राजस्थान: 45 दिनों में 43,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का बड़ा लक्ष्य

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राजस्थान: 45 दिनों में 43,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का बड़ा लक्ष्य

सारांश

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 45 दिनों में 43,000 घरों को पीएनजी से जोड़ने का सख्त लक्ष्य तय किया है — यानी हर दिन 1,000 कनेक्शन। राज्य में पहले से 1,53,000 घर जुड़े हैं और यह अभियान एलपीजी-मुक्त क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक निर्णायक धक्का है।

मुख्य बातें

श्रीनिवास ने 45 दिनों में 43,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया।
प्रतिदिन औसतन 1,000 कनेक्शन देना अनिवार्य किया गया; समयसीमा जून 2026 के अंत तक।
बैठक में राजस्थान के सभी 13 सीजीडी निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
राज्य में अब तक 490 सीएनजी स्टेशन और 1,53,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
1,380 वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयाँ भी पहले से पीएनजी से जुड़ी हैं।
सोशल मीडिया अभियान और कनेक्शन शिविरों के ज़रिए जन जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 15 मई 2026 को राज्य के सभी 13 शहरी गैस वितरण (सीजीडी) निकायों को पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन वितरण की रफ़्तार तेज़ करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने अगले 45 दिनों यानी जून 2026 के अंत तक 43,000 घरों को पीएनजी के दायरे में लाने और प्रतिदिन औसतन 1,000 कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया।

बैठक में क्या हुआ

जयपुर स्थित सचिवालय के 'चिंतन कक्ष' में आयोजित राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जहाँ पाइपलाइन का बुनियादी ढाँचा पहले से बिछा हुआ है, वहाँ के घरों को तत्काल प्राथमिकता दी जाए। बैठक में सभी 13 सीजीडी निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव

श्रीनिवास ने रेखांकित किया कि केंद्र और राज्य सरकारें दोनों मिलकर एलपीजी से पीएनजी में रूपांतरण और 'एलपीजी-मुक्त क्षेत्रों' के विकास को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी के प्रमुख लाभों — चौबीसों घंटे आपूर्ति, सिलेंडर बुकिंग की झंझट से मुक्ति, घर बैठे सुविधा, सुरक्षा और किफ़ायत — के बारे में व्यापक जन जागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जागरूकता अभियान और कनेक्शन शिविर

मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए गहन जागरूकता अभियान चलाने और घरों में पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए कनेक्शन शिविरों के आयोजन का आह्वान किया। यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन अपनाने की रफ़्तार राष्ट्रीय लक्ष्यों से पीछे बनी हुई है।

राजस्थान में पीएनजी-सीएनजी की मौजूदा स्थिति

राज्य में अब तक 490 सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1,380 वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयों तथा 1,53,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। नए लक्ष्य के पूरा होने पर यह संख्या 1,96,000 से अधिक हो जाएगी — जो मौजूदा आधार से करीब 28% की वृद्धि होगी।

आगे की राह

मुख्य सचिव ने सरकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप घरेलू पाइप गैस कनेक्शनों के क्रियान्वयन में और तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया। गौरतलब है कि जून 2026 की समयसीमा से पहले प्रत्येक सीजीडी निकाय के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी, जो इस अभियान की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 कनेक्शन का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ पाइपलाइन बुनियादी ढाँचा अभी अधूरा है। राजस्थान में 1,53,000 घरों तक पहुँचने में वर्षों लगे, और अब 45 दिनों में 43,000 जोड़ने की बात हो रही है — यह औसत रफ़्तार से कई गुना अधिक है। सीजीडी निकायों की जवाबदेही तय करना सही कदम है, लेकिन बिना सार्वजनिक प्रगति-रिपोर्ट के यह लक्ष्य महज़ प्रशासनिक घोषणा बनकर रह सकता है। एलपीजी-मुक्त क्षेत्रों की नीति तभी सफल होगी जब अंतिम छोर तक पाइपलाइन पहुँचे — और उसकी जाँच का तंत्र पारदर्शी हो।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में पीएनजी कनेक्शन का 45 दिनों का लक्ष्य क्या है?
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जून 2026 के अंत तक 43,000 घरों को पीएनजी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है, यानी प्रतिदिन औसतन 1,000 कनेक्शन। यह निर्देश जयपुर में राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक में दिया गया।
राजस्थान में अब तक कितने घरों को पीएनजी कनेक्शन मिल चुका है?
राज्य में अब तक 1,53,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 1,380 वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयाँ और 490 सीएनजी स्टेशन भी स्थापित हैं।
पीएनजी कनेक्शन एलपीजी सिलेंडर से बेहतर क्यों माना जाता है?
पीएनजी में चौबीसों घंटे गैस आपूर्ति होती है, सिलेंडर बुकिंग और बदलवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती, और यह दीर्घकालिक रूप से अधिक किफ़ायती व सुरक्षित है। सरकार इसी वजह से एलपीजी-मुक्त क्षेत्र विकसित करने पर ज़ोर दे रही है।
राजस्थान में सीजीडी निकाय कितने हैं और उनकी भूमिका क्या है?
राजस्थान में कुल 13 शहरी गैस वितरण (सीजीडी) निकाय हैं, जो घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों तक पाइपलाइन गैस पहुँचाने के लिए ज़िम्मेदार हैं। सभी 13 निकायों के प्रतिनिधि मुख्य सचिव की बैठक में उपस्थित रहे।
पीएनजी कनेक्शन अभियान को तेज़ करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया के ज़रिए जन जागरूकता अभियान और कनेक्शन शिविरों के आयोजन का निर्देश दिया है। जहाँ पाइपलाइन का ढाँचा पहले से तैयार है, वहाँ कनेक्शन देने को प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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