राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा का वादा — 7 लाख घरों को पीएनजी कनेक्शन, शहरों में 24 घंटे बिजली
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2 सितंबर 2026 को जयपुर में राजस्थान के आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपना 'शहरी विकास संकल्प पत्र' जारी किया। इस दस्तावेज़ में राज्य के 7 लाख घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने, शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे घरेलू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और पेयजल संकट से जूझ रहे नगर निकायों में जलापूर्ति सुधारने के प्रमुख वादे किए गए हैं। यह संकल्प पत्र पार्टी के राज्य मुख्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की उपस्थिति में जारी किया गया।
संकल्प पत्र में क्या है
भाजपा ने इस दस्तावेज़ को जानबूझकर 'घोषणा-पत्र' की जगह 'संकल्प पत्र' नाम दिया है। मुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि घोषणा-पत्र केवल ऐलान करता है, जबकि संकल्प पत्र काम पूरा करने की प्रतिबद्धता होती है। पार्टी के अनुसार यह दस्तावेज़ राजस्थान की जनता के प्रति पाँच वर्षों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
संकल्प पत्र में वार्ड को शहरी विकास की बुनियादी इकाई घोषित किया गया है — यानी हर वार्ड स्तर पर विकास की योजना बनाई और लागू की जाएगी। राज्य स्तरीय दस्तावेज़ के अलावा, पार्टी अलग-अलग नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य शहरी निकायों के लिए स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर अलग-अलग संकल्प पत्र भी जारी करेगी।
मुख्य वादे
भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल हैं — राजस्थान भर में 7 लाख घरों को पीएनजी कनेक्शन; शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे निर्बाध घरेलू बिजली आपूर्ति; पानी की कमी वाले निकायों में पेयजल आपूर्ति का सुधार; शहरी बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के उपाय; और हर नगर निकाय के लिए स्थानीय संकल्प पत्र।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर राजनीतिक निशाना साधते हुए 'एक राज्य, एक चुनाव' के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस प्रस्ताव की घोषणा पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने टिप्पणी की थी कि 'मेरे चाचा भी ऐसा नहीं कर पाएंगे।' शर्मा ने कहा कि अब जनता खुद देखे कि कौन से 'चाचा' इसे हकीकत बना रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि जनता को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गारंटी पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, 'हम जो कहते हैं, वह करते हैं। हम इस संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' राठौड़ ने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार के कार्यों की तुलना पिछली सरकारों के रिकॉर्ड से की जाएगी और जनता इतिहास को जानती-समझती है।
समिति और प्रक्रिया
यह संकल्प पत्र तैयार करने के लिए भाजपा ने 2 अगस्त को 13 सदस्यीय चुनाव घोषणापत्र समिति का गठन किया था। इस समिति में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी, पूर्व सांसद संतोष अहलावत और राजेंद्र कुमार गहलोत, राज्य महासचिव श्रवण सिंह बागड़ी, पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता और जयपुर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर समेत अन्य सदस्य शामिल थे। पार्टी के अनुसार, समिति ने 30 दिनों के भीतर विचार-विमर्श कर यह दस्तावेज़ तैयार किया।
आगे क्या होगा
राज्य स्तरीय संकल्प पत्र जारी होने के बाद, भाजपा अब अलग-अलग नगर निगमों, नगर पालिकाओं और शहरी निकायों के लिए स्थानीय ज़रूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार अलग-अलग संकल्प पत्र तैयार कर जारी करेगी। गौरतलब है कि राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव निकट हैं और सत्तारूढ़ भाजपा इन वादों को अपनी चुनावी रणनीति का केंद्र बना रही है।