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राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब बनेगा: अश्विनी वैष्णव, भिवाड़ी में पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर शुरू

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राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब बनेगा: अश्विनी वैष्णव, भिवाड़ी में पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर शुरू

सारांश

राजस्थान सिर्फ निवेश की बात नहीं कर रहा — भिवाड़ी में 50 एकड़ का सेमीकंडक्टर क्लस्टर ज़मीन पर उतर चुका है। 20 कंपनियों से ₹1,200 करोड़ के प्रस्ताव और सालाना 6 करोड़ चिप्स के उत्पादन लक्ष्य के साथ, राज्य का 'ट्रिपल-एस फैक्टर' — सिलिका, कौशल, सौर ऊर्जा — इसे वैश्विक चिप दौड़ में भारत का नया दांव बना रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 23 मई 2026 को जयपुर में राजस्थान को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की संभावना रेखांकित की।
केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 450 कारखानों के लिए मार्ग प्रशस्त किया; ECMS के तहत एक वर्ष में 75 कारखाने मंजूर।
राजस्थान के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन भिवाड़ी में हुआ — 50 एकड़ में फैला, सालाना 6 करोड़ चिप्स उत्पादन का लक्ष्य।
क्लस्टर ने 20 कंपनियों से ₹1,200 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए।
भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन ₹76,000 करोड़ से अधिक के प्रोत्साहन पैकेज के साथ आगे बढ़ रहा है।
RIPS 2024 के तहत सेमीकंडक्टर परियोजनाओं पर सावधि ऋणों में 5% तक ब्याज सब्सिडी।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 23 मई 2026 को जयपुर में कहा कि राजस्थान में देश का प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनने की असाधारण क्षमता मौजूद है। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संवाद में उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए उन्होंने निवेशकों से राजस्थान में आत्मविश्वास के साथ इकाइयाँ स्थापित करने का आह्वान किया।

मुख्य घटनाक्रम

वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 450 कारखानों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण योजना (ECMS) के अंतर्गत मात्र एक वर्ष में 75 कारखानों को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए बजटीय सहायता भी बढ़ा दी है।

मंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकारें इस क्षेत्र के विकास में पूरा सहयोग देंगी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।

राजस्थान का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि राजस्थान के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन इसी माह भिवाड़ी में किया गया। 50 एकड़ में फैले इस संयंत्र से प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ चिप्स के उत्पादन की उम्मीद है।

क्लस्टर ने पहले ही 20 कंपनियों से ₹1,200 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब स्वदेशी सेमीकंडक्टर उत्पादन में सक्षम चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है।

भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन और नीतिगत ढाँचा

शर्मा ने रेखांकित किया कि ₹76,000 करोड़ से अधिक के प्रोत्साहन पैकेज के साथ भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। दूरसंचार, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी — सभी क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर चिप्स की माँग लगातार बढ़ रही है।

राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति और राजस्थान औद्योगिक विकास नीति को एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 के तहत उद्योगों को वित्तीय और अवसंरचनात्मक सहायता दी जा रही है, जिसमें भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पूंजी सब्सिडी और सावधि ऋणों पर 5% तक की ब्याज सब्सिडी शामिल है।

राजस्थान का 'ट्रिपल-एस फैक्टर'

मुख्यमंत्री शर्मा ने राज्य की विशिष्ट क्षमताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राजस्थान का 'ट्रिपल-एस फैक्टर'सिलिका, कौशल और सौर ऊर्जा — सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक निर्णायक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मज़बूत सेमीकंडक्टर क्षमता विकसित करने वाले देशों और राज्यों का ही भविष्य उज्ज्वल होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला को लेकर देशों के बीच होड़ तेज़ हो रही है और भारत इस अवसर का लाभ उठाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।

आगे की राह

सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और रक्षा विनिर्माण परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन के साथ राजस्थान एक व्यापक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ रहा है। गौरतलब है कि यह पहल राज्य में रोज़गार सृजन और निवेश आकर्षण दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले महीनों में और निवेशकों के इस क्षेत्र में प्रवेश की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — विशेषकर तब, जब तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्य पहले से ही स्थापित इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र के साथ निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। भिवाड़ी क्लस्टर से ₹1,200 करोड़ के शुरुआती प्रस्ताव उत्साहजनक हैं, परंतु ₹76,000 करोड़ के राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन के सापेक्ष यह अभी प्रारंभिक चरण है। सवाल यह है कि RIPS 2024 की सब्सिडी संरचना वास्तव में उत्पादन को प्रोत्साहित करती है या केवल भूमि अधिग्रहण को — क्योंकि पिछले औद्योगिक प्रोत्साहन कार्यक्रमों में यही अंतर रोज़गार सृजन के वादों और वास्तविकता के बीच की खाई का कारण बना है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की क्या संभावनाएँ हैं?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, राजस्थान में सिलिका, कुशल जनशक्ति और सौर ऊर्जा की प्रचुरता के कारण यह देश का प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बन सकता है। राज्य में पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर भिवाड़ी में शुरू हो चुका है और 20 कंपनियों से ₹1,200 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं।
भिवाड़ी सेमीकंडक्टर क्लस्टर क्या है और इससे क्या उम्मीद है?
भिवाड़ी सेमीकंडक्टर क्लस्टर राजस्थान का पहला सेमीकंडक्टर उत्पादन संयंत्र है, जिसका उद्घाटन मई 2026 में हुआ। यह 50 एकड़ में फैला है और इससे प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ चिप्स के उत्पादन की उम्मीद है।
इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण योजना (ECMS) क्या है?
ECMS केंद्र सरकार की एक योजना है जिसके तहत इलेक्ट्रॉनिक घटकों के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत एक वर्ष के भीतर 75 कारखानों को मंजूरी दी गई है और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसकी बजटीय सहायता भी बढ़ाई है।
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 से सेमीकंडक्टर उद्योग को क्या लाभ मिलेगा?
RIPS 2024 के तहत सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और रक्षा विनिर्माण परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पूंजी सब्सिडी और सावधि ऋणों पर 5% तक की ब्याज सब्सिडी उपलब्ध है।
भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन कितना बड़ा है और राजस्थान इसमें कहाँ फिट होता है?
भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन ₹76,000 करोड़ से अधिक के प्रोत्साहन पैकेज के साथ देश को वैश्विक चिप निर्माण मानचित्र पर स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। राजस्थान इस मिशन में भिवाड़ी क्लस्टर और अपनी सेमीकंडक्टर नीति के ज़रिये एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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