19 जुलाई 2026
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राजस्थान 2027 तक बिजली में आत्मनिर्भर: CM भजनलाल शर्मा का बड़ा लक्ष्य, बाहरी खरीद 8% से घटकर 2%

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राजस्थान 2027 तक बिजली में आत्मनिर्भर: CM भजनलाल शर्मा का बड़ा लक्ष्य, बाहरी खरीद 8% से घटकर 2%

सारांश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 2027 तक राजस्थान को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। बाहरी बिजली खरीद एक साल में 8% से घटकर 2% रह गई और 2 जून को तापीय संयंत्रों ने 7,171 मेगावाट का रिकॉर्ड उत्पादन किया। 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने वाली योजना अब बाकी जिलों तक भी पहुंचाई जाएगी।

मुख्य बातें

CM भजनलाल शर्मा ने 2027 तक राजस्थान को बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया।
2 जून को राज्य के तापीय बिजलीघरों ने 7,171 मेगावाट का रिकॉर्ड उत्पादन किया।
बाहरी स्रोतों से बिजली खरीद मई 2025 के 8% से घटकर मई 2026 में 2% रह गई।
ढाई वर्षों में 60 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित; 151 पर कार्य जारी; 33 केवी के 444 सब-स्टेशन चालू।
किसानों को दिन में बिजली अब 26 जिलों में, शेष जिलों तक विस्तार की तैयारी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 3 जून को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य को वर्ष 2027 तक बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान को सिर्फ बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि देश के अग्रणी बिजली उत्पादक राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में तीव्र गति से काम हो।

मुख्य निर्देश और कार्ययोजना

शर्मा ने बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था के प्रभावी प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि किसानों, उद्योगों और आम जनता को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तय कार्ययोजनाओं का पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ पालन करने तथा राज्य के बिजली ढांचे को मजबूत करने वाले सभी कार्यों में तेजी लाने को कहा।

किसानों को दिन में बिजली

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की सुविधा चालू है, जिसे जल्द से जल्द शेष जिलों तक विस्तारित किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर योजना का अधिकतम लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।

उत्पादन में रिकॉर्ड, बाहरी निर्भरता घटी

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि 2 जून को राज्य के तापीय बिजलीघरों ने 7,171 मेगावाट का रिकॉर्ड उत्पादन किया। मई 2025 में राजस्थान को अपनी कुल बिजली जरूरत का करीब 8 प्रतिशत हिस्सा बाहरी स्रोतों से खरीदना पड़ता था, जो मई 2026 में घटकर मात्र 2 प्रतिशत रह गया है — यह आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस संकेत माना जा रहा है।

ग्रिड सब-स्टेशन का विस्तार

अधिकारियों के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी क्षमता के 60 ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 151 नए GSS पर कार्य जारी है। इसी अवधि में 33 केवी क्षमता के 444 सब-स्टेशन शुरू हो चुके हैं और 211 अन्य का निर्माण प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने जोधपुर डिस्कॉम में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत शेष कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने और उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को तकनीक-आधारित बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, ऊर्जा सचिव आरती डोगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आने वाले महीनों में राज्य की निगाहें इन परियोजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी पर टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली परीक्षा पीक डिमांड के महीनों — मई-जून और रबी सीज़न — में स्थिर आपूर्ति की होगी, जब राजस्थान ऐतिहासिक रूप से बाहरी निर्भरता पर मजबूर रहा है। 2027 की समयसीमा महत्वाकांक्षी है, क्योंकि 151 नए GSS और RDSS के अधूरे कार्य अभी निर्माण चरण में हैं। कुसुम और सूर्य घर जैसी योजनाओं की सफलता आख़िरकार उपभोक्ता-स्तर पर नामांकन और बिल-कमी के मापन-योग्य परिणामों से तय होगी, न कि बैठकों के संकल्पों से। अगले 18 महीनों में डिस्कॉम के घाटे का ट्रैजेक्टरी असली पैमाना बनेगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान कब तक बिजली में आत्मनिर्भर बनेगा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2027 तक राजस्थान को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण ढाँचे में तेज़ी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान की बाहरी बिजली खरीद में कितनी कमी आई है?
मई 2025 में राजस्थान अपनी कुल बिजली जरूरत का करीब 8% हिस्सा बाहरी स्रोतों से खरीद रहा था, जो मई 2026 में घटकर मात्र 2% रह गया है। यह आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी प्रगति मानी जा रही है।
किसानों को दिन में बिजली देने वाली योजना कितने जिलों में लागू है?
वर्तमान में यह सुविधा राज्य के 26 जिलों में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इसे जल्द से जल्द बाकी जिलों तक विस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य में कितने नए ग्रिड सब-स्टेशन बने हैं?
पिछले ढाई वर्षों में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी क्षमता के 60 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जबकि 151 पर कार्य जारी है। साथ ही 33 केवी क्षमता के 444 सब-स्टेशन चालू हो चुके हैं और 211 अन्य निर्माणाधीन हैं।
बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे?
बैठक में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और ऊर्जा सचिव आरती डोगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
राष्ट्र प्रेस
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