राजस्थान निकाय चुनाव: BJP का 'संकल्प पत्र' जारी, 309 नगर निकायों में जीत का दावा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2 सितंबर 2026 को जयपुर में राजस्थान के आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए अपना 'संकल्प पत्र' जारी किया, जिसमें शहरी विकास की व्यापक रूपरेखा पेश की गई है। पार्टी ने 10 नगर निगमों सहित प्रदेश के कुल 309 नगर निकायों में बहुमत सीटें जीतने का दावा किया है। BJP नेताओं ने इसे 'ट्रिपल इंजन' सरकार की दिशा में अगला कदम बताया।
संकल्प पत्र में क्या है
BJP नेता मंजू शर्मा ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने इस बार 'घोषणापत्र' की जगह जानबूझकर 'संकल्प पत्र' नाम चुना है, ताकि वादों की जवाबदेही तय हो सके। दस्तावेज़ में पुरानी सीवरेज लाइनों को बदलकर नई लाइनें बिछाने, पेयजल व्यवस्था में सुधार, खराब सड़कों के पुनर्निर्माण, 24 घंटे बिजली आपूर्ति, मेट्रो विस्तार, और नए मेडिकल व शिक्षा संस्थान स्थापित करने के संकल्प शामिल हैं।
इसके अलावा, जहाँ मकानों के निकट से बिजली के तार गुज़र रहे हैं, वहाँ केबल लाइन बिछाने, जलभराव रोकने के लिए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और बच्चियों की सुविधा के लिए 'पिंक टॉयलेट' बनाने का भी संकल्प लिया गया है। अंडरपास, ओवरब्रिज और नई सड़कों से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी इस रोडमैप में शामिल है। संकल्प पत्र जारी करने के साथ-साथ BJP सरकार के लगभग ढाई वर्षों के विकास कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई।
ट्रिपल इंजन सरकार का दावा
BJP नेता हरीश द्विवेदी ने कहा कि केंद्र और राज्य में पार्टी की सरकार के बाद अब स्थानीय निकायों में भी BJP की जीत से विकास की गति तेज़ होगी। उन्होंने तर्क दिया कि तीनों स्तरों पर एक ही पार्टी की सरकार होने से योजनाओं का क्रियान्वयन तेज़ और निर्बाध होगा। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में BJP सरकार को ढाई वर्ष पूरे हो चुके हैं और स्थानीय निकाय चुनाव पार्टी के लिए एक अहम जनादेश परीक्षण माने जा रहे हैं।
जोधपुर संभाग के संदर्भ में BJP नेता भूपेंद्र सैनी ने बताया कि संभाग में अब तक 13 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मजबूत कार्यकर्ताओं को टिकट दिए हैं और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में बूथ स्तर तक संगठन सक्रिय है।
कांग्रेस पर BJP का पलटवार
भीलवाड़ा में कांग्रेस के करीब 30 उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न कथित तौर पर समय पर जमा न होने और इसके लिए सरकार पर आरोप लगाए जाने के सवाल पर मदन राठौड़ ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को नामांकन के साथ ही चुनाव चिह्न जमा करने चाहिए थे और समय रहते प्रक्रिया पूरी करने से किसी ने नहीं रोका था। राठौड़ ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और BJP चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करती।
मंजू शर्मा ने इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष अक्सर अपनी चूक की जिम्मेदारी सरकार या चुनाव आयोग पर डालता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोपों से चुनावी प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा और पार्टी विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी। गौरतलब है कि कांग्रेस ने इन आरोपों के जवाब में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
आगे क्या होगा
राजस्थान के 309 नगर निकायों में मेयर और चेयरमैन पदों के लिए चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होने हैं। BJP ने दावा किया है कि वह अधिकांश सीटों पर अपने प्रत्याशी जिताने में सफल होगी। चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार का दावा जनता के बीच कितना प्रभावी साबित होता है और क्या संकल्प पत्र में किए गए वादे मतदाताओं को आकर्षित कर पाते हैं।