनात्मक विस्तार का संकेत।

पंजाब के 1,896 वार्डों में 26 मई 2026 को सुबह 8 बजे से नगर निकाय चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी (AAP) शासित इस राज्य में 35.45 लाख से अधिक मतदाता शाम 5 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह चुनाव 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख दलों के लिए एक अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।

मतदान का दायरा और सुरक्षा व्यवस्था

राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए 32,000 पुलिसकर्मी और 35,000 चुनाव कर्मचारी तैनात किए हैं। राज्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदान शुरू होने में कहीं से भी देरी की कोई सूचना नहीं मिली। मतदान सुबह 8 बजे शुरू होने से पहले ही मतदाता पोलिंग बूथों पर पहुँचने लगे थे।

ये चुनाव आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों में आयोजित हो रहे हैं। आठ नगर निगम अबोहर, मोहाली, मोगा, बठिंडा, बरनाला, बटाला, कपूरथला और पठानकोट में हैं।

उम्मीदवारों का ब्यौरा

चुनाव मैदान में कुल 7,555 उम्मीदवार हैं। दलवार विभाजन इस प्रकार है: आम आदमी पार्टी के 1,801, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के 1,550, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 1,316, शिरोमणि अकाली दल के 1,251, और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 96 उम्मीदवार। इसके अलावा 1,528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

मतदाताओं में 18,33,712 पुरुष, 17,11,635 महिलाएँ और अन्य श्रेणी में 220 मतदाता शामिल हैं।

हाईकोर्ट का फैसला और बैलेट पेपर विवाद

चुनाव से पहले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने के राज्य चुनाव आयोग के निर्णय को चुनौती दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि EVM से बैलेट पेपर पर जाने का यह निर्णय बिना किसी कानूनी संशोधन, विधायी मंजूरी या सार्वजनिक चर्चा के अचानक प्रशासनिक आदेश के ज़रिए लिया गया।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सरकार को चेतावनी दी कि स्थानीय निकाय चुनाव जीतने के लिए किसी भी अवैध तरीके का सहारा न लिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP नेताओं और विधायकों द्वारा मतदान केंद्रों के दरवाज़े बंद करने और बूथ कब्जाने जैसे बयान सरकार की बेचैनी को उजागर करते हैं।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं चुनाव प्रचार नहीं किया, लेकिन उनके मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने AAP उम्मीदवारों के लिए जोरदार प्रचार किया।

BJP की बढ़ती उपस्थिति और आगे की राह

BJP के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, फरवरी 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों की तुलना में इस बार पार्टी की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि 2021 में कई क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने में भी मुश्किल आई थी, जबकि इस बार बड़ी संख्या में लोग BJP टिकट के लिए आगे आए और कहीं भी पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।

BJP ने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए 1,226 उम्मीदवार और नगर निगम चुनावों के लिए 367 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। पार्टी का दावा है कि उसका जनाधार अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण पंजाब में भी उसकी पकड़ मजबूत हो रही है। मतगणना के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि BJP की रिकॉर्ड उम्मीदवारी यह दर्शाती है कि पार्टी पंजाब में 2022 की भारी हार के बाद ज़मीन पर वापस लौट रही है। गौरतलब है कि बैलेट पेपर पर हाईकोर्ट की टिप्पणी — कि यह निर्णय बिना विधायी मंजूरी के लिया गया — एक ऐसा सवाल उठाती है जिसका जवाब चुनाव आयोग को देना होगा। नतीजे चाहे जो हों, इन चुनावों का असली संदेश यह होगा कि क्या AAP का 'दिल्ली मॉडल' पंजाब के शहरी मतदाताओं को अभी भी लुभाता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब निकाय चुनाव 2026 में कितने वार्डों और मतदाताओं ने हिस्सा लिया?
पंजाब के 1,896 वार्डों में 26 मई 2026 को मतदान हुआ, जिसमें 35.45 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपना वोट डाला। इसमें 8 नगर निगम, 75 नगर परिषद और 20 नगर पंचायतें शामिल थीं।
पंजाब निकाय चुनाव में किन-किन दलों के उम्मीदवार हैं?
कुल 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं — AAP के 1,801, कांग्रेस के 1,550, BJP के 1,316, शिरोमणि अकाली दल के 1,251, BSP के 96, और 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार। यह पंजाब में अब तक के सबसे बहुकोणीय निकाय चुनावों में से एक है।
पंजाब निकाय चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल क्यों हुआ?
राज्य चुनाव आयोग ने EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला किया था। इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। हालाँकि, खंडपीठ ने यह भी कहा कि यह बदलाव बिना विधायी मंजूरी या सार्वजनिक चर्चा के अचानक प्रशासनिक आदेश से किया गया।
पंजाब निकाय चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं?
ये चुनाव 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सभी दलों के लिए जनमत का पहला बड़ा संकेत हैं। AAP के लिए यह शासन की स्वीकार्यता की परीक्षा है, जबकि BJP के लिए यह 2022 की हार के बाद संगठनात्मक पुनर्निर्माण का प्रमाण।
पंजाब निकाय चुनाव में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए?
राज्य चुनाव आयोग ने 32,000 पुलिसकर्मी और 35,000 चुनाव कर्मचारी तैनात किए। अधिकारियों के अनुसार मतदान शुरू होने में कहीं से भी देरी की कोई सूचना नहीं मिली।
राष्ट्र प्रेस
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