राजस्थान: 45 दिनों में 43,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का बड़ा लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 15 मई 2026 को राज्य के सभी 13 शहरी गैस वितरण (सीजीडी) निकायों को पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन वितरण की रफ़्तार तेज़ करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने अगले 45 दिनों यानी जून 2026 के अंत तक 43,000 घरों को पीएनजी के दायरे में लाने और प्रतिदिन औसतन 1,000 कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया।
बैठक में क्या हुआ
जयपुर स्थित सचिवालय के 'चिंतन कक्ष' में आयोजित राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जहाँ पाइपलाइन का बुनियादी ढाँचा पहले से बिछा हुआ है, वहाँ के घरों को तत्काल प्राथमिकता दी जाए। बैठक में सभी 13 सीजीडी निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव
श्रीनिवास ने रेखांकित किया कि केंद्र और राज्य सरकारें दोनों मिलकर एलपीजी से पीएनजी में रूपांतरण और 'एलपीजी-मुक्त क्षेत्रों' के विकास को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी के प्रमुख लाभों — चौबीसों घंटे आपूर्ति, सिलेंडर बुकिंग की झंझट से मुक्ति, घर बैठे सुविधा, सुरक्षा और किफ़ायत — के बारे में व्यापक जन जागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जागरूकता अभियान और कनेक्शन शिविर
मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए गहन जागरूकता अभियान चलाने और घरों में पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए कनेक्शन शिविरों के आयोजन का आह्वान किया। यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन अपनाने की रफ़्तार राष्ट्रीय लक्ष्यों से पीछे बनी हुई है।
राजस्थान में पीएनजी-सीएनजी की मौजूदा स्थिति
राज्य में अब तक 490 सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1,380 वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयों तथा 1,53,000 घरों को पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। नए लक्ष्य के पूरा होने पर यह संख्या 1,96,000 से अधिक हो जाएगी — जो मौजूदा आधार से करीब 28% की वृद्धि होगी।
आगे की राह
मुख्य सचिव ने सरकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप घरेलू पाइप गैस कनेक्शनों के क्रियान्वयन में और तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया। गौरतलब है कि जून 2026 की समयसीमा से पहले प्रत्येक सीजीडी निकाय के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी, जो इस अभियान की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।