गुजरात निकाय चुनाव 2026: मतगणना जारी, BJP-AAP-कांग्रेस में कड़ी टक्कर
सारांश
Key Takeaways
- 28 अप्रैल 2026 को गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना जारी है, नतीजे आज घोषित होंगे।
- 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के नतीजे तय होंगे।
- कुल ९,००० से अधिक सीटों पर २६,००० से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे।
- नगर निगमों में सबसे कम ४९.०२%25 और तालुका पंचायतों में सर्वाधिक ६२.३८%25 मतदान हुआ।
- भाजपा, AAP और कांग्रेस तीनों दलों के प्रत्याशियों ने जीत का दावा किया है।
- मतदान 26 अप्रैल को ईवीएम के जरिए संपन्न हुआ था।
गांधीनगर, 28 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के लिए मंगलवार को मतगणना जारी है, जिसमें 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के नतीजे तय होंगे। 26 अप्रैल को हुए मतदान के बाद अब राज्य की सत्ता का जमीनी समीकरण स्पष्ट होने की कगार पर है।
मुख्य घटनाक्रम: किसने क्या कहा
सूरत महानगरपालिका से आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रत्याशी पायल सकारिया ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "2021 में जनता ने हमें विपक्ष की भूमिका सौंपी थी। लगातार पांच साल जनता का साथ मिला और इस बार लोग परिवर्तन के लिए तैयार थे।" उनका दावा है कि मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है।
वहीं भाजपा उम्मीदवार दीनानाथ महाजन ने आत्मविश्वास के साथ कहा, "वार्ड नंबर 23 की जनता ने आशीर्वाद दिया है। बीते 30 साल से भाजपा विकास कर रही है और इस बार सूरत नगर निगम की सभी 120 सीटें हमारी झोली में आएंगी।" उनका यह बयान भाजपा के पारंपरिक शहरी वर्चस्व की दावेदारी को दर्शाता है।
कांग्रेस प्रत्याशी अमित धानाणी ने कहा, "मैं मेयर के खिलाफ चुनाव लड़ रहा हूं। बीते पांच साल में भाजपा के कथित भ्रष्टाचार से तंग आकर जनता ने कांग्रेस को जिताने का मन बनाया है।" हालांकि इन आरोपों पर भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चुनाव का विशाल दायरा: ९,००० से अधिक सीटें दांव पर
यह गुजरात के इतिहास के सबसे बड़े जमीनी स्तर के चुनावी अभ्यासों में से एक है। ९,००० से अधिक सीटों पर मुकाबला हुआ, जिसके लिए ३२,७४८ नामांकन दाखिल किए गए थे। नाम वापसी के बाद २६,००० से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतरे, जबकि कई सीटों पर मतदान से पहले ही प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया था।
चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के अलावा निर्दलीय व छोटे दलों ने भी भागीदारी की। मतदान हजारों केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए संपन्न हुआ।
मतदान प्रतिशत: शहरी उदासीनता, ग्रामीण उत्साह
राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नगर निगमों में केवल ४९.०२ प्रतिशत मतदान हुआ, जो शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की अपेक्षाकृत कम रुचि को उजागर करता है। नगर पालिकाओं में यह आंकड़ा ५९.५० प्रतिशत रहा।
गौरतलब है कि ग्रामीण निकायों में मतदान की भागीदारी काफी बेहतर रही। जिला पंचायतों में ६१.६९ प्रतिशत और तालुका पंचायतों में ६२.३८ प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। ११ नगर पालिकाओं की १३ सीटों पर हुए उपचुनावों में ५५.३८ प्रतिशत मतदान रहा।
प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा इंतजाम
अधिकारियों ने बताया कि मतगणना के लिए सभी जिलों में कड़े सुरक्षा और प्रशासनिक प्रबंध किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में 2027 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में इन नतीजों को राजनीतिक दलों की जमीनी ताकत का पैमाना माना जा रहा है।
सभी केंद्रों पर गिनती पूरी होने के बाद ही आधिकारिक नतीजों की घोषणा की जाएगी। इन परिणामों से यह भी तय होगा कि AAP गुजरात में अपनी पैठ बना पाती है या भाजपा का पारंपरिक दबदबा बरकरार रहता है।