अयोध्या-मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस को PM मोदी की हरी झंडी, संत समाज ने बताया ऐतिहासिक कदम
सारांश
Key Takeaways
- PM नरेंद्र मोदी ने 28 अप्रैल 2025 को अयोध्या-मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई।
- महंत राजू दास, स्वामी महेश योगी, महंत सीताराम दास महाराज और वरुण दास महाराज ने इस कदम का स्वागत किया।
- संत समाज ने इसे अयोध्या की कनेक्टिविटी और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
- स्वामी महेश योगी ने बदलाव का श्रेय PM मोदी और CM योगी आदित्यनाथ को दिया।
- जनवरी 2024 में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अप्रैल 2025 को अयोध्या से मुंबई के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जिसे संत समाज ने क्षेत्र के विकास और धार्मिक पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है। महंत राजू दास, स्वामी महेश योगी, साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज और आर्य संत वरुण दास महाराज ने एकमत से कहा कि इस नई रेल सेवा से अयोध्या की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की यात्रा अधिक सुगम बनेगी।
महंत राजू दास की प्रतिक्रिया
महंत राजू दास ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर जोड़ने के प्रयास सराहनीय हैं। उनके अनुसार, इस ट्रेन सेवा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ पहुँच सकेंगे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार द्वारा बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के लिए उठाए गए कदमों से अयोध्या की पहचान और अधिक सशक्त हो रही है।
स्वामी महेश योगी का बयान
स्वामी महेश योगी ने अयोध्या को धर्म और आध्यात्म का केंद्र बताते हुए कहा कि लंबे समय तक यह नगरी उपेक्षित रही, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसका व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। स्वामी महेश योगी के अनुसार, अमृत भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से अयोध्या का जुड़ाव देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से मज़बूत होगा, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
महंत सीताराम दास महाराज और वरुण दास महाराज की प्रतिक्रिया
महंत सीताराम दास महाराज ने इसे सौभाग्य का दिन बताते हुए कहा कि इस ट्रेन के संचालन से मुंबई और अयोध्या के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कामना की कि देश में सनातन संस्कृति के प्रसार के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहें। वहीं, आर्य संत वरुण दास महाराज ने इस रेल सेवा को आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि अयोध्या आकर भगवान के दर्शन करना स्वयं में 'अमृत' के समान है — और अब अधिक से अधिक लोग इस अनुभव का लाभ उठा सकेंगे।
अयोध्या के विकास में रेल कनेक्टिविटी की भूमिका
गौरतलब है कि जनवरी 2024 में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में अयोध्या-मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत बढ़ती माँग को देखते हुए एक समयोचित कदम मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब केंद्र और राज्य सरकार दोनों अयोध्या को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में जुटी हैं।
आगे की राह
संत समाज के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में अयोध्या को देश के अन्य प्रमुख शहरों से भी इसी तरह की सीधी रेल सेवाओं से जोड़ा जाएगा। अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत को धार्मिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।